भारतीय जूनियर पुरुष टीम ने किया निराश तो महिला हॉकी टीम को मिली जीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत की जूनियर पुरुष हॉकी टीम की यहां आठ देशों के अंडर 21 आमंत्रण टूर्नामेंट में शुरुआत खराब रही जब उसे पूल बी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। दोनों टीमों के बीच शुरुआत में कड़ी टक्कर देखने को मिली और काफी मौके बनाने के बावजूद कोई टीम गोल नहीं कर सकी।
दूसरे क्वार्टर में ऑस्ट्रेलिया ने आक्रामक रवैया अपना जबकि भारत ने पलटवार करने को तरजीह दी। ऑस्ट्रेलिया के डाइलन मार्टिन को इस बीच मैच का पहला हरा कार्ड दिखाया गया।
भारतीय टीम हालांकि एक खिलाड़ी अधिक होने का फायदा नहीं उठा सकी और जल्द ही मनिंदर सिंह को फाउल करने पर हरा कार्ड दिखा दिया गया। ऑस्ट्रेलिया ने इसके बाद 25वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर नाथन एफ्राम्स के गोल से बढ़त बनाई।
एफ्राम्स ने 44वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर एक और गोल दागकर स्कोर 2-0 किया। भारत ने चौथे क्वार्टर में तेज शुरुआत की। उसे जल्द ही पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन आस्ट्रेलिया के गोलकीपर केड बेनडिट ने भारत के प्रयास को नाकाम कर दिया।
लियाम हार्ट (53वें मिनट) और एहरेन हेजेल (60वें मिनट) ने इसके बाद एक-एक गोल दागकर आस्ट्रेलिया की 4-0 से जीत सुनिश्चित की।
भारतीय जूनियर महिला टीम ने बेलारूस को 4-1 से हराया
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने रीत की हैट्रिक की बदौलत यहां दौरे के दूसरे मैच में बेलारूस को 4-1 से हराया। भारत को मैच के शुरुआती मिनटों में ही पहला पेनल्टी कार्नर मिला जिसे रीत ने गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। बेलारूस ने हालांकि जल्द ही बराबरी का गोल दागकर स्कोर 1-1 कर दिया।
दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में शर्मिला देवी ने गोल दागकर एक बार फिर भारत को 2-1 से आगे कर दिया। मध्यांतर तक भारतीय टीम 2-1 से आगे थी। भारत को तीसरे क्वार्टर में कई पेनल्टी कार्नर मिले जिसमें से तीसरे पर रीत ने अपना दूसरा गोल दागा। चौथे क्वार्टर में रीत ने पेनल्टी स्ट्रोक पर एक और गोल दागकर हैट्रिक पूरी की और भारत को 4-1 से जीत दिलाई।