CWG 2022: सेमीफाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम के साथ 'बेईमानी', शूटआउट में बवाल, भारतीय कोच रेफरी से भिड़ीं
India vs Australia Women's Hockey Semifinal: पेनल्टी शूटआउट में भारतीय टीम को 'बेईमानी' का सामना करना पड़ा। दरअसल, भारतीय गोलकीपर और कप्तान सविता पूनिया ने पहले शूट को बचा लिया था, लेकिन टाइमर ही चालू नहीं हो सका। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को उसी शूट को दोबारा लेने का मौका मिला। इस पर उनके खिलाड़ी ने कोई चूक नहीं की और गोल दाग दिया। इससे भारतीय टीम उबर नहीं सकी और पेनल्टी शूटआउट में 3-0 से हार गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारतीय टीम के साथ हुई बेईमानी
इस वीडियो में देखें पहले शूटआउट में क्या हुआ-
“Such decisions (the one at the start of the shootout) are tough to take but it’s part of sport and you have to accept it.”
— Madhav Singh 💙 (@Send4Singh) August 5, 2022
– India captain Savita Punia, nearly in tears, with a classy take.#CWG2022 #Hockey #hockeyindia #INDvsAUS #CWG2022India #CommonwealthGames2022 pic.twitter.com/kdFVMKsUpW
पूर्व कोच ने भी की आलोचना
भारतीय टीम शानदार खेली, पर बेईमानी ने हराया
जानें क्या है पूरा मामला
उनमें से एक के हाथ में स्टोपवॉच होता है। जैसे ही स्टोपवॉच पर आठ सेकेंड का टाइमर चालू होता है तो टेक्निकल टीम का दूसरा सदस्य हाथ नीचे गिराकर रेफरी को शूटआउट चालू करने का इशारा करता है। इसके बाद रेफरी शूटआउट लेने वाले/वाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने के लिए कहता है।
सविता ने पहले शूट को रोका, लेकिन टाइमर चालू नहीं हुआ
अगर ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम को पहले ही शूटआउट में गोल करने से रोका जाए, तो इससे किसी भी विपक्षी टीम का मनोबल बढ़ता है, लेकिन यहां कुछ उल्टा हुआ जिसने मैच का रुख ही बदल कर रख दिया। दरअसल, रेफरी ने टेक्निकल टीम को बिना देखे ही शूटआउट चालू करने का फैसला कर लिया, जबकि टेक्निकल टीम ने कभी हाथ गिराकर इसे शुरू करने का इशारा नहीं किया था।
शूटआउट शुरू होते ही टेक्निकल टीम की ऑफिशियल रेफरी को रुकने का इशारा भी करती हैं और माइक पर कुछ आवाज भी आती है, लेकिन तब तक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी गेंद को लेकर आगे बढ़ चुकी होती हैं। बाद में जब टेक्निकल टीम की सदस्य रेफरी को यह बताती हैं, तो रेफरी उस शॉट को रीटेक लेने के लिए कहती हैं।
रेफरी ने तुरंत बदला फैसला
भारतीय कोच रेफरी से भिड़ीं
भारतीय महिला टीम की कोच जेनेक शोपमैन
हालांकि, रेफरी भारतीय टीम की बात को नहीं मानती है और ऑस्ट्रेलिया को एकबार फिर से पहला शूटआउट करने को मिलता। इस पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी गोल दागती है और 1-0 की बढ़त बना लेती है। यहीं से टीम इंडिया का मनोबल टूटता है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी तीन शूटआउट में गोल करती हैं और भारतीय टीम शूटआउट के एक भी प्रयास में गोल नहीं कर पाती है। इस तरह मैच ऑस्ट्रेलिया शूटआउट में 3-0 से जीत जाता है।
सोशल मीडिया पर FIH की आलोचना
पहले भी टीम इंडिया के साथ हो चुकी है ऐसी घटना
टोक्यो ओलंपिक के दौरान भारत बनाम जर्मनी ब्रॉन्ज मेडल मैच
भारतीय फैन्स घटना से काफी निराश
कप्तान सविता पूनिया और बाकी खिलाड़ी रो पड़ीं
कोच शोपमैन ने की आलोचना
शोपमैन ने कहा- इसने हमारी गति को प्रभावित किया। रीटेक में गोल हुआ और सबकुछ तितर-बितर हो गया। लोगों को लगता है कि इससे खेल पर असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उसका असर पड़ता है। इस खेल के साथ हमारा इमोशन भी जुड़ा हुआ है। मैं इसलिए भी गुस्से में हूं क्योंकि अंपायर भी इसे नहीं समझते हैं। ऑस्ट्रेलियाई शिकायत नहीं कर रहे थे, क्योंकि वे जानते थे कि उन्होंने गोल मिस किया है। उन्हें आसानी से गोल करने का कुछ वक्त और मिल गया। वह इसे क्यों छोड़ते?
शोपमैन ने कहा- मुझे लगता है कि FIH और इन खेलों के प्रतिनिधि खेल और उससे जुड़ी भावनाओं को नहीं समझते हैं, जो इनमें शामिल हैं। मैंने अपने खेलने के समय और अब कोचिंग करियर में कभी भी ऐसा कुछ अनुभव नहीं किया है। यह दुखद है।
एफआईएच ने मांगी माफी
इस मामले पर एफआईएच ने माफी मांगी है। एफआईएच ने बयान में कहा, ‘‘ बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में ऑस्ट्रेलिया और भारत की महिला टीमों के बीच खेले गए सेमीफाइनल मैच के दौरान शूटआउट गलती से बहुत जल्दी शुरू हो गया था (तब घड़ी संचालित होने के लिए तैयार नहीं थी) जिसके लिए हम माफी मांगते हैं।’’
बयान में आगे कहा गया है, ‘‘इस तरह की परिस्थिति में दोबारा पेनल्टी शूटआउट लेने की प्रक्रिया है और ऐसा किया भी गया। एफआईएच इस घटना की पूरी जांच करेगा ताकि भविष्य में इस तरह के मसलों से बचा जा सके।’’