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IND vs ESP: हरमनप्रीत ने श्रीजेश को दी शानदार विदाई, भारतीय हॉकी टीम ने पेरिस में दोहराया टोक्यो का प्रदर्शन
Thu, 08 Aug 2024 07:52 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 08 Aug 2024 07:52 PM IST
सार
भारत की इस जीत के नायक हरमनप्रीत रहे जिन्होंने 0-1 से पीछे चलने के बावजूद दूसरे और तीसरे क्वार्टर में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। भारत ने इस तरह अपने अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश को शानदार विदाई दी जिनका यह अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था।
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पेरिस ओलंपिक 2024
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से स्पेन को हराकर पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीत लिया। जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबला हारकर स्वर्ण की दौड़ से बाहर होने वाली भारतीय टीम ने स्पेन के खिलाफ गुरुवार को शानदार प्रदर्शन किया और 2-1 के अंतर से जीत दर्ज कर लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीता। भारत की इस जीत के नायक हरमनप्रीत रहे जिन्होंने 0-1 से पीछे चलने के बावजूद दूसरे और तीसरे क्वार्टर में गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। भारत ने इस तरह अपने अनुभवी गोलकीपर पीआर श्रीजेश को शानदार विदाई दी जिनका यह अंतिम अंतरराष्ट्रीय मुकाबला था।
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भारत की दीवार कहे जाने वाले श्रीजेश टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा हैं। भारत ने इस तरह ओलंपिक में हॉकी स्पर्धा में अपना 13वां पदक जीता। ओलंपिक में हॉकी भारत के लिए सबसे सफल खेल रहा है। टीम ने हॉकी में अब तक आठ स्वर्ण, एक रजत और चार कांस्य पदक जीते हैं। भारत ने इस तरह 52 साल के लंबे इंतजार के बाद लगातार दो ओलंपिक में पदक जीता। इससे पहले टीम ने 1968 और 1972 में लगातार पदक जीते थे, जबकि इसके बाद टीम ने 1980 में स्वर्ण जीता था। 1980 के बाद भारतीय टीम ने टोक्यो ओलंपिक में कांस्य जीतकर अपने पदक का सूखा समाप्त किया था। भारतीय टीम इस बार भी स्वर्ण से चूक गई, लेकिन कांस्य के साथ अभियान समाप्त करने में सफल रही।
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पहले क्वार्टर में बराबरी पर रहा मुकाबला
भारत और स्पेन के बीच कांस्य पदक मुकाबले का पहला क्वार्टर गोल रहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों ही टीमें इस क्वार्टर में कोई गोल नहीं कर सकीं। इस क्वार्टर में दोनों ही टीमें एक भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल नहीं कर सकीं थी। इस बीच भारत के गुरजंत सिंह के सिर पर गेंद लगी जिससे वह घायल हो गए। पहले क्वार्टर में दोनों ही टीमें सधे हुए तरीके से खेल रही थीं, लेकिन गोल करने के ज्यादा मौके नहीं बना पाईं।
भारत और स्पेन के बीच कांस्य पदक मुकाबले का पहला क्वार्टर गोल रहित बराबरी पर समाप्त हुआ। दोनों ही टीमें इस क्वार्टर में कोई गोल नहीं कर सकीं। इस क्वार्टर में दोनों ही टीमें एक भी पेनल्टी कॉर्नर हासिल नहीं कर सकीं थी। इस बीच भारत के गुरजंत सिंह के सिर पर गेंद लगी जिससे वह घायल हो गए। पहले क्वार्टर में दोनों ही टीमें सधे हुए तरीके से खेल रही थीं, लेकिन गोल करने के ज्यादा मौके नहीं बना पाईं।
पहले स्पेन फिर भारत ने किया गोल
पहला क्वार्टर गोल रहित बराबरी पर रहने के बाद स्पेन ने भारत के खिलाफ दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में पेनल्टी स्ट्रोक पर पहला गोल दागा और स्कोर 1-0 कर दिया। स्पेन के लिए मार्क मिराल्स ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने में गलती नहीं की और टीम को आगे कर दिया। लेकिन हरमनप्रीत सिंह ने दूसरा क्वार्टर समाप्त होने के चंद सेकेंड पहले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर बराबरी हासिल कर ली। हरमनप्रीत का यह पेरिस ओलंपिक का नौवां गोल था। स्पेन के लिए मार्क मिराल्स ने गोल दागकर स्पेन को बढ़त दिलाई थी। इसके बाद भारतीय टीम लंबे समय तक बराबरी करने के लिए संघर्ष करती रही। भारत को दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम गोल करने से चूक गई। इसके कुछ मिनट बाद फिर भारत के पास बराबरी का मौका आया और इस बार कप्तान हरमनप्रीत ने गोल करने का मौका नहीं गंवाया।
