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2020 ओलंपिकः कुश्ती को जीवनदान मिलने से भारत में खुशी
पीटर्सबर्ग
Updated Thu, 30 May 2013 09:39 PM IST
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अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के कुश्ती को 2020 ओलंपिक के लिए तीन खेलों में शार्ट लिस्ट किए जाने के बाद भारत में जैसे खुशी की लहर दौड़ गई है।
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यह भरोसा जताया जाने लगा है कि यह प्राचीन खेल ओलंपिक इतिहास का हिस्सा बना रहेगा। भारतीय कुश्ती महासंघ के महासचिव राज सिंह, द्रोणाचार्य अवार्डी महाबली सतपाल और उनके ओलंपिक पदक विजेता शिष्यों सुशील कुमार तथा योगेश्वर दत्त ने इस फैसले की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि कुश्ती सितंबर में आखिरी बाधा को भी चित्त कर देगी।
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राज सिंह ने कहा, ‘मैं पहले से कह रहा था कि कुश्ती तीन खेलों में शार्ट लिस्ट हो जाएगी। मेरी तीन चार दिन पहले फीला के अधिकारियों से बात हुई थी और उन्होंने विश्वास जताया था कि इस खेल में परिवर्तन लाने के बाद इसका शार्ट लिस्ट होना तय है।’
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दूसरी तरफ सतपाल ने कहा, ‘सवेरे से ही दिल धक-धक कर रहा था। लेकिन अब जाकर अच्छी खबर मिली है। पिछले 44 वर्षों से हमने कुश्ती के लिए दिन रात एक कर रखा था। कुश्ती गुरु शिष्य की परंपरा का खेल है। यह भारत ही नहीं विश्व के युवाओं के लिए आदर्श खेल है। एक बाधा अब पार हो गई है और मुझे पूरा यकीन है कि सितंबर की बाधा भी पार हो जाएगी।’
लंदन में रजत जीतने वाले सुशील और कांस्य जीतने वाले योगेश्वर ने भी इस फैसले पर संतुष्टि जताई और कहा कि कुश्ती सितंबर का टेस्ट पार कर ओलंपिक में बनी रहेगी।