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Women's Hockey World Cup: सविता पूनिया की अगुवाई में इंग्लैंड से ओलंपिक की हार का बदला लेने उतरेगी भारतीय टीम
Sat, 02 Jul 2022 10:02 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्सटेलवीन (नीदरलैंड)
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्सटेलवीन (नीदरलैंड)
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 02 Jul 2022 10:02 PM IST
सार
पिछले साल ओलंपिक में कांस्य मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4-3 से हराकर ऐतिहासिक पदक जीतने से वंचित कर दिया था। विश्व कप से पहले भारतीय महिला टीम के हौसले बुलंद हैं।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आत्मविश्वास से भरी सविता पूनिया की अगुवाई वाली भारतीय महिला हॉकी टीम रविवार को विश्व कप के पूल बी के अपने पहले मुकाबले में इंग्लैंड से भिड़ेंगी। यह मैच रात आठ बजे से शुरू होगा। उनका इरादा टोक्यो ओलंपिक में मिली हार का बदला चुकता करने का होगा।
पिछले साल ओलंपिक में कांस्य मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4-3 से हराकर ऐतिहासिक पदक जीतने से वंचित कर दिया था। विश्व कप से पहले भारतीय महिला टीम के हौसले बुलंद हैं। वह एफआईएच प्रो लीग में पहली बार खेलते हुए तीसरे स्थान पर रही थी।
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पिछले साल ओलंपिक में कांस्य मुकाबले में इंग्लैंड ने भारत को 4-3 से हराकर ऐतिहासिक पदक जीतने से वंचित कर दिया था। विश्व कप से पहले भारतीय महिला टीम के हौसले बुलंद हैं। वह एफआईएच प्रो लीग में पहली बार खेलते हुए तीसरे स्थान पर रही थी।
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सविता पूनिया
- फोटो : सोशल मीडिया
1974 में चौथे स्थान पर थी टीम इंडिया
भारतीय टीम का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में पहले ही सत्र में रहा था, जब टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। टोक्यो ओलंपिक के बाद से भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन का स्तर ऊपर ही रहा है। मई में भारतीय टीम विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंचीं, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं प्रो लीग में मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दी और बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से आगे रही।
भारतीय टीम का विश्व कप में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में पहले ही सत्र में रहा था, जब टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था। टोक्यो ओलंपिक के बाद से भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन का स्तर ऊपर ही रहा है। मई में भारतीय टीम विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंचीं, जो उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। वहीं प्रो लीग में मजबूत टीमों को कड़ी चुनौती दी और बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से आगे रही।
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रानी रामपाल
रानी की खलेगी कमी
चोट के कारण टोक्यो ओलंपिक से बाहर चल रहीं रानी रामपाल के नहीं होने के बाद अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने बखूबी टीम की कमान संभाली हैं। वह खुद फॉर्म में हैं और उनका साथ देने के लिए युवा खिलाड़ी बिच्छू देवी खारीबाम हैं।
डिफेंस का जिम्मा उपकप्तान दी ग्रेस एक्का, गुरजीत कौर, उदिता और निक्की प्रधान पर है, जबकि मिडफिल्डर की जिम्मेदारी सुशीला चानू, नेहा गोयल, नवजोत कौर, सोनिका, ज्योति, निशा और मोनिका पर है।
सलीमा टेटे भी फॉर्म में हैं और प्लेमेकर की भूमिका में रहेंगी। वहीं गोल करने की जिम्मेदारी अनुभवी वंदना कटारिया, लालरेम्सियामी, नवनीत कौर और शर्मिला देवी पर है। हालांकि, पुख्ता तैयारियों के बाद रानी की कमी टीम को खलेगी।
भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : twitter@TheHockeyIndia
2018 में आठवें स्थान पर थी टीम
2018 में भारतीय टीम आठवें स्थान पर रही थी लेकिन इस पर बार टीम की नजरें पोडियम पर खड़े रहने की है। इंग्लैंड से मैच के बाद 5 जुलाई को चीन से और 7 जुलाई को न्यूजीलैंड से भिड़ंत होगी। इंग्लैंड ने 2010 में विश्व कप में कांस्य पदक हासिल किया था। विश्व रैंकिंग में अभी चौथे स्थान पर है। भारतीय टीम के मुख्य कोच यानेके शोपमैन ने कहा- अगर हम अपनी क्षमता के अनुरूप खेले तो किसी भी टीम को हरा सकते हैं, लेकिन सबसे जरूरी प्रदर्शन में निरंतरता है।
2018 में भारतीय टीम आठवें स्थान पर रही थी लेकिन इस पर बार टीम की नजरें पोडियम पर खड़े रहने की है। इंग्लैंड से मैच के बाद 5 जुलाई को चीन से और 7 जुलाई को न्यूजीलैंड से भिड़ंत होगी। इंग्लैंड ने 2010 में विश्व कप में कांस्य पदक हासिल किया था। विश्व रैंकिंग में अभी चौथे स्थान पर है। भारतीय टीम के मुख्य कोच यानेके शोपमैन ने कहा- अगर हम अपनी क्षमता के अनुरूप खेले तो किसी भी टीम को हरा सकते हैं, लेकिन सबसे जरूरी प्रदर्शन में निरंतरता है।