पहला क्वार्टर गोल रहित बराबरी पर रहने के बाद स्पेन ने भारत के खिलाफ दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में पेनल्टी स्ट्रोक पर पहला गोल दागा और स्कोर 1-0 कर दिया। स्पेन के लिए मार्क मिराल्स ने पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने में गलती नहीं की और टीम को आगे कर दिया। लेकिन हरमनप्रीत सिंह ने दूसरा क्वार्टर समाप्त होने के चंद सेकेंड पहले पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर बराबरी हासिल कर ली। हरमनप्रीत का यह पेरिस ओलंपिक का नौवां गोल था। स्पेन के लिए मार्क मिराल्स ने गोल दागकर स्पेन को बढ़त दिलाई थी। इसके बाद भारतीय टीम लंबे समय तक बराबरी करने के लिए संघर्ष करती रही। भारत को दूसरे क्वार्टर में पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन टीम गोल करने से चूक गई। इसके कुछ मिनट बाद फिर भारत के पास बराबरी का मौका आया और इस बार कप्तान हरमनप्रीत ने गोल करने का मौका नहीं गंवाया।
तीसरे क्वार्टर में भारत ने बनाई बढ़त
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन के खिलाफ कांस्य पदक मुकाबले में तीसरे क्वार्टर में 2-1 की बढ़त हासिल की। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। हरमनप्रीत सिंह ने 33वें मिनट में भारत के लिए इस मैच का दूसरा गोल दागा। हरमनप्रीत का पेरिस ओलंपिक में यह 10वां गोल था। भारत को इसके बाद दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन स्पेन के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए भारत को अपनी बढ़त मजबूत करने से रोका।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने स्पेन के खिलाफ कांस्य पदक मुकाबले में तीसरे क्वार्टर में 2-1 की बढ़त हासिल की। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। हरमनप्रीत सिंह ने 33वें मिनट में भारत के लिए इस मैच का दूसरा गोल दागा। हरमनप्रीत का पेरिस ओलंपिक में यह 10वां गोल था। भारत को इसके बाद दो बार पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन स्पेन के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए भारत को अपनी बढ़त मजबूत करने से रोका।
चौथे क्वार्टर में भारत ने स्पेन को रोका
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में स्पेन ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन पीआर श्रीजेश ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए स्पेन का यह प्रयास नाकाम कर दिया। स्पेनिश टीम ने इसके बाद आक्रामक खेलना जारी रखा और लगातार गोल करने के मौके बनाए, लेकिन भारत की रक्षापंक्ति को भेद नहीं सके। चौथे क्वार्टर में श्रीजेश एक बार फिर दीवार बनकर खड़ रहे और उन्होंने दो बार स्पेन के प्रयास को विफल किया। अंतिम मिनट में एक बार फिर स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सके और अंतिम सीटी बजने पर भारत ने तिरंगा लहरा दिया।
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में स्पेन ने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, लेकिन पीआर श्रीजेश ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए स्पेन का यह प्रयास नाकाम कर दिया। स्पेनिश टीम ने इसके बाद आक्रामक खेलना जारी रखा और लगातार गोल करने के मौके बनाए, लेकिन भारत की रक्षापंक्ति को भेद नहीं सके। चौथे क्वार्टर में श्रीजेश एक बार फिर दीवार बनकर खड़ रहे और उन्होंने दो बार स्पेन के प्रयास को विफल किया। अंतिम मिनट में एक बार फिर स्पेन को पेनल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सके और अंतिम सीटी बजने पर भारत ने तिरंगा लहरा दिया।