CWG 2014: विजेंदर समेत 4 मुक्केबाज पहुंचे फाइनल में
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जबकि मुक्केबाजी में भारत को महिला वर्ग में पिंकी जांगड़ा से कांस्य पदक पर ही संतोष करना पड़ेगा। पिंकी सेमीफाइनल में अपना मुकाबला हार गई हैं।
विजेंदर सिंह और देवेंद्रो लैशराम समेत भारत के चार मुक्केबाज अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गए है। अब इन मुक्केबाजों से देश को एक और जीत के साथ स्वर्ण पदक की आस है।
सीमा ने दिलाया भारत को रजत पदक
भारत की सीमा अंतिल पुनिया ने अपने पांचवे प्रयास में 61.61 मीटर की दूरी तक चक्का फेंक कर ग्लासगो कॉमनवेल्थ्ा गेम्स की एथलेटिक्स प्रतियोगिता महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में शुक्रवार को रजत पदक जीत लिया।
भारत का इन खेलों में एथलेटिक्स में यह दूसरा पदक और ओवरआल 49वां पदक है। पुरुष डिस्कस थ्रोअर विकास गौड़ा ने बृहस्पतिवार को स्वर्ण पदक जीता था।
सीमा ने चार वर्ष पहले दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में 58.46 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता था लेकिन इस बार उन्होंने 61.61 मीटर दूरी नापकर रजत अपने नाम कर लिया।
बृहस्पतिवार को हुए क्वालीफिकेशन राउंड के ग्रुप ए में सीमा ने 58.44 मीटर के थ्रो से दूसरे स्थान पर रही थीं। लेकिन फाइनल में सीमा ने अपने पहले प्रयास में 53.64 मीटर थ्रो किया था जबकि दूसरे प्रयास में 58.57 मीटर मीटर फेंका था।
सीमा ने अपने तीसरे प्रयास में 58.62 मीटर थ्रो किया था जबकि चौथा और छठवां प्रयास उनका फाउल रहा। दिल्ली में स्वर्ण पदक जीतने वाली कृष्णा पूनिया का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह 57.84 मीटर की थ्रो के साथ पांचवे स्थान पर रहीं।
कृष्णा ने दिल्ली में 61.51 मीटर की थ्रो फेंकी थी जबकि उनका व्यक्तिगत श्रेष्ठ 64.76 मीटर थ्रो है। ऑस्ट्रेलिया की डेनी सैम्युअल्स ने 64.88 मीटर की थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि इंग्लैंड की जेड लैली को 60.48 मीटर की थ्रो के साथ कांस्य पदक मिला।
फाइनल में चार भारतीय मुक्केबाज
टूर्नामेंट के नौंवे दिन शुक्रवार को विजेंदर ने एक बार फिर अपनी क्षमता का परिचय देते हुए पुरुषों के 75 किग्रा भार वर्ग में आयरलैंड के कोनोर कोएल को एकतरफा अंदाज में 3-0 से पराजित कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। फाइनल में विजेंदर का मुकाबला इंग्लैंड के एंथोनी फाउलर से होगा।
जबकि पुरुषों के 69 किग्रा वर्ग में मनदीप जांगडा, 49 किग्रा वर्ग में लेशराम देवेंद्रो और महिलाओं में लेशराम सरिता देवी ने 57-60 किग्रा वर्ग में अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है।
जांगड़ा ने सेमीफाइनल में स्टीवन डोनेली को संघर्षपूर्ण मुकाबले के बाद में हराकर फाइनल में जगह बनाई। जांगड़ा फाइनल में स्वर्ण पदक के लिए इंग्लैंड के स्काट्ज फिट्जगेरार्ड से भिड़गे, जबकि देवेंद्रो उत्तरी आयरलैंड के पैडी बारर्नेस से और 32 वर्षीय सरिता देवी आस्ट्रेलिया की शैली वाट्स से पदक के लिए मुकाबला करेंगी।
हालांकि अपने 51 किग्रा भार वर्ग में पिंकी रानी सेमीफाइनल में हार गईं जिससे उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
मुक्केबाजी में पिंकी को मिला कांस्य पदक
पिंकी ने नेशनल ट्रॉयल में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मैरीकॉम को हराकर भारतीय बॉक्सिंग टीम में जगह बनाई थी। पिंकी को 0-2 से बाउट गंवाना पड़ा।
कजाखस्तान के जज ने 8 मिनट तक चले 4 राउंड के मुकाबले में दोनों बॉक्सरों को 38-38 स्कोर दिया जबकि कनाडा और हंगरी के जजों ने क्रमश: 40-36 और 39-37 से वाल्श के पक्ष में अपना फैसला सुनाया।
हरियाणा की 24 वर्षीय मुक्केबाज पहले राउंड में एक अंक से पीछे थे जबकि दूसरे राउंड में यह अंतर 2 अंकों का हो गया। तीसरे राउंड में पिंकी 3 अंकों से पीछे थी जबकि अंतिम राउंड में भारतीय मुक्केबाज के लिए अच्छा नहीं रहा। तीनों जजों ने 10-9 से फैसला वाल्श के पक्ष में दिया।
शरत-अमलराज का रजत पदक पक्का
स्वर्ण पदक के लिए होने वाले मुकाबले में कमल और अमलराज की जोड़ी सिंगापुर के गाओ निंग और लि हु की जोड़ी से भिड़ेगी।
कमल ने चार साल पहले दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में सुभाजीत साहा के साथ डबल्स का स्वर्ण पदक जीता था। पुरुषों के सिंगल्स में कमल ने नाइजीरिया के सेगुन टोरिओला को 11-5, 11-6, 11-7, 11-4 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
वर्ल्ड नंबर 44 कमल का अगला मुकाबला इंग्लैंड के पॉल ड्रिंकहॉल से होगा। 129वें वरीय 21 वर्षीय सौम्यजीत घोष ने तीसरे राउंड में वर्ल्ड नंबर 76 ली हु को 11-5, 2-11, 11-8, 11-8, 11-9 से हराकर सबसे बड़ी जीत दर्ज की। क्वार्टर फाइनल में अब उनका मुकाबला इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड से होगा।