स्पेन दौरा विश्व कप और एशियाई खेलों की तैयारी के लिए अहम: रानी रामपाल
भारत की कप्तान और तेज तर्रार स्ट्राइकर रानी रामपाल अब पूरी तरह फिट होकर भारतीय महिला हॉकी की कप्तानी के लिए तैयार हैं। उनके नेतृत्व में भारत की महिला हॉकी टीम शनिवार को पांच स्पेन में उसके खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने रवाना होगी। बेंगलुरू से रानी रामपाल ने 'अमर उजाला' से खास बातचीत में बुधवार को कहा, 'हमारी टीम के लिए स्पेन दौरा खुद को जुलाई-अगस्त में लंदन में महिला हॉकी विश्व कप और अगस्त में जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों के लिए तैयार करने के लिए खासा अहम है। दरअसल लंदन महिला विश्व कप में दुनिया की टॉप टीमों के खिलाफ खेलने का अनुभव हमें एशियाई खेलों में खिताब जीतने के मकसद को पाने में बहुत मददगार साबित होगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमारा मकसद एशियाई खेलों में खिताब जीत कर 2020 के टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करना है। एक बार फिर सढे महिला हॉकी टीम के चीफ कोच की जिम्मेदारी संभालने वाले सोएर्ड मराइन सर के लिए टीम का यह स्पेन दौरा अपने सभी विकल्पों को आजमा कर लंदन महिला विश्व कप के लिए भारतीय टीम को अंतिम रूप देने का मौका होगा। मैं इसमें पदक जीतने की भविष्यवाणी तो नहीं करती लेकिन इतना जरूर विश्वास दिलाती हूं कि हमारी टीम इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।'
रानी कहती हैं, 'दक्षिण कोरिया में महिला एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में रजत पदक जीतने से हमारी टीम के हौसले बुलंद हैं। एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद बेंगलुरू में शिविर में सबसे ज्यादा जोर पेनल्टी कॉर्नरों को गोल में बदलने पर दिया है। हमारी खिलाड़ी मैदानी गोल करने के खूब मौके बनाने के बावूजद सभी को भुना नहीं पा रही थी। हमने मैदानी गोल के मौके बनाने के साथ इनमें अधिकतम को गोल में बदलने के लिए 'डी' के भीतर अपनी निशानेबाजी और अचूक करने पर काफी मेहनत है। स्पेन दौरे पर मेरे साथ फुलबैक सुशीला चानू ने भी वापसी की और एशियाई महिला चैंपियंस ट्रॉफी में शिरकत करने वाली सभी 18 खिलाडियों के साथ हमारी 20 सदस्यीय स्पेन जाएगी। इससे सभी खिलाडिय़ों को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर विश्व कप और एशियाई खेलों के लिए अपनी मजबूत दावेदारी का मौका मिलेगा।'
वह बताती हैं, 'कोचों की अदला बदलली के बाद हरेन्द्र सर से मराइन सर के एक बार फिर भारतीय महिला हॉकी टीम कोच की जिम्मेदारी संभालने की बात तो एक बात साफ कर दूं कि कोई पहली दफा तो कोच नहीं बदले गए हैं। हमारी लड़कियां पूरी तरह फोकस हैं और खुद को मराइन सर की रणनीति के मुताबिक ढाल कर अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं। हम सभी लड़कियों की पूरी कोशिश यह है कि हम एकाग्र होकर भारत के लिए बेहतर प्रदर्शन कर उसे उसके लक्ष्य को हासिल कराने में साझीदार बनें। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के लिए गुरजीत कौर, सुनीता लाकड़ा और यहां तक मैं भी खुद भी ड्रैग फ्लिक से और यहां तक इनडायरेक्ट गोल करने की कोशिश कर रही हैं। हमारे कोच मराइन सर दरअसल यह चाहते हैं कि महिला विश्व कप और एशियाई खेलों में हमारी सभी खिलाड़ी पूरी तरह तरोताजा रहे और इसीलिए वह बराबर खिलाडिय़ों को हर टूर्नामेंट और मैचों में रोटेट कर रहे हैं यानी बारी-बारी से मौका दे रहे हैं।'