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रिकी ने कभी पत्थर तोड़कर भरा अपना पेट, अब भारतीय फुटबॉल के इस सपने को पूरा करने में जुटे

Sun, 09 Sep 2018 02:59 AM IST
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 09 Sep 2018 02:59 AM IST
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ricky shabong wants indian football to qualify for under-17 wolrd cup
भारतीय फुटबॉल टीम

वह बचपन में कभी पत्थर तोड़ते थे कि कुछ पैसों की जुगत कर परिवार की मदद कर सकें। बचपन की इसी मेहनत ने उन्हें बचपन से अभावों से जूझकर शारीरिक और जेहनी तौर पर मजबूत बनाने में अहम रोल अदा किया। यह कहानी है कि भारत की अंडर-16 फुटबॉल टीम के मिडफील्डर मेघालय के 15 बरस के मासूम से चेहरे वाले रिकी शाबोन्ग की। रिकी की कहानी ऐसी है कि जिससे देश की किसी भी खेल में नुमाइंदगी करने वाला खिलाड़ी प्रेरित होकर कामयाबी की नई कथा लिख सकता है।

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रिकी को आप पहले पहले देखेंगे तो आपके लिए यह अहसास और अंदाज करना मुश्किल है कि पतला दुबला सा दिखने वाला नौजवान इतना मजबूत खिलाड़ी है। मजबूती और जीवट तो मानों रिकी की सबसे बड़ी ताकत है। रिकी को बतौर खिलाड़ी इतना मजबूत उनके बचपन के संघर्ष ने बनाया है।  
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मेघालय के खासी मिडफीलडर रिकी बताते हैं, 'मैं पैसे कमा अपने परिवार की  कुछ मदद कर सकूं इसके लिए पत्थर तोड़ा करता था। मुझसे परिवार के लिए जो कुछ भी मुमकिन हो सके, मैं वह करना चाहता था। अब मेरा सपना फुटबॉल में बड़ा नाम कमाना है। मेरा परिवार भी मेरे जरिए इसी सपने को जी रहा है। जिंदगी में मैंने भी अपने लिए अपने सपने बुने हैं।  इन्हीं सपनों को पूरा करना चाहता हूं। आप यदि मुझे तुरंत यह सवाल करेंगे कि मेरा सपना क्या है, तो मेरा जवाब होगा भारत को अंडर-17 फीफा विश्व कप फुटबॉल के लिए क्वॉलिफाई कराने की कोशिश करना।' 
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भारत ने अब किसी आयु वर्ग में फीफा विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई नहीं किया है। भारत अब तक केवल फीफा अंडर-17विश्व कप में बतौर मेजबान ही खेला था।  रिकी की बतौर मिडफील्डर मजबूती भारत को मलयेशिया में एएफसी अंडर-16 चैंपियनशिप के  सेमीफाइनल में स्थान दिला कर फीफा अंडर-17 विश्व कप के लिए क्वॉलिफाई करने की कोशिश में अहम साबित हो सकती है। रिकी कहते हैं, 'मैं भारत के लिए मैदान अपनी पूरी ताकत के साथ अपना सब कुछ झोंक दूंगा।'


'हमारी निगाह इतिहास बनाने पर तो है ही हमें इसे अमली जामा पहनाने का भी पूरा यकीन है। ग्रुप चरण के मैच मुश्किल होंगे। हर मैच मुश्किल होगा। हम एक समय में केवल एक मैच की बाबत सोंचेंगे । मैच दर मैच ही आगे बढ़ेंगे। हम किसी भी टीम को कम नहीं आंक सकते। ग्रुप चरण में हर टीम पूरी तैयारी के साथ आएगी और हम भी। यह हमारे जीवट का इम्तिहान होगा।'

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