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हमारी टीम में सभी का पूरा फोकस महिला हॉकी विश्व कप पर : रानी रामपाल
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:10 AM IST
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रानी रामपाल
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देश की बेहतरीन स्ट्राइकर और कप्तान रानी रामपाल अनुभवी दीपिका ठाकुर मौजूदा टीम की उन दो खुशकिस्मत खिलाडिय़ों में से एक हैं जो दूसरी बार महिला हॉकी विश्व कप में भारत की नुमाइंदगी करेंगी।
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रानी रामपाल के साथ दीपिका ठाकुर भी 2010 में अर्जेंटीना में विश्व कप में दसवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम में बतौर फॉरवर्ड खेलीं थी। दीपिका अब लंदन विश्व कप में दीप ग्रेस एक्का,सुनीता लाकड़ा और गुरजीत कौर के साथ दुनिया की दसवें नंबर की टीम भारत की रक्षापंक्ति की अहम कड़ी हैं।
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भारत के लिए अब तक महिला हॉकी विश्व कप में सबसे ज्यादा छह मैदानी गोल करने वाली 23 वर्षीय कप्तान रानी रामपाल की अगुवाई में भारतीय टीम लंदन में महिला हॉकी विश्व कप में इस बार बेहतरीन प्रदर्शन को बेताब है।
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रानी रामपाल ने इस विश्व कप में भारत की संभावनाओं की बाबत 'अमर उजाला' से कहा, 'हमारी टीम में इस समय सभी का पूरा फोकस केवल और केवल महिला हॉकी विश्व कप पर है। मुझे और दीपिका को छोड़ हमारी टीम में सभी का यह पहला विश्व कप होगा। विश्व कप चार बरस बाद आता है। अगर हम एक साथ विश्व कप और एशियाई खेलों की बाबत सोचेंगे तो एक पर भी ध्यान नहीं लगा पाएंगे।'
उन्होंने कहा, 'हमारी टीम आठ बरस के बाद इसमें शिरकत करेगी। हम दुनिया की श्रेष्ठ टीमों से मुकाबले के लिए तैयार है। हम इस महिला विश्व कप में अच्छी पॉजिशन पाने का विश्वास है और हमारा लक्ष्य है इसमें शीर्ष चार में आना है। इसे पाने के लिए हमें एकाग्र होकर आखिर मैच तक जीत के मानस से उतरना होगा। टीम की ताकत हमारा एका और अनुभव है। लंदन विश्व कप में हमारे अपने पूल बी में दुनिया की दूसरे नंबर की टीम इंग्लैंड, सातवें नंबर की टीम अमेरिका और 16वें नंबर की टीम आयरलैंड है।'
वह बताती हैं, 'मैं भारतीय हॉकी टीम की कप्तानी को दबाव के रूप में नहीं बल्कि अनुकरणीय खेल दिखाने और जिम्मेदारी के रूप में लेती हूं। ऐसा कर के ही आप टीम को बेहतरीन खेल को प्रेरित कर सकते हैं। हम विश्व कप में दुनिया की श्रेष्ठ टीमों के खिलाफ बेहतर खेलेंगे तो इसके तुरंत बाद जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों में भी ज्यादा विश्वास के साथ उतर पाएंगे। फिलहाल एफआईएच महिला रैंकिंग में भारतीय टीम 10वें स्थान पर है।'
रामपाल ने आगे कहा, 'हमारी महिला हॉकी टीम की ज्यादातर लड़कियां पिछले कई बरस से साथ-साथ खेल रही हैं। गोलरक्षक सविता पूनिया का खासतौर पर शूटआउट में अनुभव हमारे लिए विश्व कप में बहुत काम आएगा। लंदन विश्व कप में हम अभियान का आगाज इंग्लैंड के खिलाफ मैच से करेंगे। मैदान पर उतरने के बाद किसी भी टीम की रैंकिंग कोई मायने नहीं रखती है बल्कि दिन विशेष जो टीम बेहतर खेलेगी,जीत उसे ही मिलेगी। हमारी टीम की फिटनेस काफी बेहतर हुई है।'
कप्तान ने कहा, 'हम इंग्लैंड के खिलाफ पहले भी अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। हम अपनी रणनीति को मैदान पर अंजाम देने में सफल रहे और अपने स्ट्रक्चर के मुताबिक खेले तो हम इंग्लैंड के खिलाफ भी जरूर जीतेंगे। हमें हॉकी में शीर्ष पर पहुंचना है तो फिर जीत की आदत डालनी होगी।'
रानी रामपाल कहती हैं, 'गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की गलतियों को हमने बेंगलुरू शिविर में दूर करने की पुरजोर कोशिश की है। सविता दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना खूब जानती हैं। दीपिका ठाकुर, सुनीता लाकड़ा और दीपग्रेस एक्का के रूप में हमारी रक्षापंक्ति में अनुभवी खिलडिय़ों की मौजूदगी टीम को बहुत भरोसा दिलाती है। हमारी अग्रिम पंक्ति में मेरा, वंदना कटारिया, नवनीत कौर का टीम की सबसे यंग फॉरवर्ड ललरेमसियामी के साथ तालमेल बहुत बढिय़ा है। नमिता टोपो, लिलिमा मिंज और नवजोत कौर के रूप में हमारे पास बहुत चतुर मध्यपंक्ति है।'