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डोपिंग के बिना जीतना संभव न था: आर्मस्ट्रांग
वाशिंगटन/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 18 Jan 2013 12:56 PM IST
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डोपिंग मामले में दोषी पाए जाने के बाद सात टूर डि फ्रांस खिताब गंवा चुके साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने स्वीकार कर लिया है कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन किया था। आर्मस्ट्रांग ने अमेरिका की टीवी एंकर ओपेरा विंफ्रे के साथ इंटरव्यू में कहा, 'मैं इस स्थिति को एक बड़े झूठ की तरह देखता हूं जो मैंने बहुत बार दोहराया है। वो मेरे फैसले थे, वो मेरी गलतियां थीं और मैं यहां उनके लिए माफी मांगता हूं।'
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वर्षों से डोपिंग के आरोपों पर बोलने से बचते रहने वाले आर्मस्ट्रांग ने विंफ्रे के कार्यक्रम में बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि डोपिंग के बिना उनका टूर डि फ्रांस खिताब जीतना मुमकिन नहीं था। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि वो बहुत झूठ बोलते रहे। आर्मस्ट्रांग ने माना कि इस वक्त उनका आरोप स्वीकारना बहुत से लोगों को देरी से उठाया गया गया कदम लगेगा। लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ये खेल जगत का सबसे बड़ा डोपिंग कांड है।
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पिछले साल अमेरिका की डोपिंग विरोधी एजेंसी ने आर्मस्ट्रांग को डोपिंग का दोषी ठहराया था। इसके बाद उनके सभी टूर डि फ्रांस खिताब छीन लिए गए थे। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी साल 2000 के सिडनी ओलंपिक में आर्मस्ट्रांग का जीता कांस्य पदक छीन लिया है।
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'दवा लेने के बाद नहीं था मुझे डर'
कैंसर को मात देने के बाद साइक्लिंग प्रतियोगिताओं में परचम लहराने वाले आर्मस्ट्रांग ने माना कि 1999 से 2005 के दौरान उन्होंने जितने भी खिताब जीते, सबके लिए उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, 'टूर डि फ्रांस प्रतियागिता के दौरान जब मैंने प्रतिबंधित दवाओं को सेवन किया तो मुझे ऐसा नहीं लगा कि यह गलत है और न ही मुझे पकड़े जाने का डर था।
'डोपिंग जांच अधिकारियों का करुंगा मदद'
आर्मस्ट्रांग ने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी उन पर ही आती है। आर्मस्ट्रांग ने माना कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं थे, वो उनकी धौंस और धमकी का शिकार बनते थे। आर्मस्ट्रांग ने बताया कि 1990 के दशक के मध्य में जब उन्होंने कैंसर से लड़ाई लड़ी तो उनके अंदर 'हर कीमत पर जीतने की भावना' घर कर गई। लेकिन अब उन्होंने कहा कि वो साइक्लिंग में डोपिंग की छानबीन कर रहे अधिकारियों से पूरा सहयोग करेंगे।