FIFA World Cup: स्कालोनी के आंसू बता गए विश्वकप हार का दर्द! मेसी को बताया फुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी
विश्व कप फाइनल में स्पेन से हार के बाद अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कालोनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि ट्रॉफी नहीं जीत पाने का दर्द हमेशा रहेगा, लेकिन उन्हें अपनी टीम पर गर्व है। स्कालोनी ने मेसी को फुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी भी बताया।
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फीफा विश्व कप 2026 के फाइनल में स्पेन से 0-1 की हार के बाद अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनल स्कालोनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने आंसू नहीं रोक सके। एक्स्ट्रा टाइम में मिली इस हार ने न सिर्फ अर्जेंटीना से विश्व कप ट्रॉफी छीन ली, बल्कि कप्तान लियोनल मेसी के लगातार दूसरा विश्व कप जीतने के सपने पर भी विराम लगा दिया। हार के बाद स्कालोनी ने खिलाड़ियों के जज्बे की जमकर तारीफ की और कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है।
भावुक स्कालोनी ने कहा कि पूरी टीम ने अपनी आखिरी ताकत तक झोंक दी, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा, 'हम कई अहम खिलाड़ियों की चोटों से जूझते रहे। पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव बहुत ज्यादा था। इसके बावजूद उन्होंने आखिरी दम तक लड़ाई लड़ी।' स्कालोनी ने माना कि विश्व कप ट्रॉफी बचाने में नाकाम रहने का दर्द लंबे समय तक उनके साथ रहेगा। उन्होंने कहा, 'हमें इस बात का दुख रहेगा कि हम कप घर नहीं ला सके, लेकिन एक कोच के तौर पर मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।'
Lionel Scaloni broke down in tears and couldn’t finish his press conference.
— MC (@CrewsMat10) July 19, 2026
This is honestly a tough watch. 💔pic.twitter.com/EkEzYwuAVI
अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेरान टोरेस ने गोल कर पीछे कर दिया था। इसके बावजूद स्कालोनी को आखिरी क्षण तक उम्मीद थी कि उनकी टीम मुकाबले में वापसी करेगी। उन्होंने कहा, 'जब हमारे खिलाफ गोल हुआ, तब भी हमें भरोसा था कि हम मैच को आखिर तक ले जाएंगे और शायद कोई मौका मिल जाए।' हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फाइनल में स्पेन बेहतर टीम थी। उन्होंने कहा, 'हमें अपने प्रतिद्वंद्वी को पूरा श्रेय देना होगा। उन्होंने शानदार फुटबॉल खेली।'
स्कालोनी ने कप्तान लियोनल मेसी की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 39 साल की उम्र में भी मेसी जिस स्तर का खेल दिखा रहे हैं, वह अविश्वसनीय है। उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह हमेशा साफ था कि लियो (मेसी) जब तक चाहेंगे, खेलते रहेंगे। मुझे उम्मीद है कि पूरा देश उन पर और इस टीम पर गर्व करेगा।' स्कालोनी ने आगे कहा, 'मेरे लिए मेसी फुटबॉल खेलने वाले अब तक के सबसे महान खिलाड़ी हैं। उनका कद सिर्फ ट्रॉफियों या रिकॉर्ड से नहीं मापा जा सकता।'
स्कालोनी ने अनुभवी डिफेंडर निकोलस टैग्लियाफिको का भी जिक्र किया, जिन्होंने शारीरिक परेशानी के बावजूद मैदान छोड़ने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'टैग्लियाफिको ने शानदार मैच खेला। वह बाहर आना ही नहीं चाहते थे।' कोच ने पूरी टीम को 'सच्चा योद्धा' बताते हुए कहा कि कई मुश्किलों और चोटों के बावजूद खिलाड़ियों ने लगातार संघर्ष किया और लगातार दूसरे विश्व कप फाइनल तक पहुंचना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
विश्व कप ट्रॉफी बचाने का सपना टूटने के बावजूद स्कालोनी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का अंत निराशा से नहीं, बल्कि गर्व के साथ किया। उन्होंने कहा कि यह टीम हमेशा सम्मान की हकदार रहेगी क्योंकि उसने हर परिस्थिति में देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। हार का दर्द जरूर रहेगा, लेकिन इस टीम की उपलब्धियां अर्जेंटीना के फुटबॉल इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी।