फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Hockey ›   Junior Hockey Coach Harendras Story Is Like Chak De Indias Kabir Khan

मिलिए रियल लाइफ के ‘कोच कबीर खान’ से, जिसने भारत को जितवाया विश्व कप

Mon, 19 Dec 2016 06:59 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली
टीम डिजिटल, अमर उजाला/ नई दिल्ली Updated Mon, 19 Dec 2016 06:59 PM IST
विज्ञापन
Junior Hockey Coach Harendras Story Is Like Chak De Indias Kabir Khan
शाहरुख रन - फोटो : Bollywood Life
फिल्म ‘चक दे इंडिया’ के कोच कबीर खान की कहानी सभी को याद होगी कि कैसे मेडल न जीत पाने का मलाला किसी के लिए प्रेरणा बनता है और वो अपने साथियों की जरिए अपने सपने को सच होते देखता है। ऐसा ही कुछ हुआ जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया के साथ।
विज्ञापन


11 बरस पहले रोटरडम में कांसे का तमगा नहीं जीत पाने की टीस उनके दिल में नासूर की तरह घर कर गई थी और अपनी सरजमीं पर घरेलू दर्शकों के सामने इस जख्म को भरने के बाद कोच हरेंद्र सिंह अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके।
विज्ञापन


भारत ने रविवार को जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के फाइनल में बेल्जियम को हराकर 15 साल के सूखे को खत्म करते हुए दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया. खिताबी मुकाबले में भारत ने बेल्जियम को 2-1 से शिकस्त दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कांस्य के मलाल ने दिलवाया सोना!

Junior Hockey Coach Harendras Story Is Like Chak De Indias Kabir Khan
हरेंद्र सिंह
अपने 16 साल के कोचिंग करियर में अपने जुनून और जज्बे के लिए मशहूर रहे हरेंद्र ने दो साल पहले जब फिर जूनियर टीम की कमान संभाली, तभी से इस खिताब की तैयारी में जुट गए थे। उनका किरदार फिल्म 'चक दे इंडिया' के कोच कबीर खान (शाहरुख खान) की याद दिलाता है, जिसने अपने पर लगे 'कलंक' को मिटाने के लिए एक युवा टीम की कमान संभाली और उसे विश्व चैंपियन बना दिया।

हरेंद्र ने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और हार नहीं मानने का जज्बा भरा, लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने युवा टीम को व्यक्तिगत प्रदर्शन के दायरे से निकालकर एक टीम के रूप में जीतना सिखाया।

भारत के फाइनल में प्रवेश के बाद जब उनसे इस बारे में पूछा गया था, तो उन्होंने कहा था, 'यह मेरे अपने जख्म हैं और मैं टीम के साथ इसे नहीं बांटता। मैंने खिलाड़ियों को इतना ही कहा कि हमें पदक जीतना है, रंग आप तय कर लो. रोटरडम में मिले जख्म मैं एक पल के लिए भी भूल नहीं सका था।' रोटरडम में कांस्य पदक के मुकाबले में स्पेन ने भारत को पेनल्टी शूट आउट में हराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed