{"_id":"5c2d3763bdec225727279566","slug":"pr-sreejesh-is-this-end-of-champion-goal-keeper-of-indian-hockey-team","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश का करियर खत्म?","category":{"title":"Hockey","title_hn":"हॉकी","slug":"hockey"}}
क्या भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश का करियर खत्म?
Thu, 03 Jan 2019 03:42 AM IST
अंशुल तलमले
सत्येन्द्र पाल सिंह
सत्येन्द्र पाल सिंह
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 03 Jan 2019 03:42 AM IST
विज्ञापन
भारत की जकार्ता एशियाई खेलों और ओडिशा हॉकी विश्व कप जैसे बड़े मंच पर चुनौती बहुत आगे तक नहीं जाने का बड़ा कारण उसके सदाबहार गोलरक्षक पीआर श्रीजेश का अहम मौकों पर चूकना रहा है। हर ओर से यह सवाल किया जा रहा है कि क्या भारत को अब श्रीजेश के विकल्प के बाबत सोचना चाहिए। इससे भी बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत के पास श्रीजेश का विकल्प है? श्रीजेश के भविष्य और भारतीय हॉकी टीम के लिए नए गोलरक्षक के बारे में 'अमर उजाला’ ने पूर्व हॉकी ओलंपियन एबी सुबैया से बात की।
विज्ञापन
सुबैया ने कहा, 'चोट से उबर कर श्रीजेश ने भारतीय टीम में बतौर गोलरक्षक वापसी करने के बाद विश्व कप सहित हाल ही में कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पैरों के करीब या उनके बीच से गोल खाए। श्रीजेश ने हाई बॉल यानी उंचे फ्लिक पर परास्त होने से गोल नहीं खाए हैं। अभी भारत को करीब छह महीने तक किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट में शिरकत नहीं करनी है। भारत अब अब बड़ा टूर्नामेंट 2019 में एफआईएच सीरीज फाइनल्स जून में भुवनेश्वर में जून में खेलेगा।
विज्ञापन
भारत की सीनियर हॉकी टीम का 2019 का पहला राष्ट्रीय हॉकी शिविर फरवरी में होगा। भारत का ज्यादा जोर इसमें अब भविष्य के लिए नए गोलरक्षकों को तैयार करने पर होना चाहिए। भारत को हालांकि नए गोलरक्षकों को तैयार करने के लिए श्रीजेश को साथ रखना होगा, क्योंकि गोलरक्षक को तैयार करने में काफी वक्त लगता है।
विज्ञापन
भारत को सूरज करकेरा और कृष्ण बहादुर पाठक को श्रीजेश के साथ रख कर ज्यादा से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिलाने की जरूरत है। अनुभव के साथ ये दोनों बेहतर होंगे। बदकिस्मती से आकाश चिकते प्रतिबंधित शक्तिवर्धक दवा के इस्तेमाल के चलते दो बरस के प्रतिबंध के कारण उपलब्ध नहीं हैं। भारत को आगे सबसे पहले जनवरी के पहले हफ्ते में चेन्नै सीनियर राष्ट्रीय पुरुष हॉकी चैंपियनशिप (बी डिवीजन) में भी खासतौर पर उदीयमान हॉकी गोलरक्षकों को खोजने पर खासी तवज्जो देने की जरूरत है।’
वह कहते है, 'हमें अभी बड़ा टूर्नामेंट जून में भुवनेश्वर में एफआईएच सीरीज फाइनल्स जून में खेलना है। भारत हालांकि इससे पहले मार्च में इपोह में सुलतान अजलान कप में खेलेगा। चोट के बाद भारतीय हॉकी टीम में वापसी करने के बाद श्रीजेश को पूरे रंग में नहीं दिखे। किसी भी गोलरक्षक को चोट के बाद टीम में वापसी करने में रंगत पाने में वक्त लगता है।'
दुनिया के बेहतरीन हॉकी उस्ताद ऑस्ट्रेलिया के रिक चार्ल्सवर्थ ने भुवनेश्वर में हॉकी विश्व कप क्वॉर्टर फाइनल से पहले ठीक कहा था कि दुनिया के बड़े हॉकी टूर्नामेंट में मैच के नतीजों में गोलरक्षक अहम भूमिका निभाते हैं। भारत हॉकी एफआईएच सीरीज फाइनल्स 2019 के लिए भी अच्छे गोलरक्षक पर ध्यान देने की जरूरत है। भारत को इसके बाद 2020 में टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने और उसमें बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए भी मुस्तैद गोलरक्षकों की जरूरत होगी।’