पहले मैच में महज 47 सेकेंड खेल पाए थे मेसी
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लियोनेल मेसी को दुनिया का सबसे बेहतरीन फुटबॉलर माना जाता है। वे दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पांच बार फीफा बैलन डि ओर का खिताब जीता है।
तीन बार यूरोपीय गोल्डन शू का खिताब जीतने वाले वे इकलौते फुटबॉलर हैं, लेकिन ये उनका दुर्भाग्य ही रहा है कि वे अर्जेंटीना को कोई बड़ा खिताब नहीं दिला पाए।
कोपा अमरीका कप में मिली हार के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को भले संन्यास कहा हो लेकिन क्लब फुटबॉल में अभी भी उनका जादू देखने को मिलता रहेगा। मेसी के बारे में दस दिलचस्प बातों पर एक नजर।
मेसी भले ही अर्जेंटीना को चैंपियन के तौर पर नहीं देख पाए हों
मेसी भले ही अर्जेंटीना को चैंपियन के तौर पर नहीं देख पाए हों, लेकिन वे अर्जेंटीना के सबसे कामयाब फुटबॉलर रहे हैं। उन्होंने अपनी टीम के लिए 55 गोल किए। इतने गोल अर्जेंटीना की ओर से किसी ने नहीं किया है।
दुनिया को अपनी फुटबॉल की कलाकारी से दीवाना बनाने वाले मेसी बचपन में ग्रोथ हारमोन संबंधी बीमारी से ग्रसित थे। उनकी प्रतिरोधी क्षमता कम थी और आंखों की रोशनी कम हो रही थी। ऐसे में उन्हें बढ़ने के लिए बाहर से हारमोन लेने की जरूरत पड़ गई। उन्हें इसके लिए लगातार तीन सालों तक, सप्ताह के सातों दिन पांव में सुई लेनी पड़ी थी।
मेसी की फुटबॉल प्रतिभा को सबसे पहले बार्सिलोना ने पहचाना था। क्लब ने 13 साल की उम्र में मेसी से 14 दिसंबर, 2000 को अनुबंध किया था। मेसी अपने पिता के साथ बार्सिलोना के तकनीकी सचिव कार्लेस रेक्सेक से अनुबंध करने गए थे। खास बात ये है कि मेसी के साथ क्लब को करार करने की इतनी जल्दी थी कि ये अनुबंध एक नैपकिन पेपर पर लिखा गया था।
मेसी को बचपन से खाना बहुत पसंद रहा है। उन्हें तला हुआ बीफ, सुअर का मांस, चिकन, टमाटर, प्याज इत्यादि खाने में पसंद है।
मेसी को 2004 में स्पेन ने अपने देश की ओर से खेलने का ऑफर दिया था। लेकिन मेसी ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। उन्होंने तब तक अर्जेंटीना की ओर से खेलने की शुरुआत नहीं की थी।
18 साल की उम्र में मेसी 47 सेकेंड मैदान पर खेल पाए थे
अर्जेंटीना की ओर से मेसी ने अगस्त 2005 में हंगरी के खिलाफ अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। महज 18 साल की उम्र में मेसी पहले मैच में महज 47 सेकेंड मैदान पर खेल पाए थे, उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया था और वे मैच में आगे नहीं खेल पाए थे।
मेसी के पूर्वज इटालियन मूल के थे। उनके पूर्वज 1883 में अर्जेंटीना में आकर बसे। उनकी मां लेबनानी मूल की हैं।
मेसी का जन्म अर्जेंटीना के रोसारियो में हुआ था, यहीं पर चे ग्वारा का भी जन्म हुआ था।
मेसी फुटबॉल के मैदान से बाहर लोगों की सहायता के लिए काफी काम करते रहे हैं। उन्होंने लियो मेसी फाउंडेशन का गठन 2007 में किया था। उन्होंने अपने शहर में बच्चों का एक अस्पताल बनवाया हुआ है। सीरियाई बच्चों की सहायता के लिए उन्होंने 2013 में अपनी कुल कमाई का एक तिहाई हिस्सा दान दे दिया था।
मेसी के बेटे का जन्म 2 नवंबर, 2012 में हुआ था। थियागो के जन्म के महज 72 घंटे के अंदर उन्हें नेवले ओल्ड ब्वॉयज क्लब ने अनुबंधित किया है। थियागो के नाम का टैटू मेसी ने अपने पांव में गुदवाया हुआ है।