{"_id":"585695af4f1c1be20ac05de1","slug":"india-won-jounior-hockey-world-cup-beat-belgium-by-goals","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 साल बाद भारत बना जूनियर हॉकी विश्व चैंपियन, बेल्जियम को दी 2-1 से मात ","category":{"title":"Hockey","title_hn":"हॉकी","slug":"hockey"}}
15 साल बाद भारत बना जूनियर हॉकी विश्व चैंपियन, बेल्जियम को दी 2-1 से मात
टीम डिजिटल / अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 18 Dec 2016 09:23 PM IST
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विश्वकप जीत
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लखनऊ के ध्यानचंद स्टेडियम में रविवार को भारत और बेल्जियम के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने बेल्जियम 2-1 से हराकर दूसरी बार जूनियर हॉकी विश्वकप का खिताब जीत लिया है। भारत ने पहले हाफ के शुरुआत से ही मैच में अपनी पकड़ बना ली थी। गुजरंत सिंह ने 8वें मिनट में पहला गोल कर भारत को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिला दी। इसके बाद भारत की आक्रमण पंक्ति लगातार आक्रमण करती रही। पहले हाफ के 22वें मिनट में सिमरजीत सिंह ने गेंद को दूसरी बार बेल्जियम के गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। इसके साथ ही भारत को पहले हाफ में 2-0 की बढ़त हासिल हो गई। पहले हाफ के अधिकांश समय तक गेंद भारतीय खिलाड़ियों के कब्जे में रही।
पहली बार विश्वकप के फाइनल में खेल रही बेल्जियम ने भी जवाबी आक्रमण करने की पुरजोर कोशिश की लेकिन वह पहले हाफ में कोई गोल नहीं कर सकी। 30वें मिनट में हाथ आए पेनल्टी कॉर्नर का फायदा बेल्जियम की टीम नहीं उठा पाई।
दूसरे हाफ के आखिरी मिनट में बेल्जियम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में सफल रही लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गोल की घोषणा होते ही मैच समाप्ति की घोषणा भी हो गई और भारत दूसरी बार जूनियर हॉकी का सिरमौर बन गया।
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तीसरी बार जूनियर विश्वकप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया ने बेल्जियम को कोई मौका नहीं दिया और 15 साल बाद जूनियर विश्वचैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारत साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में अर्जेंटीना को हराकर जूनियर विश्व चैंपियन बना था। यह पहला मौका है जब किसी मेजबान देश ने विश्व खिताब अपने नाम किया है।
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पहली बार विश्वकप के फाइनल में खेल रही बेल्जियम ने भी जवाबी आक्रमण करने की पुरजोर कोशिश की लेकिन वह पहले हाफ में कोई गोल नहीं कर सकी। 30वें मिनट में हाथ आए पेनल्टी कॉर्नर का फायदा बेल्जियम की टीम नहीं उठा पाई।
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दूसरे हाफ के आखिरी मिनट में बेल्जियम पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में सफल रही लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। गोल की घोषणा होते ही मैच समाप्ति की घोषणा भी हो गई और भारत दूसरी बार जूनियर हॉकी का सिरमौर बन गया।
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तीसरी बार जूनियर विश्वकप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया ने बेल्जियम को कोई मौका नहीं दिया और 15 साल बाद जूनियर विश्वचैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारत साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के होबार्ट में अर्जेंटीना को हराकर जूनियर विश्व चैंपियन बना था। यह पहला मौका है जब किसी मेजबान देश ने विश्व खिताब अपने नाम किया है।