700 करोड़ रुपए की इंडियन सुपर लीग
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पहले क्रिकेट की आईपीएल, उसके बाद हॉकी इंडिया लीग, इंडियन बैडमिंटन लीग, वर्ल्ड कबड्डी लीग और अब भारत में फुटबॉल की दुनिया भी बदलने जा रही हैं।
चार साल पहले भारतीय फुटबॉल संघ, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अमरीका के इंटरनैशनल मैनेजमेंट ग्रुप के बीच 15 साल के लिए 700 करोड़ रूपए का करार हुआ, और इसी के साथ योजना बनी इंडियन सुपर लीग की।
रविवार से शुरू हो रही इस लीग में दुनिया भर के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच भारतीय फुटबॉलर भी अपना दमखम दिखाएंगे।
कोलकाता के विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन में विधिवत उद्घाट्न समारोह होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य अथिति होंगी।
इसमें चार चांद लगाएंगे बालीवुड स्टार अमिताभ बच्चन, क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर और व्यवसायी मुकेश अंबानी।
इनामी राशि करोड़ों की
इस लीग में आठ टीमें हिस्सा लेंगी और इसकी कुल इनामी राशि 35 करोड़ रूपए होगी। विजेता टीम को 15 करोड़ और बाकि राशि उपविजेता और अन्य टीमों में बांट दी जाएगी।
इस लीग में 94 विदेशी खिलाड़ी खेलेंगे। हर टीम में लगभग 14 भारतीय खिलाड़ी होंगे। सभी टीमों में एक मार्की खिलाड़ी होगा।
मार्की खिलाड़ियों में इटली के अलेसांद्रो डेल के साथ दिल्ली डायनामोज ने 12 करोड़ रूपए का करार किया हैं। भारत के गोरमांगी सिंह को चेन्नई ने 80 लाख रूपए में खरीदा हैं।
इस लीग में शामिल टीम के मालिकों में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली शामिल हैं।
क्या फुटबॉल को सफलता मिलेगी?
इनके साथ बालीवुड स्टार अभिषेक बच्चन, रितिक रोशन, जॉन अब्राहम, रणबीर कपूर भी मालिक या सह-मालिक के रूप में जुड़े हुए हैं।
इंडियन सुपर लीग में एटलेटिको डि कोलकाता, चेन्नइयन एफसी, दिल्ली डायनामोज़, एफसी गोवा, केरल ब्लास्टर्स, मुंबई सिटी एफसी, नार्थईस्ट यूनाइटेड एफसी और एफसी पुणे शामिल हैं।
अब लाख टके का सवाल है कि इससे भारतीय फुटबॉल का कितना भला होगा?
फुटबॉल विशेषज्ञों का साफ-साफ कहना हैं कि एक तरफ़ जहां आई लीग से कुछ लाभ नहीं हुआ वैसे ही आईएसएल से भी शायद ही लाभ हो।
क्रिकेट, बालीवुड और व्यवसायिक जगत की बड़ी हस्तियों के जुड़े होने से इस लीग का प्रचार तो ख़ूब होगा, कुछ खिलाड़ी मालामाल भी होंगे, लेकिन पिछले दिनों पाकिस्तान से भी हारने वाली भारत की राष्ट्रीय टीम को मज़बूती मिलेगी इसमें संदेह हैं।