'भारत को खेलनी होगी आक्रामक हॉकी, यही है उसकी ताकत'
कप्तान स्ट्राइकर रानी रामपाल, वंदना कटारिया, गोलरक्षक सविता पूनिया और डच हॉकी उस्ताद सोएर्ड मराइन ने भारतीय टीम के महिला हॉकी विश्व कप के लिए लंदन रवाना होने से कहा था कि टीम का पहला लक्ष्य क्वॉर्टर फाइनल में स्थान पाना है। भारतीय महिला टीम ने इस पहले लक्ष्य को पा लिया है।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने धीमे पर सधे कदमों से आगे बढ़कर इटली पर क्रॉसओवर में दौर में मंगलवार रात 3-0 से जीत के साथ बुलंद इरादों के साथ अंतिम आठ में जगह बनाई है। 2002 में मैनचेस्टर में राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में जीत दिला सुनहरा तमगा दिलाने वाली हरियाणा की 'चक दे गर्ल' ममता खरब, प्रीतम रानी ठाकरान और भारत की महिला हॉकी टीम के कामयाब उस्तादों में एक महाराज कृष्ण कौशिक ने 'अमर उजाला' से बृहस्पतिवार को एक सुर में कहा, 'लंदन में भारतीय हॉकी टीम के बृहस्पतिवार को आयरलैंड को हरा कर सेमीफाइनल खेलने का पूरा विश्वास है। इसके लिए भारत को आक्रामक हॉकी खेलनी होगी, क्योंकि यही उसकी ताकत है। भारत को पेनल्टी कॉर्नर पर इनडायरेक्ट गोल करने के लिए रिबाउंड पर गेंद को गोल करने के हर मौके को भुनाना होगा।'
जीतना है तो गोल करने के मौके भुनाने होंगे: ममता खरब
ममता खरब पर दरअसल 'चक दे इंडिया' में हरियाणवी विद्रोही फॉरवर्ड कोमल चौटाला का किरदार केंद्रित है। अब हरियाणा में पुलिस में डीएसपी के पद पर तैनात 36 बरस की ममता खरब ने कहा, 'आयरलैंड के खिलाफ पूल मैच में की गलतियों से सबक लेकर भारतीय महिला टीम क्वॉर्टर फाइनल में खेलने उतरेगी। हमारी टीम आयरलैंड से हर लिहाज से बेहतर है। मुझे भारतीय टीम की आयरलैंड पर जीत के साथ सेमीफाइनल में पहुंचने का पूरा विश्वास है।'
'हमारी लड़कियों को बस पेनल्टी कॉर्नर पर इन डायरेक्ट गोल करने की रणनीति बनानी होगी। भारत की अग्रिम पंक्ति को आक्रामक हॉकी खेलनी होगी और मैदानी गोल करने के मौके भुनाने होंगे। भारत के लिए अच्छी बात यह है कि इस विश्व कप में उसकी अग्रिम पंक्ति ने जहां धार दिखाई है वहीं रक्षापंक्ति ने बेहद चौकस दिखी है। मॉडर्न हॉकी में प्रतिद्वंद्वी टीम खासतौर पर अपनी प्रतिद्वंद्वी टीमों की ड्रैग फ्लिकर के फ्लिक और कोण की बाबत जानकारी लेकर उसी के मुताबिक तैयारी करती है।'
'हमारी यंग ड्रैग फ्लिकर गुरजीत कौर के अब तक इस विश्व कप गोल न करने का कारण भी यही है। भारत के पास रानी रामपाल, वंदना कटारिया , ललरेमसियामी ,नवजोत कौर के रूप में तेज हमले करने वाली फॉरवर्ड तो हैं ही साथ उपकपतान गोलरक्षक के रूप में सविता पूनिया जैसी गोलरक्षक के साथ सुनीता लाकड़ा और दीपग्रेस एक्का जैसी भरोसेमंद फुलबैक हैं। हॉकी में मैदान पर खेल की अपनी एक भाषा होती है जिसे चाहे वह मिजोरम से आने वाली ललरेमसियामी हो या फिर हरियाणा से आने वाली कप्तान रानी रामपाल इशारों इशारों में तेजी से पढ़ लेती हैं।'
आक्रामक हॉकी खेल कर ही जीत सकते हैं और जीतेंगे : प्रीतम सिवाच
अपने जमाने की भारत की तेज-तर्रार स्ट्राइकर 44 बरस की प्रीतम रानी ठाकरान सिवाच अब बतौर कोच हॉकी की नई प्रतिभाओं को निखारने में जुटी हैं। लंदन महिला विश्व कप में अब तक भारत के लिए सबसे ज्यादा दो गोल प्रीतम की अकैडमी की नेहा गोयल ने ही किए हैं।
44 बरस की प्रीतम कहती हैं, 'आयरलैंड से हम पूल मैच पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील न कर पाने के चलते हावी रहने के बावजूद हार गए थे। पेनल्टी कॉर्नर पर हमें सीधे ड्रैग फ्लिक से गोल करने की बजाय इनडायरेक्ट गोल करने की रणनीति अपनानी होगी। हमें पूरी तरह आक्रामक हॉकी खेल कर ही जीत सकते हैं क्योंकि तेज आक्रामण ही हमारी ताकत है। हम आक्रामक खेल कर ही जीतेंगे।'
'संघर्ष पर सधे कदम से अंतिम आठ में जगह बनाने से टीम के बुलंद हौसलों के चलते मुझे इसमें कोई शक नहीं है कि हमारी टीम आयरलैंड पर पार कर सेमीफाइनल में जरूर पहुंचेगी। हमारी टीम की ताकत चतुर मध्यपंक्ति और रानी रामपाल और वंदना कटारिया की मौजूदी में तेज तर्रार अग्रिम पंक्ति है। पूरा भारत अपनी लड़कियों से आयरलैंड के खिलाफ आक्रामक हॉकी की बानगी पेश कर सेमीफाइनल में स्थान बनाने की आस लगाए है। यह आस पूरी होगी और इससे देश की उदीयमान खिलाडिय़ों के साथ ग्रास रूट पर खिलाडिय़ों को तराशने में लगे हॉकी उस्तादों का भी हौसला बढ़ेगा।'
आयरलैंड के जवाबी हमलों से चौकस रहना होगा:कौशिक
भारत के कामयाबी महिला हॉकी उस्तादों में से एक महाराज कृष्ण कौशिक जितने करीब से भारत की महिला हॉकी को जानते हैं वैसा बहुत कम लोग ही जानते हैं । कौशिक कहते हैं, 'हमारी लड़कियों ने अंतिम आठ में पहुंच कर पहली मंजिल तो पा ही है। मुझे पूरा भरोसा है कि अब हम सेमीफाइनल भी खेलेंगे।'
'इंग्लैंड और अमेरिका के खिलाफ ड्रॉ, इटली के खिलाफ दमदार जीत और आयरलैंड के खिलाफ करीबी पूल मैच में महज एक गोल से हारने के बावजूद भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं। हमारी टीम आयरलैंड के खिलाफ जीतेगी और सेमीफाइनल खेलेगी। हमारी हॉकी का स्ट्रक्चर ही आक्रामक हॉकी है।'
'हमें आयरलैंड के खिलाफ केवल और केवल आक्रामक हॉकी खेलनी होगी। हमें आयरलैंड के जवाबी हमलों से जरूर चौकस रहना होगा। इटली के खिलाफ तीन गोल कर भारत की रक्षापंक्ति ने दिखाया कि वह रंग में है। पेनल्टी कॉर्र्नर लेते समय गोलपोस्ट को 'कवर' यानी रिबाउंड लेने के लिए भारतीय खिलाड़ी को मुस्तैद रहना होगा।'