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एशियन गेम्स: पिंकी बलहारा ने कुराश में दिलाया कांस्य पदक, सेमीफाइनल में मिली हार; एशियाड में जीता दूसरा मेडल
Mon, 28 Sep 2026 11:58 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागोया
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:58 AM IST
सार
भारत को पिंकी बलहारा ने महिला कुराश स्पर्धा में पदक दिलाया है। पिंकी को महिला 78 किग्रा भार वर्ग के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से 0-5 से हार मिली। इस तरह उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
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पिंकी बलहारा
- फोटो : Twitter
विस्तार
भारत की पिंकी बलहारा ने सोमवार को महिला 78 किग्रा से कम भार वर्ग की कुराश स्पर्धा के सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया की सुमिन मो से 0-5 से हारकर कांस्य पदक अपने नाम किया। मुकाबले के दौरान पिंकी को ‘डक्की’ (पेनल्टी) मिली, जबकि मो ने ‘योनबोश’ अंक हासिल किया। यह एशियन गेम्स में पिंकी का दूसरा पदक है। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियाई खेलों में महिलाओं के 52 किग्रा से कम भार वर्ग में रजत पदक जीता था। उस खेल में कुराश को पहली बार एशियाई खेलों में शामिल किया गया था।
सेमीफाइनल में पहुंचते ही पक्का हो गया था पदक
इससे पहले पिंकी ने दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया, जबकि लिम पूरे मुकाबले में एक भी अंक नहीं जुटा सकीं। ‘चाला’ तब दिया जाता है, जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराता है, लेकिन इस दांव में पूरा नियंत्रण नहीं होता। टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक कांस्य पदक के लिए कोई प्लेऑफ मुकाबला नहीं होता। सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इस तरह पिंकी ने भारत के लिए एक और पदक जीता।
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सेमीफाइनल में पहुंचते ही पक्का हो गया था पदक
इससे पहले पिंकी ने दक्षिण कोरिया की लिम गाराम को 3-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। इस 27 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने निर्णायक अंक ‘चाला’ के जरिए हासिल किया, जबकि लिम पूरे मुकाबले में एक भी अंक नहीं जुटा सकीं। ‘चाला’ तब दिया जाता है, जब खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी को जमीन पर गिराता है, लेकिन इस दांव में पूरा नियंत्रण नहीं होता। टूर्नामेंट के नियमों के मुताबिक कांस्य पदक के लिए कोई प्लेऑफ मुकाबला नहीं होता। सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है। इस तरह पिंकी ने भारत के लिए एक और पदक जीता।
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