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Asian Games 2023: भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, पहली बार पदकों का शतक लगाया, जानें कब-कितने पदक जीते
Sat, 07 Oct 2023 06:02 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, हांगझोऊ
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 07 Oct 2023 06:02 PM IST
सार
शुरुआती 13 दिन में 95 पदक हासिल करने वाले भारत ने 14वें दिन 100 का जादुई आंकड़ा छुआ और पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने पहली बार पदकों का शतक लगाया है।
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एशियाई खेलों में भारत के पांच सबसे बेहतरीन प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
2023 एशियाई खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। 14वें दिन की सुबह भारत की झोली में पांच पदक आए। शूटिंग में ज्योति और ओजस ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं, महिला कबड्डी टीम भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही। तीरंदाजी में अभिषेक ने रजत और अदिति ने कांस्य पदक अपने नाम किया। दिन का पहला पदक कंपाउंड तीरंदाजी में ही आया। अदिति ने महिला एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके बाद इसी प्रतियोगिता में ज्योति ने स्वर्ण पदक जीता।
पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी प्रतियोगिता का फाइनल अभिषेक और ओजस के बीच था। ऐसे में भारक दोनों पदक पहले से ही पक्के थे। ओजस ने फाइनल में बेहतर प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि अभिषेक को रजत से संतोष करना पड़ा। इसके बाद महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को हराकर लगातार चौथी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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शुरुआती 13 दिन में 95 पदक हासिल करने वाले भारत ने 14वें दिन 100 का जादुई आंकड़ा छुआ और पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने पहली बार पदकों का शतक लगाया है। इस प्रतियोगिता में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने 11वें दिन 71 का जादुई आंकड़ा छुआ था और एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसके बाद से यह बेहतर होता चला गया है। इससे पहले एशियाई खेल के एक संस्करण में भारत ने सर्वाधिक 70 पदक जीते थे। यह 2018 जकार्ता में हुआ था। आइए जानते हैं अब तक एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है।
एशियाई खेलों की शुरुआत 1951 में हुई थी। दिल्ली में इसका आयोजन किया गया था और मेजबान भारत ने कुल 51 पदक जीते थे। इसमें 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल थे। पदक तालिका में भारत दूसरे स्थान पर था। हालांकि, इसके बाद भारत को 50 पदक हासिल करने के लिए 31 साल का इंतजार करना पड़ा। 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण सहित 57 पदक जीते। 1954 में भारत ने कुल 17 और 1958 में सिर्फ 13 पदक जीते, जबकि 1951 में भारत ने 15 स्वर्ण जीते थे।
1990 में ऐसा मौका भी आया, जब पदक तालिका में भारत शीर्ष 10 में भी नहीं था। इस साल भी भारत के पास सिर्फ 23 पदक थे। इसमें सिर्फ एक स्वर्ण पदक था। 1998 से भारत के प्रदर्शन में सुधार आया और 2006 में पहली बार भारत ने घर से बाहर 50 से ज्यादा पदक जीते। इसके बाद से भारत लगातार 50 से ज्यादा पदक जीतता आया है। 2010 में भारत ने 65 पदक जीते और सबसे ज्यादा पदकों का नया कीर्तिमान हासिल किया। 2018 में भारत ने इसे बेहतर किया और 70 पदक जीते। अब 2023 में भारत ने 71 से ज्यादा पदक हासिल कर लिए हैं और कई अन्य प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर चुके हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का सफलता की नई कहानी लिखना तय है। भारतीय एथलीट इस बार 100 पार का नारा लेकर हांगझोऊ रवाना हुए थे और इसे सच कर दिखाया है।
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पुरुषों की कंपाउंड तीरंदाजी प्रतियोगिता का फाइनल अभिषेक और ओजस के बीच था। ऐसे में भारक दोनों पदक पहले से ही पक्के थे। ओजस ने फाइनल में बेहतर प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि अभिषेक को रजत से संतोष करना पड़ा। इसके बाद महिला कबड्डी टीम ने चीनी ताइपे को हराकर लगातार चौथी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
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शुरुआती 13 दिन में 95 पदक हासिल करने वाले भारत ने 14वें दिन 100 का जादुई आंकड़ा छुआ और पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। एशियाई खेलों के इतिहास में भारत ने पहली बार पदकों का शतक लगाया है। इस प्रतियोगिता में यह भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने 11वें दिन 71 का जादुई आंकड़ा छुआ था और एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था। इसके बाद से यह बेहतर होता चला गया है। इससे पहले एशियाई खेल के एक संस्करण में भारत ने सर्वाधिक 70 पदक जीते थे। यह 2018 जकार्ता में हुआ था। आइए जानते हैं अब तक एशियाई खेलों में भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है।
| साल | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|
| 1951 | 15 | 16 | 20 | 51 |
| 1954 | 5 | 4 | 8 | 17 |
| 1958 | 5 | 4 | 4 | 13 |
| 1962 | 10 | 13 | 10 | 33 |
| 1966 | 7 | 3 | 11 | 21 |
| 1970 | 6 | 9 | 10 | 25 |
| 1974 | 4 | 12 | 12 | 28 |
| 1978 | 11 | 11 | 6 | 28 |
| 1982 | 13 | 19 | 25 | 57 |
| 1986 | 5 | 9 | 23 | 37 |
| 1990 | 1 | 8 | 14 | 23 |
| 1994 | 4 | 3 | 16 | 23 |
| 1998 | 7 | 11 | 17 | 35 |
| 2002 | 11 | 12 | 13 | 36 |
| 2006 | 10 | 17 | 26 | 53 |
| 2010 | 14 | 17 | 34 | 65 |
| 2014 | 11 | 10 | 36 | 57 |
| 2018 | 16 | 23 | 31 | 70 |
| 2023 | 25 | 35 | 40 | 100* |
एशियाई खेलों की शुरुआत 1951 में हुई थी। दिल्ली में इसका आयोजन किया गया था और मेजबान भारत ने कुल 51 पदक जीते थे। इसमें 15 स्वर्ण, 16 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल थे। पदक तालिका में भारत दूसरे स्थान पर था। हालांकि, इसके बाद भारत को 50 पदक हासिल करने के लिए 31 साल का इंतजार करना पड़ा। 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण सहित 57 पदक जीते। 1954 में भारत ने कुल 17 और 1958 में सिर्फ 13 पदक जीते, जबकि 1951 में भारत ने 15 स्वर्ण जीते थे।
1990 में ऐसा मौका भी आया, जब पदक तालिका में भारत शीर्ष 10 में भी नहीं था। इस साल भी भारत के पास सिर्फ 23 पदक थे। इसमें सिर्फ एक स्वर्ण पदक था। 1998 से भारत के प्रदर्शन में सुधार आया और 2006 में पहली बार भारत ने घर से बाहर 50 से ज्यादा पदक जीते। इसके बाद से भारत लगातार 50 से ज्यादा पदक जीतता आया है। 2010 में भारत ने 65 पदक जीते और सबसे ज्यादा पदकों का नया कीर्तिमान हासिल किया। 2018 में भारत ने इसे बेहतर किया और 70 पदक जीते। अब 2023 में भारत ने 71 से ज्यादा पदक हासिल कर लिए हैं और कई अन्य प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का कर चुके हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों का सफलता की नई कहानी लिखना तय है। भारतीय एथलीट इस बार 100 पार का नारा लेकर हांगझोऊ रवाना हुए थे और इसे सच कर दिखाया है।