नेपोली ने छठी बार कोपा इटेलियन ट्रॉफी जीती, युवेंटस को पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया
- जुवेंटस को पेनाल्टी शूटआउट में 4-2 से हराया
- रोनाल्डो का गोल से चूकना पड़ा जुवेंटस को भारी
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क्रिस्टियानो रोनाल्डो का खेल के पांचवें ही मिनट में गोल करने से चूकना जुवेंटस को भारी पड़ा। नतीजा नेपोली ने पेनाल्टी शूटआउट में जुवेंटस को 4-2 से शिकस्त देकर छठी बार इटालियन कप का खिताब जीत लिया। नेपोली ने छह साल बाद यह ट्रॉफी जीती। इस जीत से नेपोली को यूरोपा लीग ग्रुप चरण में सीधा प्रवेश भी मिल गया है। दर्शकों के बिना खेले गए मुकाबले में निर्धारित समय तक कोई टीम गोल नहीं कर पाई। हालांकि रोनाल्डो के पास खेल के पांचवें मिनट में गोल करने का मौका था लेकिन नेपोली के दूसरी पसंद के गोलकीपर अलेक्स मेरेट ने उनका प्रयास नाकाम कर दिया था।
रोनाल्डो की बारी से पहले हार गई टीम
रोनाल्डो की बारी आने से पहले ही आर्काडीज मिलिक ने नेपोली की तरफ से निर्णायक गोल दाग दिया था। रोनाल्डो को इटालियन कप में रिकॉर्ड 13 बार खिताब जीतने वाले जुवेंटस की ओर से आखिरी पेनाल्टी लेनी थी लेकिन इससे पहले पाउलो डायबेला का शॉट गोलकीपर ने रोक दिया, जबकि डेनिलो का शॉट क्रासबार के ऊपर से बाहर चला गया। ऐसे में पांच बार के बेलोन डिओर विजेता रोनाल्डो को मैदान पर खड़े होकर नेपोली को जीत दर्ज करते हुए देखना पड़ा। इस हार से रोनाल्डो अपने आंसू नहीं रोक पाए। उनके साथी जुआन कॉडराडो ने कहा,‘वह परिणाम से थोड़ा दुखी थे। जब भी मैच पेनाल्टी में जाता है तो वह लॉटरी की तरह हो जाता है।’
कोच बोले लय में नहीं हैं रोनाल्डो
जुवेंटस के कोच मॉरिजियो सारी ने कहा कि रोनाल्डो कोरोना के कारण तीन महीने तक फुटबॉल से बाहर रहने के बाद अपनी चिर परिचित तेजी को हासिल करने के लिए संघर्ष करते हुए दिखे। उन्होंने कहा,‘जब आप मैच नहीं खेल रहे होते हैं तो यह आम बात है।’