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वाह! क्या बात है...मम्मी के तीन दुलारे, एकसाथ लिया जन्म, देखा मां का शौक फिर जुट गए इस काम में
Tue, 23 Jul 2019 03:19 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 23 Jul 2019 03:19 PM IST
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मां को तैराकी करता देख तीनों बेटे बने तैराक
- फोटो : अमर उजाला
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मां को तैराकी करते देख तीनों बेटे प्रभावित हुए और खुद भी बेहतरीन तैराक बन गए। खास बात यह है कि तीनों लड़कों ने एकसाथ ही जन्म लिया था। तीनों बेटों को एक साथ पाकर पूरा परिवार बेहद खुश था और आज ये बच्चे तैराकी में अपना जलवा दिखाकर मां व पिता का नाम रोशन कर रहे हैं।
कानपुर के स्वरूप नगर निवासी केमिकल कारोबारी सुमित गुप्ता के आठ वर्षीय पुत्र नयन, नित्यम, नैत्रिक तीनों तैराक हैं। तीनों बच्चे डीपीएस आजाद नगर में कक्षा तीन के छात्र हैं। सुमित की पत्नी रिचा गुप्ता भी तैराकी करती हैं, साथ ही घुड़सवारी भी सीखी है।
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कानपुर के स्वरूप नगर निवासी केमिकल कारोबारी सुमित गुप्ता के आठ वर्षीय पुत्र नयन, नित्यम, नैत्रिक तीनों तैराक हैं। तीनों बच्चे डीपीएस आजाद नगर में कक्षा तीन के छात्र हैं। सुमित की पत्नी रिचा गुप्ता भी तैराकी करती हैं, साथ ही घुड़सवारी भी सीखी है।
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मां को देखकर बच्चे काफी प्रभावित हुए और तैराकी करने का मन बना लिया। सुमित गुप्ता ने बताया कि 2018 में गैंजेज क्लब में बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण दिलाना शुरू किया था। प्रशिक्षक डॉ. भारत विधु आर्या बच्चों को बेहतर टिप्स देकर उन्हें बड़े स्तर का तैराक बना रहे हैं।
कुछ माह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सितंबर 2018 में गैंजेज क्लब में हुई प्रतियोगिता में नयन ने प्रथम, नित्यम ने द्वितीय व नैत्रिक ने पांचवां स्थान प्राप्त किया था। साथ ही तीनों बच्चों को साइकिलिंग का भी काफी शौक है। रोजाना करीब एक घंटे साइकिलिंग करते हैं।
कुछ माह प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सितंबर 2018 में गैंजेज क्लब में हुई प्रतियोगिता में नयन ने प्रथम, नित्यम ने द्वितीय व नैत्रिक ने पांचवां स्थान प्राप्त किया था। साथ ही तीनों बच्चों को साइकिलिंग का भी काफी शौक है। रोजाना करीब एक घंटे साइकिलिंग करते हैं।
बच्चों के अंदर कुछ करने का जुनून है, रोजाना तीनों बच्चे पूल पर घंटों कड़ा अभ्यास करते हैं। मुझे विश्वास है कि आने वाले समय में ये बेहतर तैराक बनेंगे और परिजनों का नाम रोशन करेंगे।
मैं तैराकी व घुड़सवारी दोनों करना जानती हूं। मेरे तीनों बच्चों को स्पोर्ट्स में काफी रुचि है। बच्चों ने स्कूल में पहले स्केटिंग सीखी थी। अब साइकिलिंग व स्विमिंग में रुचि दिखा रहे हैं।
- डॉ. भारत विधु आर्या, तैराकी प्रशिक्षक
मैं तैराकी व घुड़सवारी दोनों करना जानती हूं। मेरे तीनों बच्चों को स्पोर्ट्स में काफी रुचि है। बच्चों ने स्कूल में पहले स्केटिंग सीखी थी। अब साइकिलिंग व स्विमिंग में रुचि दिखा रहे हैं।
- रिचा गुप्ता, मां