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Hockey: विश्व कप में इंग्लैंड से दूसरी बार भारत ने खेला ड्रॉ, गोलरहित रहा मुकाबला, इंग्लिश गोलकीपर बने दीवार
Sun, 15 Jan 2023 09:27 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, राउरकेला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, राउरकेला
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 15 Jan 2023 09:27 PM IST
सार
इस ड्रॉ के बाद भारत की चुनौतियां बढ़ गई हैं। अगर उसे पूल डी में टॉप पर रहकर क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश करना है तो अंतिम मैच में वेल्स को बड़े अंतर से हराना होगा। इंग्लैंड ने वेल्स को 5-0 से और रविवार को पहले मैच में स्पेन ने वेल्स को 5-1 के अंतर से पराजित किया।
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भारत बनाम इंग्लैंड
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इंग्लैंड के गोलकीपर डेविड एम्स भारतीय हमलों के आगे दीवार बनकर खड़े हो गए। यह प्लेयर ऑफ द मैच एम्स थे जिन्होंने एक नहीं कई मौकों पर गोल करने के भारतीय मंसूबे पूरे नहीं होने दिए। नतीजा यह निकला कि 21 हजार दर्शकों के भारी समर्थन के बावजूद भारतीय टीम इंग्लैंड को हरा नहीं पाई। उसे गोलरहित (0-0) ड्रॉ खेलने पर मजबूर होना पड़ा। विश्व कप के 52 साल के इतिहास में यह दूसरा मौका था जब भारत और इंग्लैंड ने ड्रॉ खेला, लेकिन यह विश्व कप में पहला मौका था जब दोनों ने गोलरहित ड्रॉ खेला। भारत ने अंतिम बार 1994 में इंग्लैंड को विश्वकप में हराया था। इस ड्रॉ के साथ विश्वकप में 29 साल से इंग्लैंड के खिलाफ भारत की जीत का सूखा जारी है।
वेल्स को बड़े अंतर से हराना होगा
इस ड्रॉ के बाद भारत की चुनौतियां बढ़ गई हैं। अगर उसे पूल डी में टॉप पर रहकर क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश करना है तो अंतिम मैच में वेल्स को बड़े अंतर से हराना होगा। इंग्लैंड ने वेल्स को 5-0 से और रविवार को पहले मैच में स्पेन ने वेल्स को 5-1 के अंतर से पराजित किया। भारत भाग्यशाली रहा जो अंतिम क्षणों में उसने गोल नहीं खाया। खेल समाप्त होने में 19 सेकंड रह गए थे जब इंग्लैंड को आठवां पेनाल्टीकार्नर मिला, लेकिन लियाम की फ्लिक को रोहिदास ने शानदार तरीके से बाहर किया। भारत को पूरे मैच में चार पेनाल्टी कॉर्नर मिले। ये सभी पहले हॉफ मेंं मिले थे। पूरे मैच में इंग्लैंड के 23 के मुकाबले भारत ने 31 बार डी को भेदा और इंग्लैंड के आठ के मुकाबले नौ बार गोल पर निशाना साधा।
पहले क्वार्टर में पांच पेनाल्टी कॉर्नर नहीं भुना पाया इंग्लैंड
पहले क्वार्टर में इंग्लैंड का दबदबा रहा। सात से नौ मिनट के बीच में उसे पांच पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन सैम वार्ड और अंसेल लियाम इन्हें गोल में नहीं बदल पाए। श्रीजेश ने इस दौरान कुछ बेहतरीन बचाव किए। हालांकि 12वें मिनट में भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन हरमनप्रीत गेंद ठीक तरह से डी के अंदर खीच नहीं पाए। भारत इस क्वार्टर में भाग्यशाली रहा जो इंग्लैंड गोल नहीं कर पाया।
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गोलकीपर एम्स ने किए शानदार बचाव
दूसरे क्वार्टर में भी इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की और पहले पांच मिनट में दो पेनाल्टी कॉर्नर अर्जित कर लिए, लेकिन दोनों ही मौकों पर रशर अमित रोहिदास ने लियाम की ड्रैग फ्लिक को बेकार कर दिया। भारतीय टीम इसके बाद हरकत में आई। इस दौरान उसे तीन पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन सभी बेकार गए। हालांकि, भारतीय टीम ने कई प्रभावी हमले बोले। 24वें मिनट में हार्दिक ने डी के टॉप से गोल पर जोरदार हिट लगाई, लेकिन गोलकीपर डेविड एम्स ने इसे शानदार तरीके से बाहर कर दिया। हॉफ टाइम खत्म होने से एक मिनट पहले विवेक सागर प्रसाद बेहतरीन प्रयास को एम्स ने शानदार तरीके से रोका। हॉफ टाइम तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, लेकिन इस दौरान भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 11 के मुुकाबले 17 डी को भेदा।
