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यूथ ओलंपिक 2018: भारत को रजत पदक दिलाने वाले लक्ष्य को विरासत में मिला है बैडमिंटन 

Sat, 13 Oct 2018 07:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Sat, 13 Oct 2018 07:45 PM IST
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youth olympic 2018 indian badminton player lakshya sen profile
lakshya sen

अर्जेंटीना में आयोजित यूथ ओलंपिक में उत्तराखंड के लक्ष्य सेन ने शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक प्राप्त किया। वहीं लक्ष्य ने टीम इवेंट में स्वर्ण पदक प्राप्त किया है। 

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एशियन जूनियर चैंपियन लक्ष्य फाइनल में चीन के शीफेंग से पार नहीं पा सके। खिताबी मुकाबले में लक्ष्य को शीफेंग के हाथों 15-21, 19-21 से हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। पिछले दो मुकाबलों में लक्ष्य से मात खाने वाले शीफेंग ने शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
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पहला गेम आसानी से जीतने वाले शीफेंग को दूसरे गेम में लक्ष्य ने टक्कर दी पर जीत नहीं पाए। एक समय स्कोर 11-16 था लेकिन इसके बाद लक्ष्य ने जबरदस्त वापसी करते हुए पहले स्कोर 15-20, फिर16-20, 17-20, 18-20, 19-20 तक पहुंचा दिया। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार दो अंक जुटाकर मैच के साथ स्वर्ण पदक भी जीत लिया।
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लक्ष्य सेन के दादा सीएल सेन को अल्मोड़ा में बैडमिंटन का भीष्म पितामह कहा जाता है। उन्होंने कुछ दशक पहले अल्मोड़ा में बैडमिंटन की शुरुआत की और आज एक से बढ़कर एक खिलाड़ी अल्मोड़ा से निकलकर देश और दुनिया के पटल पर छा रहे हैं। लक्ष्य के पिता डीके सेन बैडमिंटन के जाने-माने कोच हैं और वर्तमान में प्रकाश पादुकोण अकादमी से जुड़े हैं।

होश संभालते ही लक्ष्य ने बैडमिंटन खेलना शुरू किया

पिता की देखरेख में लक्ष्य ने होश संभालते ही बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया और वह चार साल की उम्र में स्टेडियम जाने लगे। छह-सात साल की उम्र में ही उनका खेल देखकर लोग हैरान हो जाते थे। लक्ष्य की दसवीं तक की पढ़ाई अल्मोड़ा के बीरशिवा स्कूल में ही हुई। 

सभी लोगों का आभार: सेन 
लक्ष्य की सफलता के पीछे उनके कोच पिता डीके सेन की मेहनत का बहुत बड़ा योगदान है। लक्ष्य की सफलता से गदगद कोच पिता डीके सेन ने कहा कि जिन लोगों ने लक्ष्य को आगे बढ़ाने में सहयोग किया है वह सभी का आभार जताते हैं। उन्होंने खास तौर पर बैडमिंटन खिलाड़ी और कोच प्रकाश पादुकोण, विमल कुमार, ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट, स्पोर्ट्स ऑथारिटी ऑफ इंडिया, उत्तराखंड बैडमिंटन परिवार व हर्बल लाइफ का आभार जताया है। लक्ष्य की मां निर्मला भी लक्ष्य की सफलता से बेहद खुश हैं।

नाम    लक्ष्य सेन 
उम्र    17 साल 
पिता का नाम    डीके सेन  
माता का नाम    निर्मला सेन 
विजन    जोश और जज्बे के साथ खेलना 

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