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Commonwealth Games 2030: राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी पर आईओए ने कसी कमर, समझौते के लिए गठित की समिति
Mon, 20 Oct 2025 10:39 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 20 Oct 2025 10:39 AM IST
सार
भारत को इन खेलों की मेजबानी मिलते ही कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन (भारत) और कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) के बीच होस्ट कोलेबोरेशन एग्रीमेंट (मेजबान सहयोग समझौते) पर हस्ताक्षर करने होंगे।
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पीटी उषा
- फोटो : PTI
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विस्तार
राष्ट्रमंडल खेलों 2030 की मेजबानी पर कॉमनवेल्थ स्पोर्ट कार्यकारिणी की मुहर लगाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इन खेलों की मेजबानी पुख्ता बनाने पर कार्य शुरू कर दिया है। 26 नवंबर को भारत को इन खेलों की मेजबानी मिलते ही कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन (भारत) और कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन (सीजीएफ) के बीच होस्ट कोलेबोरेशन एग्रीमेंट (मेजबान सहयोग समझौते) पर हस्ताक्षर करने होंगे। खेलों पर होने वाले खर्च, राजस्व की साझेदारी से लेकर अन्य अहम बातें इस समझौते के तहत ही तय होंगी। समझौते को तैयार करने के लिए लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह की अगुआई में नौ सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया।
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प्रायोजक राशि की हिस्सेदारी भी तय होगी
ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का आधा मेजबान सहयोग समझौता (एचसीए) होता है। भारत को 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी 2003 में जमैका में मिली। इस दौरान भी सीजीएफ, आईओए, भारत सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समझौता हुआ था। भारत की ओर से उस दौरान तकरीबन 18 सौ करोड़ के खर्च की गारंटी दी गई थी, बाद में इन खेलों की लागत 1,115 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठी थी, इस राशि में खेलो से इतर इन्फ्रस्ट्रक्चर का खर्च शामिल नहीं है।
ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का आधा मेजबान सहयोग समझौता (एचसीए) होता है। भारत को 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी 2003 में जमैका में मिली। इस दौरान भी सीजीएफ, आईओए, भारत सरकार और दिल्ली सरकार के बीच समझौता हुआ था। भारत की ओर से उस दौरान तकरीबन 18 सौ करोड़ के खर्च की गारंटी दी गई थी, बाद में इन खेलों की लागत 1,115 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठी थी, इस राशि में खेलो से इतर इन्फ्रस्ट्रक्चर का खर्च शामिल नहीं है।
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गुजरात सरकार होगी बड़ी साझेदार
एचसीए का बड़ा हिस्सा गुजरात सरकार, केंद्रीय खेल मंत्रालय और आईओए रहेगा जिसमें कानूनी, व्यवसायिक, परिचालन संबंधी मुद्दे रहेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह के मुताबिक एचसीए में देश और आईओए के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा और एथलीटों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आए, इसका भी ख्याल रखा जाएगा। समिति के अन्य सदस्यों में राजलक्ष्मी सिंह देव, गगन नारंग, कल्याण चौबे, अलकनंदा अशोक, अमिताभ शर्मा, रोहित राजपाल, सहदेव यादव, भूपिंदर सिंह बाजवा शामिल हैं।
एचसीए का बड़ा हिस्सा गुजरात सरकार, केंद्रीय खेल मंत्रालय और आईओए रहेगा जिसमें कानूनी, व्यवसायिक, परिचालन संबंधी मुद्दे रहेंगे। लेफ्टिनेंट जनरल हरपाल सिंह के मुताबिक एचसीए में देश और आईओए के हितों को सर्वोपरि रखा जाएगा और एथलीटों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आए, इसका भी ख्याल रखा जाएगा। समिति के अन्य सदस्यों में राजलक्ष्मी सिंह देव, गगन नारंग, कल्याण चौबे, अलकनंदा अशोक, अमिताभ शर्मा, रोहित राजपाल, सहदेव यादव, भूपिंदर सिंह बाजवा शामिल हैं।