भारतीय फुटबॉल टीम के कोच ने कहा, कतर के खिलाफ इंडिया ने ड्रॉ खेल आलोचकों का मुंह बंद कर दिया
एशियाई चैम्पियन कतर के खिलाफ गोल रहित ड्रॉ से एक अंक बनाने से खुश भारतीय फुटबॉल टीम के कोच इगोर स्टिमक ने अपने खिलाड़ियों को फीफा विश्व कप क्वालीफायर में आत्ममुग्धता से बचने की सलाह दी है। क्रोएशिया के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को लय बरकरार रखते हुए आगामी मैचों में और अंक बनाने होंगे ।
उन्होंने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बतौर कोच मैं बहुत ज्यादा बड़े लक्ष्य निर्धारित करके समय बर्बाद नहीं करना चाहता । कुछ दिन पहले ही हम ओमान से हारे थे । इसके बावजूद इस मैच में एशियाई चैम्पियन के खिलाफ एक अंक लेकर मैं बहुत खुश हूं ।
उन्होंने कहा कि हमें कुछ पहलुओं पर काम करना होगा । मैं इस ड्रा के लिए अपनी टीम ही नहीं बल्कि कतर को भी बधाई देना चाहता हूं। भारतीय टीम के फिटनेस के स्तर पर ऊंगली उठाने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कोच ने कहा कि मैच के बाद की गई हर टिप्पणी का मैं जवाब नहीं दे सकता, क्योंकि फुटबॉल के बारे में सभी को जानकारी नहीं है । हमारी टीम फिट है और हमने यह साबित कर दिया ।
भारत को अब 15 अक्टूबर को बांग्लादेश से कोलकाता में खेलना है । कोच को उम्मीद है कि भारतीय फुटबाल के इस मक्का में मैदान खचाखच भरा होगा ।उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि इस मैच में 80000 दर्शक स्टेडियम में रहे । उन्हें हमारे समर्थन के लिए आना ही चाहिए।
भारत के कप्तान सुनील छेत्री ने मैच के बाद ट्वीट किया कि,
प्रिय भारत, यह मेरी टीम है और ये मेरे लड़के हैं। इस समय मैं कितना गर्व महसूस कर रहा हूं, इसका वर्णन नहीं कर सकता। तालिका के हिसाब से यह एक बड़ा परिणाम नहीं है, लेकिन मुकाबले के संदर्भ में यह बड़ा है। कोचिंग स्टाफ और ड्रेसिंग रूम को इसका बहुत बड़ा श्रेय जाता है।
Dear India, THAT is my team and THOSE are my boys! Cannot describe how proud I am at this moment. Not a big result for the table, but in terms of a fight, as big as it can get. Huge credit to the coaching staff and the dressing room. #QATIND
— Sunil Chhetri (@chetrisunil11) September 10, 2019
कतर के खिलाफ सुनील छेत्री की जगह कप्तानी करने वाले गुरप्रीत सिंह ने कहा कि उन्हें अपनी टीम पर गर्व है। इस मुकाबले से टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि फुटबॉल में कुछ भी संभव है।संधू यूरोपियन क्लब से खेलने वाले पहले भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी हैं। यही नहीं वह मोहम्मद सलीम, बाइचुंग भूटिया, सुनील छेत्री और सुब्रत पाल के बाद यूरोप में पेशेवर फुटबॉल खेलने वाले पांचवें भारतीय खिलाड़ी हैं। संधू पहले ऐसे भारतीय हैं जो यूईएफए यूराेप लीग में खेले। संधू भारतीय टीम के गोल पोस्ट पर चट्टान की तरह अड़े रहे, जिसे कतर के खिलाड़ी ढिगा नहीं सके।