टोक्यो में ओलंपिक पदक का इंतजार खत्म कर सकती है भारतीय हॉकी टीम : श्रीजेश

स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Updated Fri, 17 Jul 2020 04:37 PM IST
विज्ञापन
पीआर श्रीजेश
पीआर श्रीजेश - फोटो : social media

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
अपने 14 साल के करियर में टीम की सफलता और असफलता को करीब से देखने वाले भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर पीआर श्रीजेश का मानना है कि 'बेहतरीन सुधार' करने वाली भारतीय टीम में अगले साल ओलंपिक में पदक के लंबे इंतजार को खत्म करने की क्षमता है।
विज्ञापन

भारतीय हॉकी टीम का ओलंपिक में शानदार रिकार्ड रहा है जहां टीम ने आठ स्वर्ण के अलावा एक रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। चार साल में एक बार होने वाले ओलंपिक में भारतीय टीम ने आखिरी बार सफलता स्वाद 40 साल पहले मास्को ओलंपिक में स्वर्ण जीत कर चखा था।
श्रीजेश ने हालांकि माना कि हाल के दिनों में भारतीय टीम में काफी सुधार हुआ हैं। हॉकी इंडिया से जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अब बहुत अंतर (दूसरी टीमों से तुलना में) नहीं है, हमने इस साल की शुरूआत में एफआईएच प्रो लीग में ऐसा कर दिखाया है। हम किसी को भी हरा सकते हैं, सिर्फ हरा ही नहीं सकते है बल्कि हमारे खेल की शैली उन पर हावी हो सकती हैं।'
उन्होंने कहा, 'अभी तैयारियों के लिए एक साल (तोक्यो ओलंपिक) का समय है। यह मेरे लिए सबसे बड़ा टूर्नामेंट होगा और मुझे लग रहा है कि यह भारतीय हॉकी के लिए काफी महत्वपूर्ण साल होगा।'  श्रीजेश ने कहा, 'अगर हम अगले साल टोक्यो में अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करते हैं तो हम वास्तव में ओलंपिक पदक को अपने देश में वापस ला सकते हैं।'

भारत के लिए 2012 और 2016 में ओलंपिक में प्रतिनिधित्व कर चुके 32 साल के इस अनुभवी गोलकीपर ने माना कि वह अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर हैं और उन्हें एक साल के लिए स्थगित किये गये टोक्यो ओलंपिक से काफी उम्मीदें हैं।

पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, 'टोक्यो ओलंपिक वास्तव में ऐसा है जिसका मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। हम अपने खेल के विभिन्न पहलुओं में सुधार लाने में कामयाब रहे। हमारा फिटनेस का स्तर दुनिया की ज्यादातर दूसरी टीमों से बेहतर है।'

भारतीय टीम का 2016 ओलंपिक में नेतृत्व करने वाले श्रीजेश ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने तकनीकी चीजों में सुधार के साथ एक अच्छी संरचना बनायी हैं। हमारे आक्रमण में तेजी आयी है और विविधता बढ़ी हैं। मैं देख रहा हूं कि कई युवा खिलाड़ी शीर्ष टीमों के खिलाफ असाधारण प्रदर्शन कर रहे हैं, जो कि शायद ही आपने पहले कभी देखा होगा।'

उन्होंने कहा, 'मैंने अपने करियर के दौरान देश के लिए ओलंपिक पदक जीतने का सपना देखा है। मुझे पहली बार ओलंपिक में खेलने का मौका लंदन 2012 में मिला था। मैं उस अनुभव को कभी नहीं भुला सकता।' 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us