भारतीय दबदबे के बावजूद नहीं नसीब हुआ गोल
तीसरे क्वार्टर में भारत दुर्भाग्यशाली रहा जो उसे गोल नसीब नहीं हुआ। इसके लिए इंग्लैंड की रक्षापंक्ति और एम्स की शानदार गोलकीपिंग जिम्मेदार थी। एक मौके पर हार्दिक ने दो बार गोल पर प्रयास किए, लेकिन दोनों ही बार एम्स ने इन्हें बेकार कर दिया। भारतीय टीम ने एक के बाद एक हमले बोले, लेकिन कोई मौका सफल नहीं हुआ। इस दौरान इंग्लैंड को जवाबी हमले में गोल करने का शानदार मौका मिला, लेकिन सैम वार्ड गेंद को ठीक ढंग से ट्र्रैप नहीं कर पाए। उन्हें सिर्फ गोलकीपर को छकाना था।
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वेल्स को बड़े अंतर से हराना होगा
इस ड्रॉ के बाद भारत की चुनौतियां बढ़ गई हैं। अगर उसे पूल डी में टॉप पर रहकर क्वार्टर फाइनल में सीधे प्रवेश करना है तो अंतिम मैच में वेल्स को बड़े अंतर से हराना होगा। इंग्लैंड ने वेल्स को 5-0 से और रविवार को पहले मैच में स्पेन ने वेल्स को 5-1 के अंतर से पराजित किया। भारत भाग्यशाली रहा जो अंतिम क्षणों में उसने गोल नहीं खाया। खेल समाप्त होने में 19 सेकंड रह गए थे जब इंग्लैंड को आठवां पेनाल्टीकार्नर मिला, लेकिन लियाम की फ्लिक को रोहिदास ने शानदार तरीके से बाहर किया। भारत को पूरे मैच में चार पेनाल्टी कॉर्नर मिले। ये सभी पहले हॉफ मेंं मिले थे। पूरे मैच में इंग्लैंड के 23 के मुकाबले भारत ने 31 बार डी को भेदा और इंग्लैंड के आठ के मुकाबले नौ बार गोल पर निशाना साधा।
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पहले क्वार्टर में पांच पेनाल्टी कॉर्नर नहीं भुना पाया इंग्लैंड
पहले क्वार्टर में इंग्लैंड का दबदबा रहा। सात से नौ मिनट के बीच में उसे पांच पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन सैम वार्ड और अंसेल लियाम इन्हें गोल में नहीं बदल पाए। श्रीजेश ने इस दौरान कुछ बेहतरीन बचाव किए। हालांकि 12वें मिनट में भारत को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला, लेकिन हरमनप्रीत गेंद ठीक तरह से डी के अंदर खीच नहीं पाए। भारत इस क्वार्टर में भाग्यशाली रहा जो इंग्लैंड गोल नहीं कर पाया।
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गोलकीपर एम्स ने किए शानदार बचाव
दूसरे क्वार्टर में भी इंग्लैंड ने तेज शुरुआत की और पहले पांच मिनट में दो पेनाल्टी कॉर्नर अर्जित कर लिए, लेकिन दोनों ही मौकों पर रशर अमित रोहिदास ने लियाम की ड्रैग फ्लिक को बेकार कर दिया। भारतीय टीम इसके बाद हरकत में आई। इस दौरान उसे तीन पेनाल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन सभी बेकार गए। हालांकि, भारतीय टीम ने कई प्रभावी हमले बोले। 24वें मिनट में हार्दिक ने डी के टॉप से गोल पर जोरदार हिट लगाई, लेकिन गोलकीपर डेविड एम्स ने इसे शानदार तरीके से बाहर कर दिया। हॉफ टाइम खत्म होने से एक मिनट पहले विवेक सागर प्रसाद बेहतरीन प्रयास को एम्स ने शानदार तरीके से रोका। हॉफ टाइम तक दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर सकीं, लेकिन इस दौरान भारतीय टीम ने इंग्लैंड के 11 के मुुकाबले 17 डी को भेदा।
भारतीय दबदबे के बावजूद नहीं नसीब हुआ गोल
तीसरे क्वार्टर में भारत दुर्भाग्यशाली रहा जो उसे गोल नसीब नहीं हुआ। इसके लिए इंग्लैंड की रक्षापंक्ति और एम्स की शानदार गोलकीपिंग जिम्मेदार थी। एक मौके पर हार्दिक ने दो बार गोल पर प्रयास किए, लेकिन दोनों ही बार एम्स ने इन्हें बेकार कर दिया। भारतीय टीम ने एक के बाद एक हमले बोले, लेकिन कोई मौका सफल नहीं हुआ। इस दौरान इंग्लैंड को जवाबी हमले में गोल करने का शानदार मौका मिला, लेकिन सैम वार्ड गेंद को ठीक ढंग से ट्र्रैप नहीं कर पाए। उन्हें सिर्फ गोलकीपर को छकाना था।