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भारत को मिली लय तो फिर पदक की आस
सत्येन्द्र पाल सिंह/अमर उजाला, भुवनेश्वर
Updated Fri, 05 Dec 2014 11:22 PM IST
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सरदार सिंह के मार्गदर्शन में भारतीय हॉकी टीम ने खामियों से सबक लेकर बेहतर करना सीख लिया है। टैरी वॉल्श की विवादस्पद विदाई के अध्याय का पटाक्षेप कर भारत अपने ही घर में चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी में 32 बरस बाद फिर पदक की आस लगाए है। फिर भी लाख टके का सवाल? क्या सरदार की फौज 1982 में सुरिंदर सिंह सोढ़ी की अगुआई वाली भारतीय टीम की तरह यहां दुनिया की आठ तोप टीमों की जंग में कम से कम कांसा जीत पाएगी? सब विवादों के बावजूद भारत की मौजूदा फॉर्म यह संकेत देती है कि उसमें इस बार पदक जीतने का जोश और माद्दा है।
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सभी आठों टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। ऐसे में जर्मनी के खिलाफ शनिवार को पूल बी में कलिंगा स्टेडियम में भारत बिना किसी दबाव के अपनी चिर-परिचित आक्रामक हॉकी खेल लय पा सकता है। यूरोप की सर्दी से आकर यहां के अपेक्षाकृत गर्म मौसम से तालमेल बैठाने में जरूर जर्मनी को कुछ दिक्कत पेश आ सकती है। भारत ने जर्मनी के खिलाफ यदि जीत से अभियान शुरू किया तो वह पदक की आस संजो सकता है। जर्मनी पर इसी साल नई दिल्ली हॉकी वर्ल्ड लीग में अत्यंत रोमांचक मैच में 5-4 से जीत से भी उसके हौसले बुलंद होंगे।
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पूरे टूर्नामेंट में खेलेंगे सरदार
अच्छी खबर है कि उसके सबसे यंग और ‘डी’ के भीतर अचूक निशाने जमा गोल करने वाले स्ट्राइकर आकाशदीप सिंह पूरे फिट हैं। खुद कप्तान सरदार ने अमर उजाला से शुक्रवार को साफ किया कि वह जर्मनी के खिलाफ शनिवार को ही नहीं बल्कि पूरे टूर्नामेंट में खेलेंगे। आकाशदीप और एस वी सुनील की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तरह रंग में रही तो भारत की चुनौती काफी आगे तक जा सकती है। खुद सरदार, धर्मवीर और दानिश मुज्तबा को जर्मनी के यंग स्ट्राइकर 19 वर्षीय क्रिस्टोपर रुइर, कप्तान मॉरिज्त फुर्त्जे, फ्लोरियन फुश्च के हमले बीच में ही नाकाम करने होंगे।
स्थानीय हीरो बीरेंद्र लाकड़ा की साफ सुथरी टैकलिंग के कारण उनका और बेहतरीन पूर्वानुमानों के साथ अपने बचावों के कारण गोलकीपर पीआर श्रीजेश का रोल खासा अहम रहेगा। ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर, रघुनाथ और गुरजिंदर की मौजूदगी भारत को पेनल्टी कॉर्नर में बहुत विकल्प देगी।
स्थानीय हीरो बीरेंद्र लाकड़ा की साफ सुथरी टैकलिंग के कारण उनका और बेहतरीन पूर्वानुमानों के साथ अपने बचावों के कारण गोलकीपर पीआर श्रीजेश का रोल खासा अहम रहेगा। ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर, रघुनाथ और गुरजिंदर की मौजूदगी भारत को पेनल्टी कॉर्नर में बहुत विकल्प देगी।