यूथ ओलंपिक 2018 में गोल्ड के 'लक्ष्य' से चूके सेन , फाइनल में चीन के ली शिफेंग जीते
उत्तराखंड के युवा शटलर लक्ष्य सेन का यूथ ओलंपिक खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाला पहला भारतीय शटलर बनने का सपना शुक्रवार को चकनाचूर हो गया।
एशियन जूनियर चैंपियन लक्ष्य फाइनल में चीन के शीफेंग से पार नहीं पा सके। खिताबी मुकाबले में लक्ष्य को शीफेंग के हाथों 15-21, 19-21 से हारकर रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। पिछले दो मुकाबलों में लक्ष्य से मात खाने वाले शीफेंग ने शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया।
पहला गेम आसानी से जीतने वाले शीफेंग को दूसरे गेम में लक्ष्य ने टक्कर दी पर जीत नहीं पाए। एक समय स्कोर 11-16 था लेकिन इसके बाद लक्ष्य ने जबरदस्त वापसी करते हुए पहले स्कोर 15-20, फिर16-20, 17-20, 18-20, 19-20 तक पहुंचा दिया। इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार दो अंक जुटाकर मैच के साथ स्वर्ण पदक भी जीत लिया।
बैडमिंटन स्पर्धा में रजत जीतने वाले दूसरी भारतीय शटलर लक्ष्य
लक्ष्य इन खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में रजत जीतने वाले दूसरी भारतीय शटलर हैं। उनसे पहले एचएस प्रणॉय ने 2010 में सिंगापुर में हुए पहले यूथ ओलिंपिक खेलों में रजत पदक जीता था।
सेमीफाइनल में कोडाई को हराया : इससे पहले लक्ष्य ने सेमीफाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 14-21, 21-15, 24-22 से पराजित किया। लक्ष्य की यह जापानी खिलाड़ी कोडाई पर तीन मैचों में पहली जीत थी। इसी साल वियतनाम ओपन और 2017 जूनियर विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में लक्ष्य को कोडाई से मात मिली थी।
लक्ष्य ने सेमीफाइनल से पहले सभी मुकाबले सीधे गेमों में जीते थे। पहले दौर में उन्होंने मिस्र के कमेल को 21-14, 21-16 से, दूसरे दौर में यूक्रेन के बोस्निउक को 23-21, 21- 8 से, प्री क्वार्टर में ब्राजील के फ्रिंस को 21-6, 21-16 से और क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के रुमबे को 21-17, 21-19 से मात दी थी।