फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Sports ›   Football ›   Controversy continues in Indian football, AIFF chief Kalyan Chaubey makes serious allegations against Baichung

Kalyan Chaubey vs Baichung Bhutia: भारतीय फुटबॉल में विवाद जारी, AIFF प्रमुख चौबे ने भूटिया पर लगाए गंभीर आरोप

Sat, 14 Jun 2025 10:54 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Sat, 14 Jun 2025 10:54 AM IST
सार

चौबे बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल (बीबीएफएस) का जिक्र कर रहे थे, जिसकी देश भर में कई अकादमियां हैं। भूटिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चौबे को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अकादमी कैसे चलाई जाती है।

विज्ञापन
Controversy continues in Indian football, AIFF chief Kalyan Chaubey makes serious allegations against Baichung
बाइचुंग भूटिया और कल्याण चौबे - फोटो : ANI

विस्तार

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष कल्याण चौबे ने शुक्रवार को बाईचुंग भूटिया पर अपने ‘निहित स्वार्थ’ के लिए व्यावसायिक अकादमियां चलाने का आरोप लगाया। राष्ट्रीय टीम के पूर्व कप्तान ने हालांकि इन आरोपों को निराधार बताया।
विज्ञापन

चौबे का यह आरोप हाल ही में एएफसी एशियाई कप क्वालfफाइंग दौर के मैच में हांगकांग से भारत की चौंकाने वाली हार के बाद भूटिया द्वारा एआईएफएफ प्रमुख के पद से इस्तीफा मांगने के जवाब में था। भूटिया ने कहा था कि चौबे ने भारतीय फुटबॉल को नष्ट कर दिया है। चौबे से जब भूटिया की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'वह अपने नाम से एक व्यावसायिक फुटबॉल स्कूल चलाते हैं। वह 20 विभिन्न शहरों में हैं। इस फुटबॉल स्कूल में खिलाड़ी 1000 से एक लाख रुपये तक का भुगतान करते हैं। उनसे एक हजार से 10000 रुपये तक महीना लिया जाता है।'
विज्ञापन
विज्ञापन

चौबे बाइचुंग भूटिया फुटबॉल स्कूल (बीबीएफएस) का जिक्र कर रहे थे, जिसकी देश भर में कई अकादमियां हैं। एआईएफएफ अध्यक्ष ने कहा, 'यह पूरी तरह से निहित स्वार्थ है, पूरी तरह से व्यावसायिक है। वे (अकादमी) परिवारों की भावनाओं, लोगों की भावनाओं के साथ खेलकर अनुचित लाभ उठा रहे हैं। लोग सोचते है कि उस व्यक्ति ने भारतीय फुटबॉल के उच्चतम स्तर पर पहुंच बनाई है और अगर मैं (अकादमी में बच्चा) उनकी अकादमी का हिस्सा बन सकता हूं, तो मैं भी एक फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में अपना जीवन बना सकता हूं।'
विज्ञापन

भूटिया ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि चौबे को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अकादमी कैसे चलाई जाती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने फुटबॉल स्कूल अपनी मेहनत की कमाई से खोले हैं। भूटिया ने सिक्किम से ‘पीटीआई’ से कहा, 'वह (चौबे) ऐसे व्यक्ति हैं जिनके पास जानकारी का आभाव है। वह बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्हें फुटबॉल अकादमी के बारे में कुछ भी नहीं पता। मैंने 14 साल पहले अपनी मेहनत की कमाई से फुटबॉल स्कूल खोले हैं। राज्यों, केंद्र और कॉरपोरेट्स से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली।'

उन्होंने कहा, 'पिछले दो सालों में बच्चों की मदद के लिए केवल कुछ ही प्रायोजक आए हैं। देश भर में मेरे स्कूलों में हर दिन 6000 से अधिक बच्चे खेलते हैं। एआईएफएफ भी ऐसा नहीं कर सकता।' उन्होंने कहा, 'वह फीस की बात कर रहे हैं लेकिन मेरे स्कूलों में 150 योग्य कोच और उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मैदानों का खर्च कौन उठाएगा, कोई भी मुझे वित्तीय रूप से मदद नहीं कर रहा है। अकादमी चलाने के लिए मुझे फीस तो लेनी ही होगी।  लेकिन मुझे नहीं पता कि वह कहां से 10,000 रुपये प्रति बच्चा प्रति माह की फीस की बात कर रहे हैं।हम इतना शुल्क नहीं लेते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Sports news in Hindi related to live update of Sports News, live scores and more cricket news etc. Stay updated with us for all breaking news from Sports and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed