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Football: कश्मीर में बेटियों के फुटबाल में आने से बदलेगी तस्वीर, 28 टीमों का टूर्नामेंट शुरू

Sat, 18 Mar 2023 08:34 AM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: शक्तिराज सिंह Updated Sat, 18 Mar 2023 08:34 AM IST
सार

मणिपुर पुलिस महिला टीम की कप्तान ओनम बेमबेम देवी ने कहा कि घाटी में फुटबाल को बढ़ावा मिलना चाहिए। चीजें बदल सकती हैं अगर यहां नियमित रूप से भारतीय पुलिस फुटबाल चैंपियनशिप हो।

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The picture will change with the arrival of girls in football in Kashmir, the tournament of 28 teams begins
अखिल भारतीय पुलिस फुटबाल टूर्नामेंट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कश्मीरी अभिभावकों को अपनी बेटियों को फुटबाल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टीम के कोच प्रेम थापा का मानना है कि घाटी की फुटबाल टीमों रियल कश्मीर और कश्मीर एफसी ने राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। फुटबाल के लिए राज्य में अच्छा ढांचा है ऐसे में महिलाओं के भी इस खेल में आगे बढ़ने की अपार संभावना है। कश्मीर में लड़कियों के लिए भी एक फुटबाल क्लब होना चाहिए। श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम और कश्मीर यूनिवर्सिटी में इस समय अखिल भारतीय पुलिस फुटबाल टूर्नामेंट चल रहा है। यहां दर्शकों में टूर्नामेंट को लेकर काफी उत्साह भी नजर आ रहा है।
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लड़कियों के लिए अलग से हो क्लब
थापा ने कहा कि लड़कियों के लिए फुटबाल का पेशेवर क्लब होने से वे देश के अन्य हिस्सों में जाकर टूर्नामेंट खेल सकेंगी जिस तरह से लड़कों के लिए अकादमियां होती हैं। मणिपुर पुलिस महिला टीम की कप्तान ओनम बेमबेम देवी ने कहा कि घाटी में फुटबाल को बढ़ावा मिलना चाहिए। चीजें बदल सकती हैं अगर यहां नियमित रूप से भारतीय पुलिस फुटबाल चैंपियनशिप हो। कश्मीर में लड़कियों के लिए फुटबाल संस्कृति की जरूरत है। लड़कियों को महिला फुटबाल के मैचों को देखने के लिए स्टेडियम में आना चाहिए। कई महिलाएं पहले राष्ट्रीय टीम के लिए खेल चुकी हैं। युवा लड़कियों को उनसे प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़कर खेल को अपनाना चाहिए।
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सीआरपीएफ की खिलाड़ी निशा का कहना है कि अभिभावकों को लड़कियों को उसी तरह खेल के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए जैसे वो लड़कों को करते हैं। मैं हरियाणा से हूं, पहले वहां लड़कियों को उतना बढ़ावा नहीं मिलता था लेकिन अब बहुत सारी लड़कियां खेलों में राज्य और देश का नाम रोशन कर रही हैं। जम्मू एवं कश्मीर में पुलिस उप महानिरीक्षक सैयद स्लीट शाह का कहना है कि महिलाओं को सभी क्षेत्रों में खेलों सहित सभी क्षेत्रों में अवसर मिलने चाहिएं। 
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खेलों में महिलाएं हमेशा प्रेरक के रूप में होती हैं और उनमें काफी आत्मविश्वास नजर आता है। कश्मीर विश्वविद्यालय की उप कुलपति प्रोफेसर नीलोफर खान कहती है कि यह शानदार है कि पूरे देश से टीमें यहां आकर खेल रही हैं, यह हमारे विद्यार्थियों के लिए काफी उत्साहवर्द्धक है।
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