फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Hockey ›   Delhi High Court Issues Notice to Centre

हॉकी इंडिया पर खेल संहिता के उल्लंघन का आरोप, उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब

Thu, 27 Aug 2020 08:54 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अंशुल तलमले Updated Thu, 27 Aug 2020 08:54 PM IST
विज्ञापन
Delhi High Court Issues Notice to Centre
हॉकी इंडिया - फोटो : ट्विटर

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हॉकी इंडिया पर राष्ट्रीय खेल संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाने वाली एक याचिका के संबंध में गुरुवार को केंद्र सरकार और इस खेल महासंघ से अपना पक्ष रखने के लिए कहा। याचिका में कहा गया है कि हॉकी इंडिया ने आजीवन सदस्य, आजीवन अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पदों को सृजित करके खेल संहिता का उल्लंघन किया क्योंकि नियमों के तहत इन पदों का सृजन नहीं किया जा सकता है।

विज्ञापन


मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने एक पूर्व हॉकी खिलाड़ी की याचिका पर खेल मंत्रालय, हॉकी इंडिया और उन दो व्यक्तियों के लिए नोटिस जारी किए, जिन्हें इस खेल संस्था में आजीवन सदस्य और सीईओ नियुक्त किया गया है। अदालत ने इनसे 28 सितंबर तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। भारत की 1975 की विश्व कप विजेता टीम के सदस्य असलम शेर खान ने अपनी याचिका में हॉकी इंडिया के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) में उन अनुच्छेदों को हटाने की मांग की है, जिनके तहत आजीवन सदस्य, आजीवन अध्यक्ष और सीईओ पद सृजित किए गए, जिनके पास असीमित कार्यकाल और पूर्ण मतदान अधिकार हैं।
विज्ञापन


एडवोकेट वंशदीप डालमिया के जरिए दायर की गई, याचिका में नरिंदर ध्रुव बत्रा की आजीवन सदस्यता और इलेना नोर्मन की सीईओ के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग भी की गई है। याचिका में कहा गया है कि खेल संहिता और राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के लिए आदर्श चुनाव दिशानिर्देशों के तहत किसी खास अवधि के लिए सात पदाधिकारियों और पांच अतिरिक्त सदस्यों को ही चुना जा सकता है और हॉकी इंडिया ने जो तीन पद सृजित किए हैं वे इसके अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ में भी आजीवन सदस्य सृजित करने संबंधी इसी तरह के प्रावधानों को उच्च न्यायालय ने रद्द कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed