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दीपिका या जोशना, कौन लिखेगा एशियाड में इतिहास?
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 20 Sep 2014 05:43 PM IST
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देश की शीर्ष स्क्वैश खिलाड़ी दीपिका पल्लीकल और जोशन चिनप्पा ने एशियाई खेलों में महिलाओं एकल वर्ग में अपने-अपने मुकाबले जीतकर भारत का एक पदक तो पक्का कर दिया है।
दोनों खिलाड़ियों ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपने-अपने मैच जीत लिए हैं। क्वार्टर फाइनल में दोनों खिलाड़ी आमने-सामने होंगी, इस लिहाज जो भी खिलाड़ी यह मैच जीतेगा वह एशियाई खेलों में नया इतिहास लिखेगी।
सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एक पदक तो पक्का हो जाएगा। सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों के बीच कांस्य पदक के मुकाबले नहीं खेले जाते हैं। पहली बार भारत की कोई महिला खिलाड़ी एकल वर्ग में पदक जीतेगी।
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पुरुषों के एकल वर्ग में सौरव घोषाल ने जॉर्डन के अल्सराज अहमद को 11-2, 11-4, 11-3 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है।
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दोनों खिलाड़ियों ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपने-अपने मैच जीत लिए हैं। क्वार्टर फाइनल में दोनों खिलाड़ी आमने-सामने होंगी, इस लिहाज जो भी खिलाड़ी यह मैच जीतेगा वह एशियाई खेलों में नया इतिहास लिखेगी।
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सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही एक पदक तो पक्का हो जाएगा। सेमीफाइनल में हारने वाले खिलाड़ियों के बीच कांस्य पदक के मुकाबले नहीं खेले जाते हैं। पहली बार भारत की कोई महिला खिलाड़ी एकल वर्ग में पदक जीतेगी।
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पुरुषों के एकल वर्ग में सौरव घोषाल ने जॉर्डन के अल्सराज अहमद को 11-2, 11-4, 11-3 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बना ली है।
भारत स्क्वैश में 4 पदक जीत चुका है अब तक
वर्ल्ड नंबर 21 जोशना चिनप्पा ने 183वीं रैंक की कोरियाई खिलाड़ी को आसानी से हराया, जबकि 12वें पायदान पर मौजूद दीपिका पल्लीकल ने चीन की 150वीं रैंक की खिलाड़ी को हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई।
दोनों खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में मुकाबला खेलेंगी। कुछ समय पहले दोनों खिलाड़ियों ने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहली बार स्क्वैश में कोई पदक जीता था। महिला युगल में दोनों ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।
भारत ने एशियाई गेम्स में अब तक 4 पदक जीते हैं और चारों ही कांस्य पदक है। 1998 में बैंकाक एशियाड में पहली बार इस खेल को शामिल किया गया था। 4 में से 2 कांस्य पदक तो सौरव घोषाल ने जीते हैं, जबकि एक-एक कांस्य पदक पुरुष और महिला टीम ने जीते।
दोनों खिलाड़ी क्वार्टर फाइनल में मुकाबला खेलेंगी। कुछ समय पहले दोनों खिलाड़ियों ने ग्लास्गो में राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए पहली बार स्क्वैश में कोई पदक जीता था। महिला युगल में दोनों ने गोल्ड पर कब्जा जमाया था।
भारत ने एशियाई गेम्स में अब तक 4 पदक जीते हैं और चारों ही कांस्य पदक है। 1998 में बैंकाक एशियाड में पहली बार इस खेल को शामिल किया गया था। 4 में से 2 कांस्य पदक तो सौरव घोषाल ने जीते हैं, जबकि एक-एक कांस्य पदक पुरुष और महिला टीम ने जीते।
बास्केटबॉल: भारतीय टीम की जीत से शुरुआत
भारत की पुरुष बास्केटबॉल टीम ने ग्रुप-बी के मुकाबले में फलस्तीन को 89-49 से हराकर एशियन गेम्स में अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।
भारत ने चारां क्वार्टर में फलस्तीन पर दबदबा बनाए रखा। अमज्योत सिंह ने भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 25 अंक बनाए। भारत ने पहले क्वार्टर में 20-6 की बढ़त बनाई और मध्यांतर तक वह 40-23 से आगे था। तीसरे क्वार्टर में फलस्तीनियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीयों ने 68-41 से अपनी बढ़त कायम रखने के बाद मुकाबला अपने नाम किया।
भारत अपने ग्रुप में अगला मैच रविवार को सऊदी अरब से खेलेगा।
भारत ने चारां क्वार्टर में फलस्तीन पर दबदबा बनाए रखा। अमज्योत सिंह ने भारत की तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 25 अंक बनाए। भारत ने पहले क्वार्टर में 20-6 की बढ़त बनाई और मध्यांतर तक वह 40-23 से आगे था। तीसरे क्वार्टर में फलस्तीनियों ने वापसी की कोशिश की लेकिन भारतीयों ने 68-41 से अपनी बढ़त कायम रखने के बाद मुकाबला अपने नाम किया।
भारत अपने ग्रुप में अगला मैच रविवार को सऊदी अरब से खेलेगा।
टेनिस में जीते, हैंडबॉल में हारी भारतीय टीम
भारत की महिला टेनिस टीम ने एशियन गेम्स में शानदार शुरुआत करते हुए पहले राउंड में ओमान को 3-0 से हराया। प्रार्थना गुलाबराव थोंबारे और अंकिता रैना ने अपने-अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई। इसके बाद नताशा पाल्हा और रिषिका सुनकारा की डबल्स जोड़ी को डबल्स मुकाबला में वाकओवर मिला।
प्रार्थना ने अब्दुलमजीद बालूशी को 6-0, 6-1 से हराने में महज 52 मिनट लिए जबकि अंकिता ने फातमा तालिब सुलेमान अल नभानी को 6-4, 2-6, 6-3 से हराया।
भारतीय हैंडबॉल टीम ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत निराशाजनक की। भारत को ग्रुप डी के पहले मुकाबले में चीनी ताइपे के हाथों 20-39 से शिकस्त मिली। एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम पहले हाफ में 11-24 से पीछे थी जबकि दूसरा हाफ उसने 9-15 से गंवाया।
जूडो स्पर्धा के अंतिम-16 में भारत के नवजोत चाना को 60 किलोग्राम भारवर्ग के पुरुषों के हार का सामना करना पड़ा। चाना को मंगोलिया के बोल्दबातार गनबाट ने हराया। मंगोलियाई जूडो खिलाड़ी ने इप्पोन के जरिए अंक हासिल कर जीत दर्ज की। इप्पोन दरअसल जूडो में एक शैली है, जिसके तहत प्रतिद्वंद्वी के सिर पर मारा जाता है या उसे जमीन पर गिरा कर अधिक अंक हासिल किए जाते हैं। इससे पहले चाना ने अंतिम-32 में कुवैत के अब्दल्ला अल्मारागी को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।
प्रार्थना ने अब्दुलमजीद बालूशी को 6-0, 6-1 से हराने में महज 52 मिनट लिए जबकि अंकिता ने फातमा तालिब सुलेमान अल नभानी को 6-4, 2-6, 6-3 से हराया।
भारतीय हैंडबॉल टीम ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत निराशाजनक की। भारत को ग्रुप डी के पहले मुकाबले में चीनी ताइपे के हाथों 20-39 से शिकस्त मिली। एकतरफा मुकाबले में भारतीय टीम पहले हाफ में 11-24 से पीछे थी जबकि दूसरा हाफ उसने 9-15 से गंवाया।
जूडो स्पर्धा के अंतिम-16 में भारत के नवजोत चाना को 60 किलोग्राम भारवर्ग के पुरुषों के हार का सामना करना पड़ा। चाना को मंगोलिया के बोल्दबातार गनबाट ने हराया। मंगोलियाई जूडो खिलाड़ी ने इप्पोन के जरिए अंक हासिल कर जीत दर्ज की। इप्पोन दरअसल जूडो में एक शैली है, जिसके तहत प्रतिद्वंद्वी के सिर पर मारा जाता है या उसे जमीन पर गिरा कर अधिक अंक हासिल किए जाते हैं। इससे पहले चाना ने अंतिम-32 में कुवैत के अब्दल्ला अल्मारागी को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी।