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भारतीय निशानेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन: पदक की दौड़ से बाहर, ओलंपिक कोटा हासिल करने की उम्मीदों को झटका
Wed, 04 Nov 2026 08:05 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दोहा
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 04 Nov 2026 08:05 PM IST
सार
- भारतीय निशानेबाजों का दोहा में जारी आईएसएसएफ विश्व कप में प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
- भारतीय निशानेबाज पदक की दौड़ से बाहर हो गए जिससे ओलंपिक कोटा हासिल करने की उम्मीदों को झटका लगा।
- वहीं, शांभवी क्षीरसागर को अयोग्य घोषित किया गया जिससे भारत संभावित महिला टीम पदक से चूक गया।
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हिमांशु ढिल्लों
- फोटो : ISSF
विस्तार
भारतीय निशानेबाजों को आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप में एक और निराशाजनक दिन का सामना करना पड़ा। भारतीय खिलाड़ी 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम और 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धाओं में पदक की दौड़ से बाहर हो गए, जबकि एक जोड़ी के अयोग्य घोषित होने से टीम की मुश्किलें और बढ़ गईं। सोनम उत्तम मस्कर और हिमांशु ढिल्लों की भारतीय जोड़ी 10 मीटर एयर राइफल मिश्रित टीम स्पर्धा में चार टीम के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रही। दोनों ने कुल 632.4 अंक के साथ सातवां स्थान हासिल किया। सोनम ने 316.6 जबकि हिमांशु ने 315.8 अंक जुटाए।
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शांभवी क्यों अयोग्य घोषित हुईं
भारत की दूसरी जोड़ी शांभवी क्षीरसागर और पार्थ माने को अयोग्य घोषित कर दिया गया। शांभवी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) के परिधान और उपकरणों से जुड़े नियमों के उल्लंघन की दोषी पाई गईं। पांच महीने के भीतर किसी बड़ी प्रतियोगिता में शांभवी को इसी तरह के उल्लंघन के कारण दूसरी बार अयोग्य घोषित किया गया है। इससे पहले जून में जर्मनी के सुहल में आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी उन्हें अयोग्य घोषित किया गया था जिससे भारत संभावित महिला टीम पदक से चूक गया था।
भारत की पदक की उम्मीदें 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में भी टूट गईं। देश के तीनों निशानेबाज आठ खिलाड़ियों के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। भावेश शेखावत दो दिन की क्वालिफिकेशन स्पर्धा के बाद कुल 582 अंकों के साथ भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ 12वें स्थान पर रहे। गुरप्रीत सिंह 579 अंक के साथ 18वें जबकि सूरज शर्मा 571 अंक लेकर 35वें स्थान पर रहे। भारत ने टीम स्पर्धा में कुल 1,732 अंक के साथ छठा स्थान हासिल किया।
भारत की दूसरी जोड़ी शांभवी क्षीरसागर और पार्थ माने को अयोग्य घोषित कर दिया गया। शांभवी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) के परिधान और उपकरणों से जुड़े नियमों के उल्लंघन की दोषी पाई गईं। पांच महीने के भीतर किसी बड़ी प्रतियोगिता में शांभवी को इसी तरह के उल्लंघन के कारण दूसरी बार अयोग्य घोषित किया गया है। इससे पहले जून में जर्मनी के सुहल में आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी उन्हें अयोग्य घोषित किया गया था जिससे भारत संभावित महिला टीम पदक से चूक गया था।
भारत की पदक की उम्मीदें 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में भी टूट गईं। देश के तीनों निशानेबाज आठ खिलाड़ियों के फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे। भावेश शेखावत दो दिन की क्वालिफिकेशन स्पर्धा के बाद कुल 582 अंकों के साथ भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ 12वें स्थान पर रहे। गुरप्रीत सिंह 579 अंक के साथ 18वें जबकि सूरज शर्मा 571 अंक लेकर 35वें स्थान पर रहे। भारत ने टीम स्पर्धा में कुल 1,732 अंक के साथ छठा स्थान हासिल किया।
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ओलंपिक कोटा का इंतजार जारी
विश्व चैंपियनशिप के साथ ही 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन भारत अब तक किसी ओलंपिक स्पर्धा में व्यक्तिगत पदक नहीं जीता है और ना ही खेलों के लिए कोटा स्थान हासिल करने में सफल रहा है। भारत ने अब तक पुरुषों की 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में टीम स्वर्ण और व्यक्तिगत रजत पदक जीता है। हालांकि, यह स्पर्धा ओलंपिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है। इसके अलावा भारत ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल में टीम रजत पदक भी हासिल किया है। हालांकि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए कोटा स्थान हासिल करने की दौड़ में केवल ओलंपिक स्पर्धाओं में जीते गए व्यक्तिगत पदक ही मान्य होंगे।
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