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Karate instructor Jail: कराटे शिक्षक ने 12 साल की बच्ची के साथ किया घिनौना काम, हुई 10 साल की जेल
Mon, 06 Feb 2023 01:36 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मंगलुरु
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मंगलुरु
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 06 Feb 2023 01:36 PM IST
सार
मंगलुरु के एक कराटे शिक्षक ने 12 साल की लड़की के साथ यौन शोषण किया था। इस मामले में शिक्षक को 10 साल तक जेल की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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यौन शोषण के आरोपी शिक्षक को जेल
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
नाबालिग लड़की से यौन शोषण के मामले में मंगलुरू के एक कराटे शिक्षक को 10 साल की कैद की सजा सुनाई गई है। उडुपी की अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत और फास्ट ट्रैक पॉक्सो अदालत ने कराटे प्रशिक्षक को 12 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न करने का दोषी पाया। इसके बाद इस शिक्षक को 10 साल के सश्रम कारावास और कुल 22,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
प्रशिक्षक ने पदुबिदरी में कराटे सीखने आने वाली नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया था। अदालत के न्यायाधीश श्रीनिवास सुवर्णा ने आरोपी उमेश बंगेरा को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह और आईपीसी की धारा 376 के तहत अपराध के लिए 10 साल के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
कराटे प्रशिक्षक को आईपीसी की धारा 506 और पोक्सो अधिनियम की धारा आठ के तहत अपराध के लिए एक साल के साधारण कारावास और प्रत्येक पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जज ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, उमेश बंगेरा ने 12 फरवरी, 2020 को पदुबिदरी में कराटे की कक्षा के बाद लड़की के साथ दुष्कर्म किया। 27 सितंबर 2020 को बंगेरा ने लड़की की मां को फोन किया और अपनी बेटी को क्लास के लिए भेजने को कहा। छात्रा ने क्लास में जाने से मना कर दिया और यौन उत्पीड़न के बारे में अपनी मां को बताया।
पुलिस के साथ उसकी शिकायत के बाद, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक महेश प्रसाद ने बंगेरा को गिरफ्तार कर लिया और आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की। विशेष लोक अभियोजक वाई टी राघवेंद्र ने अदालत के समक्ष 13 गवाहों का परीक्षण किया। इसके बाद आरोपी को सजा सुनाई गई है।
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प्रशिक्षक ने पदुबिदरी में कराटे सीखने आने वाली नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया था। अदालत के न्यायाधीश श्रीनिवास सुवर्णा ने आरोपी उमेश बंगेरा को पॉक्सो अधिनियम की धारा छह और आईपीसी की धारा 376 के तहत अपराध के लिए 10 साल के सश्रम कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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कराटे प्रशिक्षक को आईपीसी की धारा 506 और पोक्सो अधिनियम की धारा आठ के तहत अपराध के लिए एक साल के साधारण कारावास और प्रत्येक पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जज ने कहा कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, उमेश बंगेरा ने 12 फरवरी, 2020 को पदुबिदरी में कराटे की कक्षा के बाद लड़की के साथ दुष्कर्म किया। 27 सितंबर 2020 को बंगेरा ने लड़की की मां को फोन किया और अपनी बेटी को क्लास के लिए भेजने को कहा। छात्रा ने क्लास में जाने से मना कर दिया और यौन उत्पीड़न के बारे में अपनी मां को बताया।
पुलिस के साथ उसकी शिकायत के बाद, तत्कालीन पुलिस निरीक्षक महेश प्रसाद ने बंगेरा को गिरफ्तार कर लिया और आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की। विशेष लोक अभियोजक वाई टी राघवेंद्र ने अदालत के समक्ष 13 गवाहों का परीक्षण किया। इसके बाद आरोपी को सजा सुनाई गई है।