FIH Pro League: रोमांचक मैच में मेजबान भारत की हार, ऑस्ट्रेलिया ने 4-3 से जीता मुकाबला
भारतीय टीम को एफआईएच प्रो लीग के पहले मैच में शुक्रवार को मौजूदा चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से संघर्षपूर्ण मुकाबले में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। एफआईएच प्रो लीग में पदार्पण कर रहे भारत ने नीदरलैंड के खिलाफ छह में से पांच अंक हासिल किये जबकि बेल्जियम के खिलाफ उसने 2-1 से जीत दर्ज करके तीन अंक अपनी झोली में डाले थे।
FT: 🇮🇳 3-4 🇦🇺
An hour full of excitement and a great game of Hockey comes to an end! 🏑
Congratulations, @Kookaburras on the win. See you tomorrow! 😎#IndiaKaGame #FIHProLeague #INDvAUS #HockeyInvites #HockeyAtItsBest pic.twitter.com/4pDGwZGKZb— Hockey India (@TheHockeyIndia) February 21, 2020विज्ञापन
विश्व और यूरोपीय चैंपियन बेल्जियम ने हालांकि दूसरे मैच में वापसी करके 3-2 से जीत दर्ज की थी। लेकिन मेजबान भारत को विश्व में नंबर दो आस्ट्रेलिया के खिलाफ कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और आखिर में करीबी मुकाबले में उसे हार मिली। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से डायलान वोदरस्पून (छठे मिनट), टॉम विकहैम (18वें मिनट), लाचलान शार्प (41वें मिनट) और जैकब एंडरसन (42वें मिनट) ने मैदानी गोल किए।
भारत की तरफ से राजकुमार पॉल (36वें और 47वें) ने दो जबकि रूपिंदर पाल सिंह (52वें मिनट) ने गोल दागे। इस जीत से ऑस्ट्रेलिया पांच मैचों में नौ अंक लेकर तालिका में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है जबकि भारत के इतने ही मैचों में आठ अंक हैं। ऑस्ट्रेलिया ने दिखाया कि उसे सबसे अधिक निर्मम हाकी टीम क्यों माना जाता है। उसने पहले मौके को ही भुनाया और छठे मिनट में वोदरस्पून ने शार्प के पास पर खूबसूरत गोल किया।
भारत ने इससे उबरने के प्रयास किए लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। विकहैम ने 18वें मिनट में एडी ओकेनडेन के पास पर गोल करके स्कोर दोगुना कर दिया। मध्यांतर तक आस्ट्रेलिया 2-0 से आगे था। भारत को तीसरे क्वार्टर के पांचवें मिनट में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन रूपिंदर का ड्रैग फ्लिक जैक हार्वी ने बचा दिया।
इसके एक मिनट बाद में राजकुमार ने रिबाउंड पर गोल किया। इसके तुरंत बाद ऑस्ट्रेलिया ने जवाबी हमला किया और पेनल्टी कार्नर हासिल किया लेकिन भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक ने कोरी वेयर के शॉट को खूबसूरती से बचाया। लेकिन आस्ट्रेलिया ने दबाव बनाए रखा और दो मिनट के अंदर दो गोल करके 4-1 से मजबूत बढ़त हासिल कर दी।
भारतीयों ने हालांकि हार नहीं मानी और राजकुमार ने 47वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया। अंतिम हूटर बजने से आठ मिनट पहले रूपिंदर ने पेनल्टी कार्नर को गोल में बदलकर भारत की उम्मीद जगायी। अनुभवी गोलकीपर पी आर श्रीजेश आखिर में भारत के बचाव में आए।
उन्होंने एंडरसन और कर्ट लोवेट के प्रयासों को नाकाम किया। भारत को अंतिम क्षणों में पेनल्टी कार्नर मिला लेकिन रूपिंदर का शाट बाहर चला गया। भारत और आस्ट्रेलिया के बीच दूसरा मैच शनिवार को खेला जाएगा।