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कानपुर की बेटी रंजना शूटिंग में नेशनल चैंपियन, दो कांस्य पदक जीत अमृता ने भी रोशन किया शहर का नाम
Wed, 01 May 2019 11:47 PM IST
प्रशांत कुमार
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Wed, 01 May 2019 11:47 PM IST
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रंजना गुप्ता व अमृता पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
इंदौर के महू में 14 से 29 अप्रैल तक आयोजित हुई 62वीं नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में कानपुर की शूटर रंजना गुप्ता 4 स्वर्ण व दो कांस्य पदक जीतकर नेशनल चैंपियन बन गई हैं। वहीं, शहर की दूसरी शूटर अमृता पांडेय ने दो कांस्य पदक जीतकर शहर का नाम रोशन किया है। दोनों ही शूटर पुलिस विभाग में तैनात हैं।
गुजैनी निवासी रंजना गुप्ता झांसी क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। रंजना ने सीनियर वर्ग में 300 मीटर प्रोन पोजिशन (लेट कर फायरिंग करना) व 300 मीटर थ्री पोजिशन (बैठकर, खडे़ होकर व लेट कर फायरिंग करना) की प्रतिस्पर्धां में हिस्सा लिया था। दोनों वर्गों में रंजना ने कुल चार स्वर्ण व दो कांस्य पदक जीतकर नेशनल चैंपियन बनने का खिताब जीता है।
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गुजैनी निवासी रंजना गुप्ता झांसी क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। रंजना ने सीनियर वर्ग में 300 मीटर प्रोन पोजिशन (लेट कर फायरिंग करना) व 300 मीटर थ्री पोजिशन (बैठकर, खडे़ होकर व लेट कर फायरिंग करना) की प्रतिस्पर्धां में हिस्सा लिया था। दोनों वर्गों में रंजना ने कुल चार स्वर्ण व दो कांस्य पदक जीतकर नेशनल चैंपियन बनने का खिताब जीता है।
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यशोदा नगर निवासी अमृता पांडेय झांसी पुलिस लाइन में हेड कांस्टेबल पद पर तैनात हैं। अमृता ने भी 300 मीटर प्रोन पोजिशन व थ्री पोजिशन की प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेकर दो कांस्य पदक जीते। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश से कुल 47 खिलाड़ियों के बीच दोनों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। दोनों की इस उपलब्धि पर परिजनों व शहर के शूटिंग खिलाड़ियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
अमृता पांडेय के मैच के दिन ही घर से खबर आई कि पिता रमेश पांडेय को अटैक पड़ा है और उन्हें रावतपुर स्थित हृदय रोग संस्थान में भर्ती कराया गया है। खबर सुनते ही अमृता अंदर से टूट गईं, मगर उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी और नारी सशक्तीकरण का उदाहरण पेश करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर शहर के लिए दो कांस्य पदक जीते। मैच खत्म होते ही अमृता इंदौर से सीधे कानपुर आ गईं।
अमृता पांडेय के मैच के दिन ही घर से खबर आई कि पिता रमेश पांडेय को अटैक पड़ा है और उन्हें रावतपुर स्थित हृदय रोग संस्थान में भर्ती कराया गया है। खबर सुनते ही अमृता अंदर से टूट गईं, मगर उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी और नारी सशक्तीकरण का उदाहरण पेश करते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर शहर के लिए दो कांस्य पदक जीते। मैच खत्म होते ही अमृता इंदौर से सीधे कानपुर आ गईं।