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महिला हॉकी विश्व कप: नवनीत का डबल धमाका, भारत ने जर्मनी को हराकर पांचवां स्थान हासिल किया
Thu, 27 Aug 2026 08:40 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्सटलवीन (नीदरलैंड)
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, एम्सटलवीन (नीदरलैंड)
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 27 Aug 2026 08:40 PM IST
सार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने जर्मनी को 3-1 से हराकर हॉकी विश्व कप में पांचवां स्थान हासिल किया। नवनीत कौर ने दो गोल दागे, जबकि इशिका ने भी एक गोल कर भारत की जीत में अहम योगदान दिया।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : @TheHockeyIndia
विस्तार
भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच महिला विश्व कप के क्लासिफिकेशन मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को 3-1 से हराकर पांचवां स्थान हासिल किया। यह विश्व कप में 52 साल बाद भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने 1974 में टूर्नामेंट के पहले संस्करण में चौथा स्थान हासिल किया था। भारत की जीत की नायिका नवनीत कौर रहीं, जिन्होंने 44वें और 47वें मिनट में गोल कर शानदार डबल दागा। इशिका ने 43वें मिनट में भारत का खाता खोला, जबकि जर्मनी की ओर से लिन क्रिंग्स ने 59वें मिनट में एक गोल किया।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : IANS
आखिरी 17 मिनट में भारत का दबदबा
मुकाबले के शुरुआती 43 मिनट में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। इसके बाद भारत ने अगले 17 मिनट में तीन गोल दागकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। 43वें मिनट में इशिका ने नेहा से मिले पास पर सर्किल में प्रवेश किया और रिवर्स हिट के जरिए गेंद को जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गोल में पहुंचा दिया। इसके अगले ही मिनट भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। नवनीत ने 'टच एंड स्लैप' तकनीक का इस्तेमाल करते हुए गेंद को गोल में डाल दिया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
मुकाबले के शुरुआती 43 मिनट में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रहीं। इसके बाद भारत ने अगले 17 मिनट में तीन गोल दागकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। 43वें मिनट में इशिका ने नेहा से मिले पास पर सर्किल में प्रवेश किया और रिवर्स हिट के जरिए गेंद को जर्मन गोलकीपर के ऊपर से गोल में पहुंचा दिया। इसके अगले ही मिनट भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला। नवनीत ने 'टच एंड स्लैप' तकनीक का इस्तेमाल करते हुए गेंद को गोल में डाल दिया और भारत की बढ़त 2-0 कर दी।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : @TheHockeyIndia
नवनीत की शानदार ड्रिब्लिंग से तीसरा गोल
- 47वें मिनट में नवनीत ने अपने बेहतरीन व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन किया। जर्मनी के कई डिफेंडरों से घिरी होने के बावजूद उन्होंने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा, गोलकीपर को छकाया और सीधे शॉट के जरिए भारत का तीसरा गोल कर दिया।
- तीन गोल से पिछड़ने के बाद जर्मनी ने वापसी की कोशिश की और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हालांकि, भारतीय गोलकीपर बिचू देवी और डिफेंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को लंबे समय तक गोल से दूर रखा। जर्मनी को कुल छह पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह उनका फायदा नहीं उठा सका।
- 59वें मिनट में लिन क्रिंग्स ने फील्ड गोल कर जर्मनी का खाता खोला, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। भारत ने अंतिम सीटी तक अपनी 3-1 की बढ़त कायम रखी।
भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : IANS
टूर्नामेंट में भारत को मिली सिर्फ एक हार
- नौवीं रैंकिंग वाली भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में केवल एक मुकाबला गंवाया।
- उसे मेजबान और ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 से हार मिली।
- भारत ने टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोका था।
- इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया और इंग्लैंड के खिलाफ भी मुकाबला ड्रॉ रहा।
- दूसरे दौर के आखिरी मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद भारत सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया था।
11 खिलाड़ियों का था पहला विश्व कप
इस भारतीय टीम की पांचवें स्थान की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम में 11 खिलाड़ी ऐसी थीं, जो पहली बार विश्व कप में खेल रही थीं। युवा और अनुभव के इस मिश्रण ने पूरे टूर्नामेंट में भारत के मजबूत प्रदर्शन की नींव रखी। जर्मनी ने विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था, लेकिन महत्वपूर्ण पांचवें स्थान के मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन कर हिसाब बराबर कर दिया।
इस भारतीय टीम की पांचवें स्थान की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि टीम में 11 खिलाड़ी ऐसी थीं, जो पहली बार विश्व कप में खेल रही थीं। युवा और अनुभव के इस मिश्रण ने पूरे टूर्नामेंट में भारत के मजबूत प्रदर्शन की नींव रखी। जर्मनी ने विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में भारत को हराया था, लेकिन महत्वपूर्ण पांचवें स्थान के मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन कर हिसाब बराबर कर दिया।
एशियाई खेलों से पहले बढ़ा आत्मविश्वास
भारत का यह प्रदर्शन अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। टोक्यो ओलंपिक में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले मुख्य कोच शोर्ड भी अंतिम हूटर बजते ही खुशी से झूम उठे। भारत ने 1974 में विश्व कप के उद्घाटन संस्करण में चौथा स्थान हासिल किया था। अब 52 साल बाद पांचवें स्थान के साथ टीम ने विश्व कप में शीर्ष पांच में जगह बनाकर भारतीय महिला हॉकी के लिए एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया है।
भारत का यह प्रदर्शन अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। टोक्यो ओलंपिक में भारत को ऐतिहासिक चौथे स्थान तक पहुंचाने वाले मुख्य कोच शोर्ड भी अंतिम हूटर बजते ही खुशी से झूम उठे। भारत ने 1974 में विश्व कप के उद्घाटन संस्करण में चौथा स्थान हासिल किया था। अब 52 साल बाद पांचवें स्थान के साथ टीम ने विश्व कप में शीर्ष पांच में जगह बनाकर भारतीय महिला हॉकी के लिए एक और यादगार अध्याय जोड़ दिया है।