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कभी हॉकी छोड़ने की सोचने लगे थे रुपिंदर सिंह, अब भारत को ओलंपिक मेडल दिलाना है लक्ष्य
Fri, 08 Nov 2019 10:17 AM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Fri, 08 Nov 2019 10:17 AM IST
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रुपिंदर पाल सिंह
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पिछले साल एशियाई खेलों में भारत की मलयेशिया के हाथों सेमीफाइनल में हार के बाद रुपिंदर सिंह को टीम से बाहर कर दिया गया था। चोट से परेशान रहने के बाद अप्रैल में भारतीय टीम में वापसी करने के बाद जून में भुवनेश्वर में जब एफआईएच सीरीज फाइनल्स के लिए जगह नहीं बना सके तो एकबारगी उन्होंने अपनी हॉकी टांगने का मन बना लिया था। परिवार और दोस्तों की हौसलाअफजाई से रुपिंदर ने नकारात्मक सोच छोड़ कर पहले बेल्जियम दौरे के लिए भारतीय टीम में वापसी की।
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अब रुपिंदर का मानना है कि भारत जनवरी में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे सीजन में जब पदार्पण करेगा तो यह टोक्यो ओलंपिक के लिए आदर्श तैयारी का काम करेगा। पिछले साल टूर्नामेंट के पहले सत्र से बाहर रहने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग में अपने अभियान की शुरुआत अगले साल जनवरी में घरेलू सरजमीं पर नीदरलैंड के खिलाफ करेगी। पिछले हफ्ते भुवनेश्वर में ओलिंपिक क्वॉलिफायर के साथ राष्ट्रीय टीम में वापसी करने वाले रुपिंदर ने कहा कि प्रो लीग से 2020 ओलिंपिक से पहले भारतीय टीम को अपने मजबूत और कमजोर पक्षों का उचित अनुमान लग जाएगा।
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उन्होंने कहा, ‘एफआईएच प्रो लीग अपने पहले सत्र में काफी सफल रही और अगले साल इस हिस्सा बनने को लेकर हम काफी उत्साहित हैं। इन मैचों से हमारी अच्छी परीक्षा होगा, विशेषकर दुनिया भर की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ खेलने से। अगले आठ महीने में हम कुछ बेहद मजबूत टीमों की मेजबानी करेंगे और उनकी सरजमीं पर जाकर खेलेंगे।’
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रुपिंदर ने कहा, ‘हमारा लक्ष्य ओलंपिक के लिएडॉ़ क्वॉलिफाइ करना था और अब हमने अपना स्थान पक्का कर लिया है इसलिए अब समय है कि ओलंपिक खेलों की तैयारी के लिए सब कुछ झोंक दिया जाए। ओलंपिक की तैयारी के लिए हमारे पास 9 महीने हैं और एफआईएच प्रो लीग से हमारी अच्छी तैयारी होगी। हम देख पाएंगे कि शीर्ष टीमों के खिलाफ हमारी स्थिति क्या है और ओलंपिक से पहले हमारे पास सुधार और बदलाव करने का पर्याप्त समय होगा।’
प्रो लीग के दूसरे सत्र के कार्यक्रम के अनुसार भारत अगले साल नीदरलैंड से 18 और 19 जनवरी को खेलेगा। टीम इसके बाद 8-9 फरवरी को बेल्जियम की मेजबानी करेगी जबकि इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी 22 और 23 फरवरी को अपनी सरजमीं पर खेलेगी। भारतीय टीम इसके बाद जर्मनी में 25 और 26 अप्रैल जबकि ग्रेट ब्रिटेन में दो और तीन मई को खेलेगी। भारतीय टीम 23 और 24 मई को न्यूजीलैंड की मेजबानी करेगी और फिर अर्जेंटीना से पांच और छह जून को उसकी सरजमीं पर खेलेगी। टीम प्रो लीग के राउंड रोबिन मैचों का अंतिम चरण 13 और 14 जून को स्पेन में खेलेगी।