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Boxing: युद्ध लड़कर आ रहे यूसिक फिर बने बॉक्सिंग हेवीवेट चैंपियन, ब्रिटेन के एंथोनी जोशुआ को दूसरी बार हराया
Sun, 21 Aug 2022 11:41 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जद्दाह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, जद्दाह
Published by: रोहित राज
Updated Sun, 21 Aug 2022 11:41 PM IST
सार
पैंतीस साल के यूसिक ने युद्ध के दौरान लगभग छह महीनों में डब्ल्यूबीए, डब्ल्यूबीओ और आईबीएफ बेल्ट सुरक्षित रखी है। इस जीत के साथ उन्होंने रिंग मैगजीन बेल्ट भी अपने नाम की।
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ओलेक्जेंडर यूसिक
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रूस के खिलाफ युद्ध लड़कर आ रहे यूक्रेन के मुक्केबाज ओलेक्जेंडर यूसिक ने ब्रिटेन के एंथोनी जोशुआ को हराकर अपना विश्व हेवीवेट खिताब सुरक्षित रखा। पिछले साल भी यूसिक ने जोशुआ को हराया था लेकिन इस बार मुकाबला ज्यादा कड़ा रहा। किंग अब्दुल्ला स्पोर्ट्स सिटी एरिना में निर्णय से पहले दोनों मुक्केबाजों ने यूक्रेन का ध्वज ले रखा था, जब यूसिक को विजेता घोषित किया गया तो उन्होंने यूक्रेनी झंडे के पीछे अपना चेहरा छिपा लिया।
टायसन फ्यूरी से लड़ने की चाह
पैंतीस साल के यूसिक ने युद्ध के दौरान लगभग छह महीनों में डब्ल्यूबीए, डब्ल्यूबीओ और आईबीएफ बेल्ट सुरक्षित रखी है। इस जीत के साथ उन्होंने रिंग मैगजीन बेल्ट भी अपने नाम की। अब बस डब्ल्यूबीसी की बेल्ट उनके पास नहीं है जो टायसन फ्यूरी के रिटायरमेंट के बाद खाली हो गई है। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि टायसन फ्यूरी अभी संन्यास नहीं लेंगे। वह मुझसे भिड़ना चाहेंगे।
मुकाबले से पहले जेलेंस्की ने भेजा संदेश
यूसिक को मुकाबले से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने संदेश भेजा था। इस जीत के साथ यूसिक ने युद्धपीड़ित यूक्रेन के लोगों को खुशी का मौका प्रदान किया। जब मुकाबला समाप्त हुआ तो दोनों मुक्केबाज थककर चूर हो गए थे। यूसिक रिंग में गिर पड़े और ऊपर की ओर देखने लगे। जोशुआ ने आकर उन्हें गले लगाया। रिंग में ही जोशुआ ने यूसिक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूक्रेन के हालात के बीच उन्होंने बेहतरीन मुकाबला खेला।
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रामला की एक मिनट पांच सेकंड में जीत
यूसिक और जोशुआ के बीच मुकाबले से पहले सोमालिया मूल की ब्रिटिश मुक्केबाज रामला अली ने डोमनिक गणराज्य की क्रिस्टल गार्सिया को एक मिनट पांच सेकंड में नॉकआउट कर दिया। यह सउदी अरब में महिलाओं का पहला प्रो बॉक्सिंग मुकाबला था। रामला ने लगातार सातवां मुकाबला जीता।
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टायसन फ्यूरी से लड़ने की चाह
पैंतीस साल के यूसिक ने युद्ध के दौरान लगभग छह महीनों में डब्ल्यूबीए, डब्ल्यूबीओ और आईबीएफ बेल्ट सुरक्षित रखी है। इस जीत के साथ उन्होंने रिंग मैगजीन बेल्ट भी अपने नाम की। अब बस डब्ल्यूबीसी की बेल्ट उनके पास नहीं है जो टायसन फ्यूरी के रिटायरमेंट के बाद खाली हो गई है। इस बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि टायसन फ्यूरी अभी संन्यास नहीं लेंगे। वह मुझसे भिड़ना चाहेंगे।
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मुकाबले से पहले जेलेंस्की ने भेजा संदेश
यूसिक को मुकाबले से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने संदेश भेजा था। इस जीत के साथ यूसिक ने युद्धपीड़ित यूक्रेन के लोगों को खुशी का मौका प्रदान किया। जब मुकाबला समाप्त हुआ तो दोनों मुक्केबाज थककर चूर हो गए थे। यूसिक रिंग में गिर पड़े और ऊपर की ओर देखने लगे। जोशुआ ने आकर उन्हें गले लगाया। रिंग में ही जोशुआ ने यूसिक की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूक्रेन के हालात के बीच उन्होंने बेहतरीन मुकाबला खेला।
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रामला की एक मिनट पांच सेकंड में जीत
यूसिक और जोशुआ के बीच मुकाबले से पहले सोमालिया मूल की ब्रिटिश मुक्केबाज रामला अली ने डोमनिक गणराज्य की क्रिस्टल गार्सिया को एक मिनट पांच सेकंड में नॉकआउट कर दिया। यह सउदी अरब में महिलाओं का पहला प्रो बॉक्सिंग मुकाबला था। रामला ने लगातार सातवां मुकाबला जीता।