ISL फाइनल में पहुंचा केरला ब्लास्टर्स, गांगुली-सचिन के बीच होगा फाइनल मुकाबला
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इंडियन सुपरलीग (आईएसएल) के तीसरे सीजने की अंतिम दो टीमों का फैसला आखिरकार बुधवार को हो गया। नई दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु स्टेडियम में दिल्ली डायनमोज और केरला ब्लास्टर्स के बीच खेले गए सेमीफाइनल के दूसरे लेग में केरला ब्लास्टर्स ने दिल्ली डायनमोज को पेनल्टी शूट आउट में 3-0 से मात देकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
पेनल्टी शूट ऑउट में दिल्ली की टीम कोई गोल नहीं कर सकी। हालांकि मैच में दिल्ली 2-1 से आगे रही। दोनों लेग का औसत स्कोर 2-2 से बराबर होने के कारण मुकाबला पेनल्टी शूट आउट तक पहुंच गया। हाफ टाइम के 2-1 के स्कोर के बाद दोनों टीमों में से कोई भी गोल नहीं कर सकी। 30 मिनट के अतिरक्त समय में भी फाइनलिस्ट का फैसला नहीं हो सका।
इससे पहले कोच्ची में दोनों टीमों के बीच खेले गए पहले लेग के मुकाबले में केरला ब्लास्टर्स ने दिल्ली को 1-0 के अंतर से मात दी थी। फाइनल मुकाबले में पहले सीजन की विजेता एटलेटिको डि कोलकाता का मुकाबला पहले सीजन की उपविजेता केरला ब्लास्टर्स से होगा। यानी क्रिकेट के दो दिग्ग्ज खिलाड़ियों सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। सचिन की टीम केरला ब्लास्टर्स के पास पहले सीजन के फाइनल में मिली हार का हिसाब बराबर करने का मौका होगा।
पहले हाफ के बाद कोई टीम नहीं कर सकी गोल
मैच के पहले हाफ की शुरुआत बेहद धीमी रही लेकिन 21 वें मिनट में घरेलू मैदान में खेल रही दिल्ली के मार्सेलो परेरा ने गोल कर दिल्ली को 1-0 की बढ़त दिला दी, यह इस सीजन में उनका 10वां गोल था। लेकिन दिल्ली की बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। केरला के डकेंस नेज़ोन ने जोसू के सहयोग से 24 वें मिनट में गोल कर 1-1 बराबरी करवा दी। इसके बाद दिल्ली की टीम के लिए 28वें मिनट में परेशानियां उस वक्त बढ़ गईं जब उनके मिडफील्डर मिलन सिंह को रेफरी ने फाउल के लिए रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया। इसके बाद दिल्ली को 10 खिलाड़ियों के साथ मैच खेलना पड़ा। लेकिन पहले हाफ के अंतिम मिनट में रूबेन ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोल पोस्ट पर पहुंचा दिया। केरल के डिफेंस के पास उनके शॉट का कोई जवाब नहीं था। पहले हाफ के बाद दिल्ली ने 2-1 की बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में दोनों टीमों की ओर से कोई गोल नहीं हो सका। 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही दिल्ली ने अधिकांश समय तक गेंद अपने कब्जे में रखी। इसके बाद एक्स्ट्रा टाइम में भी दोनों टीमें गोल करने की पुरजोर कोशिश करती रहीं लेकिन किसी के हाथ सफलता नहीं लगी। एक्सट्रा टाइम के खत्म होने से ठीक पहले केरला ब्लास्टर्स के कोच ने अपने गोलकीपर को बदलकर संदीप नंदी को मैदान में भेजा। उनके इस दांव ने काम किया। संदीप ने अपना काम कर दिया और केरला ब्लास्टर्स को दूसरी बार आईएसएल के फाइनल में जगह दिलवा दी। वहीं केरल के स्टाइकर्स ने भी कोई गलती नहीं की और लगातार तीन बार गेंद को गोल पर पहुंचा दिया।
इससे पहले एटलेटिको डि कोलकाता ने पहले सेमीफाइनल के पहल लेग में मुंबई एफ सी को 2 के मुकाबले 3 गोल से मात दी थी। पहले सेमीफाइनल के मुंबई में खेले गए दूसरे चरण में दोनों टीमों के बीच 0-0 से मुकाबला ड्रॉ रहा। कुल एग्रीगेट के हिसाब से कोलकाता आईएसएल के तीसरे सीजन के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनी। कोलकता तीन सीजन में दूसरी बार फाइनल में पहुंची है।