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हॉकी कप्तान मनप्रीत ने किया खुलासा: टोक्यो की गर्मी में ढलने को दोपहर की प्रैक्टिस चुनी
Fri, 02 Jul 2021 08:07 AM IST
Jeet Kumar
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
हेमंत रस्तोगी, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Jul 2021 08:07 AM IST
सार
- हॉकी कप्तान मनप्रीत ने किया खुलासा टोक्यो की गर्मी में ढालने को दोपहर की प्रैक्टिस चुनी
- भारतीय टीम के ज्यादातर मैच 10 से 12 बजे के बीच होने हैं
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भारतीय हॉकी टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
देश का ज्यादातर हिस्सा जहां गर्मी में झुलस रहा है, वहीं भारतीय हॉकी टीम ओलंपिक पदक के लिए दोपहर की तपती धूप में तैयारियां कर रही है। ऐसा नहीं कि हॉकी टीम को मजबूरी में दोपहर की तपती धूप में तैयारियां करनी पड़ रही हैं।
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ओलंपिक पदक के लिए यह रास्ता टीम मैनेजमेंट ने खुद निकाला है। कप्तान मनप्रीत सिंह अमर उजाला से खुलासा करते हैं कि टोक्यो में उन्हें गर्म और उमस भरा मौसम मिलने वाला है। फिर भारतीय टीम के ज्यादातर मैच सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच बेहद गर्मी, उमस में होने वाले हैं। यही कारण है कि कोच ग्राहम रीड के साथ मिलकर टीम ने बंगलूरू में दोपहर की धूप में प्रैक्टिस करने का फैसला लिया।
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दोपहर का अभ्यास टोक्यो में आएगा काम
मनप्रीत के मुताबिक टोक्यो जाने से पहले टीम वहां के मौसम में खेलने की आदत डालना चाहती है। टोक्यो में टीम को ज्यादा अभ्यास का मौका नहीं मिलने वाला है।
यही कारण है कि टीम ने बंगलूरू में 11 से एक बजे दोपहर के अभ्यास को चुना है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी में खेलना कठिन होता हैं यहां से आदत डालकर जाएंगे तो टोक्यो में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।
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मजबूत टीमों की स्टाइल अपना खेले मैच
मनप्रीत मानते हैं कि टीम को ओलंपिक में जाने से पहले ज्यादा मैच नहीं खेलने को मिले हैं, लेकिन स्थितियां ही ऐसी थीं। इसमें कुछ नहीं किया जा सकता था। इसके लिए शिविर में दो टीमें बनाकर ठीक उन स्थितियों में मैच खेले गए जिस तरह टोक्यो में खेले जाने हैं।
अर्जेंटीना, नीदरलैंड, जर्मनी, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के वीडियो देखकर उनके मजबूत पक्षों को पकड़ा गया। इन्हीं के अनुसार मैच खेले गए। जिस स्टाइल से ये टीमें खेलती हैं। उन्हीं का खेल मैदान पर उतारकर मैच खेले गए। इससे काफी हद तक मैच प्रैक्टिस को दूर किया गया है।
यहीं से टोक्यो जाने की योजना
मनप्रीत के मुताबिक टीम की यहीं से टोक्यो जाने की योजना है। तीन दिन के एकांतवास पर वह कहते हैं कि ठीक उसी माहौल में टीम रह रही जैसा उन्हें टोक्यो में मिलना है। उन्हें लगता है कि वहां हालात से तालमेल बिठाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी।