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वर्ल्ड हॉकी लीग-3 में नई जर्सी में नजर आएगी भारतीय टीम
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jun 2013 10:13 PM IST
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वर्ल्ड हॉकी लीग-3 में उतरने से पहले भारतीय हॉकी टीम नई जर्सी में तरोताजा होकर मंगलवार को रैंप पर थी।
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हालांकि टीम के हाई परफॉरमेंस डायरेक्टर रोलैंट ओल्टमेंस व आस्ट्रेलियाई कोच माइकल नॉब्स को रैंप पर टीम के नए अवतार से ज्यादा रोटरडम (नीदरलैंड) के पॉली ग्रास पर वर्ल्ड कप क्वालीफाइंग के लिए मिलने वाली कड़ी चुनौती की चिंता सवार थी।
ओल्टमेंस की बातें साफ कर देती हैं कि वह टीम के सभी विभागों से खुश नहीं हैं। उन्हें गोलकीपिंग कमजोर पक्ष लगता है साथ ही टीम को दबाव में बिखरने से बचाने के लिए वह एक मनोचिकित्सक की जरूरत महसूस करते हैं।
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ओल्टमेंस का कहना है कि भारत को 13 से 23 जून को होने वाले इस टूर्नामेंट की पहली तीन टीमों में रहना है तो उसे आत्मविश्वास से लबरेज होकर एक जैसा प्रदर्शन करने की आदत डालनी होगी। यह टूर्नामेंट ऐसा है जहां हर टीम बेहद मजबूत है। एक भी गलती भारी पड़ सकती है।
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भारत के साथ आयरलैंड, न्यूजीलैंड व मेजबान नीदरलैंड जैसी मजबूत टीमें हैं। पहले तीन स्थानों पर रहने वाली टीमें वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेंगी। यहां चूके तो भारत के पास वर्ल्ड कप खेलने के लिए सिर्फ एशिया कप को जीतने का विकल्प रहेगा।
टीम की फिटनेस को लेकर ओल्टमेंस और नॉब्स दोनों को कोई संदेह नहीं है। लेकिन गुरविंदर चांडी और दानिश मुजतबा का चोट के चलते टीम में शामिल नहीं होना दोनों को अखर रहा है।
यही कारण है कि कैंप में खिलाड़ियों के टीम प्रदर्शन के साथ उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन पर भी जोर दिया गया है।
ओल्टमेंस यह भी कहते हैं कि संदीप सिंह के आने से पेनाल्टी कार्नर विभाग मजबूत हुआ है। टीम से बाहर रहने के चलते इस खिलाड़ी की शारीरिक भाषा में बदलाव आया है। उनमें सीखने की ललक भी दिखाई दी है।
नॉब्स का कहना है कि उन्हें अपने आक्रमण विभाग से शिकायत नहीं है लेकिन रक्षण पर काम करना होगा। कप्तान सरदार सिंह का कहना है कि उनकी टीम को इस टूर्नामेंट में विरोधियों को आसान गेंद देने से बचना होगा। यह चूक टीम को भारी पड़ सकती है।
महिला टीम रितु रानी की अगुवाई में चुनौती पेश करेगी। लेकिन उसे बेहद मजबूत जर्मनी, न्यूजीलैंड व बेल्जियम के साथ रखा गया है।