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Tokyo Olympics: हॉकी कप्तान मनप्रीत ने कोरोना वॉरियर्स को समर्पित किया कांस्य पदक, कहा- हम लड़े और अंत तक हार नहीं मानी

Thu, 05 Aug 2021 04:06 PM IST
ओम. प्रकाश स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: ओम. प्रकाश Updated Thu, 05 Aug 2021 04:06 PM IST
सार

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने जर्मनी के खिलाफ जीते गए कांस्य पदक को कोरोना वॉरियर्स को समर्पित किया है। कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में भारत ने जर्मनी को 5-4 से पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। 

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Tokyo Olympics 2021 Indian hockey captain Manpreet Singh dedicate Bronz medal to to COVID warriors said We fought and never gave up
भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टोक्यो ओलंपिक में 5 अगस्त को भारतीय हॉकी टीम ने इतिहास रच दिया। कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में भारत ने बेहद रोमांचक मुकाबले में जर्मनी को 5-4 से शिकस्त देकर मेडल जीत लिया। भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर पूरे देश में जश्न का माहौल है। भारत ने ओलंपिक में हॉकी में यह पदक 41 साल बाद जीता। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह ने इस कांस्य पदक को डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित किया है जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अथक प्रयास करते हुए लोगों को बचाया।

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पंजाब के जालंधर से ताल्लुक रखने वाले 29 वर्षीय कप्तान मनप्रीत जर्मनी पर 5-4 की जीत दर्ज करने के बाद भाव-विभोर थे। ओलंपिक में भारत द्वारा हॉकी में जीता गया यह 12वां पदक था। वहीं, भारत हॉकी में चार दशक बाद पदक जीता है। इससे पहले हॉकी टीम ने साल 1980 में मास्को में हुए ओलंपिक में पदक जीता था। भारत ने ओलंपिक में हॉकी स्पर्धा में 8 गोल्ड मेडल जीते हैं। 

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पदक जीतने के बाद मनप्रीत सिंह ने कहा, मैं नहीं जानता कि मुझे क्या कहना है यह शानदार जीत थी, हम 3-1 से पीछे थे, लेकिन हम मेडल के हकदार थे। उन्होने कहा, हमने बहुत मेहनत की है, पिछले 15 महीने हमारे लिए भी मुश्किल भरे थे, हम बैंगलोर में थे और हममें से कुछ को भी कोविड हो गया। इसलिए हम इस पदक को उन डॉक्टरों और  स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित करना चाहते हैं जिन्होंने भारत में कई लोगों की जान बचाई है।

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इस मुकाबले में जर्मनी ने भारतीय हॉकी टीम की कड़ी परीक्षा ली और मनप्रीत ने विपक्षी टीम के इस साहस को स्वीकार भी किया। मनप्रीत ने कहा यह मुश्किल था उन्हें आखिरी छह सेकेंड में पेनल्टी कॉर्नर मिला, हमने सोचा कि हमें इस बचाना होगा, यह मेरे लिए मुश्किल है। 

मनप्रीत के मुताबिक हमें ओलंपिक में पदक जीते लंबा अरसा बीत चुका था, अब हमें और आत्मविश्वास मिलेगा, हां हम ऐसा कर सकते हैं, अगर हम ओलंपिक में पोडियम पर खत्म कर सकते हैं तो कहीं भी पोडियम पर खत्म कर सकते हैं। 

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