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Hockey World Cup: सिर पर विश्व कप, कोच साहब मना रहे हैं छुट्टी; महिला टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मरीन घिरे
Tue, 04 Aug 2026 08:47 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 04 Aug 2026 08:47 AM IST
सार
इस महीने महिला हॉकी विश्व कप का आयोजन होना है, लेकिन टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मरीन छुट्टियां मना रहे हैं। मरीन के इस तरह अवकाश पर होने से सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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भारतीय महिला हॉकी टीम
- फोटो : Hockey India
विस्तार
भारतीय हॉकी इस समय विवादों से घिरी हुई है। केसरिया जर्सी विवाद के बीच विश्व कप से ठीक पहले मुख्य कोच को छुट्टी देने पर नया हंगामा खड़ा हो गया है। नीदरलैंड व बेल्जियम में विश्व कप 14 अगस्त से शुरू हो रहा है। लेकिन महिला टीम के मुख्य कोच स्जोर्ड मरीन खिलाड़ियों संग जुटे होने की बजाय पिछले 20 दिन से अवकाश पर हैं।
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भारतीय महिला टीम को पहले खिताब की तलाश
सलीमा टेटे की अगुआई वाली महिला टीम अपने पहले खिताब के लिए पसीना बहा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन 12 जुलाई से निजी पारिवारिक कारणों से अवकाश पर हैं और उनके छह अगस्त को नीदरलैंड में टीम से जुड़ने की उम्मीद है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहले बंगलूरू में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। फिर 31 जुलाई और एक अगस्त को जर्मनी में अभ्यास मैच खेला और अब टीम नीदरलैंड में अंतिम तैयारी कर रही है। इस दौरान टीम के मुख्य के कोच की गैरमौजूदगी टीम के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। भारत को अपना पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलना है। भारतीय महिला टीम का विश्व कप में 1974 में चौथा स्थान श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
सलीमा टेटे की अगुआई वाली महिला टीम अपने पहले खिताब के लिए पसीना बहा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन 12 जुलाई से निजी पारिवारिक कारणों से अवकाश पर हैं और उनके छह अगस्त को नीदरलैंड में टीम से जुड़ने की उम्मीद है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने पहले बंगलूरू में आयोजित राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लिया। फिर 31 जुलाई और एक अगस्त को जर्मनी में अभ्यास मैच खेला और अब टीम नीदरलैंड में अंतिम तैयारी कर रही है। इस दौरान टीम के मुख्य के कोच की गैरमौजूदगी टीम के प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। भारत को अपना पहला मुकाबला 16 अगस्त को चीन के खिलाफ खेलना है। भारतीय महिला टीम का विश्व कप में 1974 में चौथा स्थान श्रेष्ठ प्रदर्शन है।
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हॉकी इंडिया और साई ने मंजूर की छुट्टी
रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन कि इस छुट्टी को हॉकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) दोनों ने मंजूरी दी है। उनकी अनुपस्थिति में टीम की जिम्मेदारी विश्लेषणात्मक कोच माथियास विला संभाल रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, मरीन कि इस छुट्टी को हॉकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) दोनों ने मंजूरी दी है। उनकी अनुपस्थिति में टीम की जिम्मेदारी विश्लेषणात्मक कोच माथियास विला संभाल रहे हैं।
इन्होंने उठाए सवाल
पूर्व एफआईएच और हॉकी इंडिया अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा, सबसे पहले तो पुरुष टीम के कार्यकाल में कथित दुर्व्यवहार को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर होने के बाद उन्हें दोबारा नियुक्त ही नहीं करना चाहिए था। अब विश्व कप जैसे टूर्नामेंट से पहले छुट्टी लेना हॉकी इंडिया के गैर-गंभीर रवैये को दिखाता है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। कोच के तौर पर यही वह समय होता है जब पेनल्टी कॉर्नर, सेट-पीस, शूटआउट जैसी रणनीतियों पर अंतिम तैयारी की जाती है।
पूर्व एफआईएच और हॉकी इंडिया अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने कहा, सबसे पहले तो पुरुष टीम के कार्यकाल में कथित दुर्व्यवहार को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर होने के बाद उन्हें दोबारा नियुक्त ही नहीं करना चाहिए था। अब विश्व कप जैसे टूर्नामेंट से पहले छुट्टी लेना हॉकी इंडिया के गैर-गंभीर रवैये को दिखाता है। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान पीआर श्रीजेश का कहना है कि बड़े टूर्नामेंट से ठीक पहले छुट्टी नहीं लेनी चाहिए। कोच के तौर पर यही वह समय होता है जब पेनल्टी कॉर्नर, सेट-पीस, शूटआउट जैसी रणनीतियों पर अंतिम तैयारी की जाती है।