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संतोष ट्रॉफी फुटबॉल के फाइनल दौर की मेजबानी की होड़ में दिल्ली और पंजाब
Tue, 26 Feb 2019 08:12 AM IST
अभिषेक निगम
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
सत्येन्द्र पाल सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक निगम
Updated Tue, 26 Feb 2019 08:12 AM IST
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दिल्ली और पंजाब सीनियर राष्ट्रीय संतोष ट्रॉफी फुटबॉल चैंपियनशिप 2018-19 के फाइनल दौर की मेजबानी की होड़ में हैं। फाइनल दौर 1 से 15 अप्रैल तक होगा।
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दरअसल, दिल्ली को सबसे पहले इसकी मेजबानी का प्रस्ताव दिया गया था, लेकिन तब उसने इसमें बहुत रूचि नहीं दिखाई थी। दिल्ली और पंजाब ने उत्तर क्षेत्र से संतोष ट्रॉफी के फाइनल दौर के लिए क्वालिफाई किया है। दरअसल, दिल्ली ने अपनी टीम के फाइनल दौर के लिए क्वॉलिफाई करने के बाद ही इसकी मेजबानी में जब ज्यादा रूचि दिखाई तो तब पंजाब ने अपना दावा ठोक कर उसके सामने कड़ी चुनौती पेश कर दी है।
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अखिल भारतीय फुटबॉल संघ (एआईएफएफ) का निरीक्षण दल दिल्ली और पंजाब के संतोष ट्रॉफी के फाइनल दौर की मेजबानी के लिए दोनों जगह इसके मैचों के आयोजन स्थलों का निरीक्षण कर इसकी मेजबानी किसे सौंपी जाए इस बाबत अंतिम फैसला लेगा।
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दिल्ली को यदि संतोष ट्रॉफी के फाइनल दौर की मेजबानी सौंपी जाती है तो 2004 के बाद वह दूसरी बार की इसकी मेजबानी करेगी। दिल्ली ने 2004 में पूरी संतोष ट्रॉफी सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी की थी।
दिल्ली सॉकर एसोसिएशन (डीएसए) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक डीएसए इसकी मेजबानी के लिए कमर कस चुकी है। दिल्ली ने जब 2004 में संतोष ट्रॉफी सीनियर राष्ट्रीय फुटबॉल की मेजबानी की थी तब आयोजन खासा सफल रहा था।
डीएसए के प्रवक्ता नरिंदर भाटिया के मुताबिक, 'दिल्ली को यदि संतोष ट्रॉफी के फाइनल दौर की मेजबानी मिलती है तो सभी मैच डॉ. अंबेडकर फुटबॉल स्टेडियम में ही होंगे। फाइनल दौर के लिए क्वॉलिफाई कर चुकी टीमों को दो ग्रुप में बांटा जाएगा।'
'दरअसल, एआईएफएफ का निरीक्षण दल दिल्ली में डॉ. अंबेडकर स्टेडियम में मैचों के साथ प्रैक्टिस मैचों के लिए विभिन्न मैदानों का भी निरीक्षण कर उनका जायजा लेने के बाद मेजबानी किसे सौंपी जाए इस बाबत अंतिम फैसला करेगा। हमारे पास प्रैक्टिस मैचों के लिए जवाहर नेहरू स्टेडियम के मुख्य मैदान से बाहर प्रैक्टिस मैदान के साथ अक्षर धाम पर भी प्रैक्टिस मैदान है।'
संतोष ट्रॉफी के फाइनल दौर के लिए उत्तर क्षेत्र से दिल्ली और पंजाब, पूर्व क्षेत्र से ओडिशा और सिक्किम, पूर्वोत्तर क्षेत्र से असम और मेघायल, दक्षिण क्षेत्र से सर्विसेज और कर्नाटक, पश्चिम क्षेत्र से गोवा और महाराष्ट्र की सहित दस टीमें क्वॉलिफाई कर चुकी हैं। 32 बार की चैंपियन बंगाल और 2018 की चैंपियन केरल की टीम क्वॉलिफाइंग दौर में हार कर बाहर हो चुकी हैं।