रोमांचक मुकाबले में लिवरपूल ने बार्सिलोना को हराकर किया उलटफेर, चैंपियंस लीग के फाइनल में पहुंची
- चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल में 4-3 की जीत के साथ फाइनल में पहुंचा लिवरपूल
- 33 साल बाद कोई टीम तीन गोल से पिछड़ने के बाद वापसी कर खिताबी मुकाबले में पहुंची
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लिवरपूल ने बार्सिलोना को चैंपियंस लीग सेमीफाइनल के दूसरे चरण में 4-0 से मात देकर कुल 4-3 की जीत के साथ फाइनल का टिकट कटा लिया। पहले चरण में घर में बार्सिलोना को 3-0 से जीत दिलाने कप्तान लियोनल मेसी और लुईस सुआरेज यहां कोई कमाल नहीं दिखा पाई। मेसी ने घर पहले चरण में दो और सुआरेज ने एक गोल किया था। 1986 के बाद यह पहला मौका है जब कोई टीम सेमीफाइनल में तीन गोल से पिछड़ने के बावजूद खिताबी मुकाबले में पहुंची। यह संयोग ही है कि 33 साल पहले बार्सिलोना ने ही ऐसा किया था। तब उसने स्वीडन के क्लब गोटेबोर्ग को हराया था।
लिवरपूल लगातार दूसरे साल और कुल नौवीं बार फाइनल में पहुंचा। ट्रॉफी के लिए अब लिवरपूल का सामना अजाक्स और टोटेनहम हॉटस्पर में होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से होगा।
ओरिगी व जॉर्जिनियो जीत के हीरो
लिवरपूल की जीत के हीरो डिवॉक ओरिगी और जार्जिनियो विजनाल्डम रहे। इन दोनों ने दो-दो गोल कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई। ओरिगी ने सातवें और 79वें मिनट में, जबकि विजनाल्डम (54वें, 56वें मिनट) ने दो मिनट के भीतर दो गोल किए।
बार्सिलोना की सबसे बड़ी हार
ला लीगा चैंपियन बार्सिलोना की यह सभी यूरोपियन मुकाबलों में इंग्लिश टीम के खिलाफ सबसे बड़ी हार है। वहीं इस सत्र में चैंपियंस लीग में यह उसकी पहली हार है। उसने 12 मैच खेले जिसमें से आठ जीते और तीन ड्रॉ रहे। पिछले चार वर्षों में यह तीसरा मौका है जब बार्सिलोना को सेमीफाइनल में हार मिली।
दूसरी इंग्लिश टीम
लिवरपूल लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी इंग्लिश टीम है। इससे पहले मैनचेस्टर यूनाइटेड ने 2008 और 2009 में ऐसा किया था।