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जब जूते-मोजे उतारकर ध्यानचंद ने तेजी दिखाई, कर दिए दनादन 3 गोल
amarujala.com-presented by: शरद मिश्र
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:01 PM IST
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ध्यानचंद
- फोटो : sportskeeda
भारत और जर्मनी के बीच बर्लिन में एक मैच हो रहा था। इस मैच को देखने करीब 35 हजार दर्शक मौजूद थे। हमारे देश से बर्लिन बड़ौदा के महाराजा और भोपाल की बेगम भी गई हुई थीं। ऐसे लोगों की मौजूदगी में मैच जीतना प्रतिष्ठा के लिए आवश्यक था। इस मैच में जर्मनी विशेष रणनीति के साथ खेल रहा था। वह स्माल पासिंग करते हुए टीम इंडिया पर दबाव बनाते जा रहे थे।
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भारत हालांकि मैच में हॉफ टाइम तक 1 गोल से आगे था। लेकिन हॉफ टाइम के बाद टीम इंडिया फटाफट हॉकी नहीं खेल पा रही थी। जर्मनी संयमित आक्रमण के साथ अपना ठोस बचाव भी कर रहा था। मैच खतम होने में कम समय बचा था। पर भारत जर्मनी पर हावी नहीं हो पा रहा था। इसी बीच ध्यानचंद ने अपनी फुर्ती दिखाई।
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पढ़ेंः- जानिए, सचिन तेंदुलकर कैसे हो गए भारत रत्न के लिए ध्यानचंद से आगे
उन्होंने अपने स्पाइक वाले जूते मोजे उतारे और नंगे पाव मैदान में उतरे। इसके बाद ध्यानचंद ने गेंद को अपने कब्जे में लेना शुरू किया। ध्यानचंद की तेजी को देखकर जर्मन खिलाड़ियों को समझ में नहीं आ रहा था कि अब किस तरह ध्यानचंद का सामना किया जाए। चंद मिनटों में ही ध्यानचंद ने गोल दागने शुरू कर दिए। उन्होंने मैच में 3 गोल किया और भारत ने जर्मनी को 8-1 से हरा दिया था। ध्यानचंद के ऐसे कई किस्से उनकी महानता और उनकी हॉकी प्रतिभा को बयां करते हैं।
ध्यानचंद को भारत रत्न दिलाने के लिए हस्ताक्षर करें यहां- goo.gl/hYuwMF
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भारत हालांकि मैच में हॉफ टाइम तक 1 गोल से आगे था। लेकिन हॉफ टाइम के बाद टीम इंडिया फटाफट हॉकी नहीं खेल पा रही थी। जर्मनी संयमित आक्रमण के साथ अपना ठोस बचाव भी कर रहा था। मैच खतम होने में कम समय बचा था। पर भारत जर्मनी पर हावी नहीं हो पा रहा था। इसी बीच ध्यानचंद ने अपनी फुर्ती दिखाई।
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उन्होंने अपने स्पाइक वाले जूते मोजे उतारे और नंगे पाव मैदान में उतरे। इसके बाद ध्यानचंद ने गेंद को अपने कब्जे में लेना शुरू किया। ध्यानचंद की तेजी को देखकर जर्मन खिलाड़ियों को समझ में नहीं आ रहा था कि अब किस तरह ध्यानचंद का सामना किया जाए। चंद मिनटों में ही ध्यानचंद ने गोल दागने शुरू कर दिए। उन्होंने मैच में 3 गोल किया और भारत ने जर्मनी को 8-1 से हरा दिया था। ध्यानचंद के ऐसे कई किस्से उनकी महानता और उनकी हॉकी प्रतिभा को बयां करते हैं।
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