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एशियन गेम्स: क्या था चीन के खिलाफ भारतीय हॉकी टीम की जीत का मंत्र? कोच सोर्ड मारिन ने बताया डिफेंस का राज
Fri, 02 Oct 2026 09:52 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 02 Oct 2026 09:52 PM IST
सार
भारतीय महिला हॉकी टीम के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद कोच सोर्ड मारिन ने टीम की सफलता का मंत्र बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत डिफेंस, अनुशासन और लगातार दौड़ते रहना चीन के खिलाफ 1-0 की जीत में निर्णायक रहा।
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कोच के साथ जश्न मनाती टीम
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स के फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इस जीत के साथ भारत ने 1982 के बाद पहली बार एशियन गेम्स में महिला हॉकी का स्वर्ण अपने नाम किया और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई किया। टीम की इस ऐतिहासिक जीत में कोच सोर्ड मारिन के सरल लेकिन प्रभावी मंत्र मजबूत डिफेंस, अनुशासन और लगातार दौड़ते रहना की अहम भूमिका रही। चीन ने पूरे मुकाबले में लंबे समय तक गेंद पर कब्जा बनाए रखा और भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपना संयम नहीं खोया। लालरेमसियामी ने पहले क्वार्टर में गोल करके भारत को बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने आखिरी सीटी तक बरकरार रखा।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
चीन के दबाव के सामने नहीं टूटा डिफेंस
सोर्ड मारिन ने मैच से पहले खिलाड़ियों से कहा था कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, उन्हें अपना डिफेंस मजबूत रखना है और लगातार दौड़ते रहना है। भारतीय खिलाड़ियों ने उनकी रणनीति को मैदान पर बखूबी लागू किया। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा लड़कियों से कहता हूं कि बुनियादी चीजें अच्छी डिफेंस, अनुशासन और लगातार दौड़ते रहना हैं। बारिश हो या परिस्थितियां अच्छी न हों, आप हमेशा दौड़ सकते हैं और आज हमने एक टीम के रूप में यही किया।' भारतीय टीम ने खासकर चौथे क्वार्टर में चीन को ज्यादा मौके नहीं दिए। थकान के बावजूद एक खिलाड़ी के मैदान से बाहर जाने के बाद दूसरी खिलाड़ी ने उसकी जगह लेकर उसी ऊर्जा के साथ मुकाबला जारी रखा।
सोर्ड मारिन ने मैच से पहले खिलाड़ियों से कहा था कि चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों, उन्हें अपना डिफेंस मजबूत रखना है और लगातार दौड़ते रहना है। भारतीय खिलाड़ियों ने उनकी रणनीति को मैदान पर बखूबी लागू किया। उन्होंने कहा, 'मैं हमेशा लड़कियों से कहता हूं कि बुनियादी चीजें अच्छी डिफेंस, अनुशासन और लगातार दौड़ते रहना हैं। बारिश हो या परिस्थितियां अच्छी न हों, आप हमेशा दौड़ सकते हैं और आज हमने एक टीम के रूप में यही किया।' भारतीय टीम ने खासकर चौथे क्वार्टर में चीन को ज्यादा मौके नहीं दिए। थकान के बावजूद एक खिलाड़ी के मैदान से बाहर जाने के बाद दूसरी खिलाड़ी ने उसकी जगह लेकर उसी ऊर्जा के साथ मुकाबला जारी रखा।
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सविता पूनिया
- फोटो : Hockey India
सविता और बिचु देवी की जमकर तारीफ
गोलकीपर सविता पुनिया और बिचु देवी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। चीन को बराबरी का मौका तब मिला जब उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन सविता ने शानदार बचाव करते हुए भारत की बढ़त बरकरार रखी। सोर्ड मारिन ने सविता और बिचु देवी के तालमेल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों एक ही पोजीशन पर खेलती हैं, लेकिन एक-दूसरे से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाती हैं।
गोलकीपर सविता पुनिया और बिचु देवी ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। चीन को बराबरी का मौका तब मिला जब उसे पेनल्टी स्ट्रोक मिला, लेकिन सविता ने शानदार बचाव करते हुए भारत की बढ़त बरकरार रखी। सोर्ड मारिन ने सविता और बिचु देवी के तालमेल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों एक ही पोजीशन पर खेलती हैं, लेकिन एक-दूसरे से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाती हैं।
भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
गेंद पर कब्जा कम रहा, लेकिन भारत ज्यादा प्रभावी
सोर्ड मारिन ने माना कि गेंद पर कब्जे के मामले में भारत का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ नहीं था। चीन ने लंबे समय तक गेंद अपने पास रखी और लगातार दबाव बनाया। हालांकि भारतीय कोच के मुताबिक फाइनल जैसे मुकाबले में सिर्फ गेंद पर कब्जा महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि मौकों का सही इस्तेमाल करना ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने कहा, 'गेंद पर कब्जे के लिहाज से यह हमारा सर्वश्रेष्ठ मैच नहीं था, लेकिन मायने यह रखता है कि कौन ज्यादा प्रभावी है। आज हम बहुत प्रभावी रहे।' भारत के पास पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका भी था। आखिरी समय में चीन ने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त खिलाड़ी के साथ हमला किया, लेकिन भारतीय टीम ने बढ़त नहीं गंवाई।
सोर्ड मारिन ने माना कि गेंद पर कब्जे के मामले में भारत का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ नहीं था। चीन ने लंबे समय तक गेंद अपने पास रखी और लगातार दबाव बनाया। हालांकि भारतीय कोच के मुताबिक फाइनल जैसे मुकाबले में सिर्फ गेंद पर कब्जा महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि मौकों का सही इस्तेमाल करना ज्यादा मायने रखता है। उन्होंने कहा, 'गेंद पर कब्जे के लिहाज से यह हमारा सर्वश्रेष्ठ मैच नहीं था, लेकिन मायने यह रखता है कि कौन ज्यादा प्रभावी है। आज हम बहुत प्रभावी रहे।' भारत के पास पेनल्टी कॉर्नर से गोल करने का मौका भी था। आखिरी समय में चीन ने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त खिलाड़ी के साथ हमला किया, लेकिन भारतीय टीम ने बढ़त नहीं गंवाई।
भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
अनुशासन और टीम के लिए खेलने से बदली तस्वीर
सोर्ड मारिन ने कहा कि भारतीय टीम में सबसे बड़ा बदलाव अनुशासन और एक-दूसरे के लिए खेलने की भावना का आया है। उन्होंने खिलाड़ियों से टीम के लक्ष्य को व्यक्तिगत लक्ष्य से ऊपर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आप टीम के लक्ष्य पर ध्यान देंगे तो अपना व्यक्तिगत लक्ष्य भी हासिल कर लेंगे। अगर आप व्यक्तिगत लक्ष्य पर ध्यान देंगे तो टीम का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे।' कोच के मुताबिक चुने गए सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अनुशासन बनाए रख रहे हैं। उन्होंने सपोर्ट स्टाफ, स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ वेन लोम्बार्ड और मेडिकल टीम के योगदान की भी सराहना की।
सोर्ड मारिन ने कहा कि भारतीय टीम में सबसे बड़ा बदलाव अनुशासन और एक-दूसरे के लिए खेलने की भावना का आया है। उन्होंने खिलाड़ियों से टीम के लक्ष्य को व्यक्तिगत लक्ष्य से ऊपर रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'अगर आप टीम के लक्ष्य पर ध्यान देंगे तो अपना व्यक्तिगत लक्ष्य भी हासिल कर लेंगे। अगर आप व्यक्तिगत लक्ष्य पर ध्यान देंगे तो टीम का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएंगे।' कोच के मुताबिक चुने गए सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत कर रहे हैं और अनुशासन बनाए रख रहे हैं। उन्होंने सपोर्ट स्टाफ, स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ वेन लोम्बार्ड और मेडिकल टीम के योगदान की भी सराहना की।
भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
अब आगे सुधार पर रहेगा ध्यान
- सोर्ड मारिन ने साफ किया कि एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के बाद टीम आत्मसंतुष्ट नहीं होगी। उनका कहना है कि असली काम अब टीम के खेल को और बेहतर बनाने का है।
- उन्होंने कहा कि भारत को गेंद को ज्यादा देर तक अपने पास रखने और दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखने पर काम करना होगा।
- चीन के मजबूत प्रेस के कारण भारतीय टीम कई मौकों पर लगातार गेंद अपने पास नहीं रख सकी।
- सोर्ड मारिन ने कहा कि टीम फाइनल का विश्लेषण करेगी और यह देखेगी कि क्या अच्छा हुआ तथा किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।
- उन्होंने कहा, 'हमें एक टीम के रूप में गेंद को ज्यादा देर तक अपने पास रखना होगा। हमें इसमें सुधार करना है।'
- एशियन गेम्स का स्वर्ण जीतने के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम ने न केवल 44 साल बाद स्वर्ण पदक का सूखा खत्म किया, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक का टिकट भी पक्का कर लिया।