{"_id":"6ab8d9059cdbc290e10b1b26","slug":"india-no-medal-in-badminton-what-went-wrong-at-asian-games-organisers-face-questions-over-packed-schedule-2026-09-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बैडमिंटन में एक भी व्यक्तिगत पदक नहीं, वजह क्या?: 24 घंटे में 3-3 मैच पर बवाल! एशियाड के आयोजकों पर उठे सवाल","category":{"title":"Badminton","title_hn":"बैडमिंटन","slug":"badminton"}}
बैडमिंटन में एक भी व्यक्तिगत पदक नहीं, वजह क्या?: 24 घंटे में 3-3 मैच पर बवाल! एशियाड के आयोजकों पर उठे सवाल
Sun, 27 Sep 2026 02:21 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 27 Sep 2026 02:21 PM IST
सार
एशियाई खेलों में बैडमिंटन से भारत को इस बार व्यक्तिगत स्पर्धा में कोई पदक नहीं मिला। बड़े खिलाड़ियों और मजबूत दावेदारों के बावजूद भारतीय शटलरों का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया। पीवी सिंधू को तो 24 घंटे से भी कम समय में तीन मुकाबले खेलने पड़े, जबकि कुछ खिलाड़ियों को एक ही दिन में दो-दो मैच खेलने पड़े। ऐसे में एशियाड के आयोजकों के मैच शेड्यूल और खिलाड़ियों को दिए गए आराम के समय पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
ध्रुव-तनीषा, सिंधू, उन्नति और गायत्री-त्रिशा
- फोटो : ANI
विस्तार
एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन से भारत को इस बार व्यक्तिगत स्पर्धा में कोई पदक नहीं मिला। बड़े खिलाड़ियों और मजबूत दावेदारों के बावजूद भारतीय शटलरों का अभियान क्वार्टर फाइनल में ही खत्म हो गया। पीवी सिंधू और उन्नति हूडा को तो 24 घंटे से भी कम समय में तीन मुकाबले खेलने पड़े, जबकि आयुष शेट्टी को एक ही दिन में दो-दो मैच खेलने पड़े। ऐसे में एशियाड के आयोजकों के मैच शेड्यूल और खिलाड़ियों को दिए गए आराम के समय पर सवाल उठ रहे हैं। खुद पीवी सिंधू ने भी इस पर सवाल खड़े किए हैं। एशियाड से बाहर होने के बाद उनका बयान सामने आया है।
विज्ञापन
उन्नति और आयुष
- फोटो : ANI/PTI
भारत को रविवार को मिली निराशा
एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन से भारत के लिए रविवार का दिन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू के क्वार्टर फाइनल में हार के साथ भारतीय बैडमिंटन का व्यक्तिगत अभियान भी खत्म हो गया। सिंधू को चीन की टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई ने 21-11, 18-21, 10-21 से हराया। सिंधू ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद चेन ने वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए।
भारत की उन्नति हूडा भी दुनिया की नंबर तीन खिलाड़ी अकाने यामागुची के खिलाफ तीन गेम के मुकाबले में 16-21, 21-14, 17-21 से हार गईं। इससे पहले तनीषा क्रास्टो-ध्रुव कपिला और त्रिशा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियां भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले गंवा चुकी थीं। इस तरह चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।
एशियन गेम्स 2026 में बैडमिंटन से भारत के लिए रविवार का दिन निराशाजनक रहा। पीवी सिंधू के क्वार्टर फाइनल में हार के साथ भारतीय बैडमिंटन का व्यक्तिगत अभियान भी खत्म हो गया। सिंधू को चीन की टोक्यो ओलंपिक चैंपियन चेन यू फेई ने 21-11, 18-21, 10-21 से हराया। सिंधू ने पहला गेम आसानी से अपने नाम किया, लेकिन इसके बाद चेन ने वापसी करते हुए लगातार दो गेम जीत लिए।
भारत की उन्नति हूडा भी दुनिया की नंबर तीन खिलाड़ी अकाने यामागुची के खिलाफ तीन गेम के मुकाबले में 16-21, 21-14, 17-21 से हार गईं। इससे पहले तनीषा क्रास्टो-ध्रुव कपिला और त्रिशा जॉली-गायत्री गोपीचंद की जोड़ियां भी अपने-अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले गंवा चुकी थीं। इस तरह चारों क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में भारतीय चुनौती समाप्त हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्नति और सिंधू
- फोटो : ANI
24 घंटे में तीसरा मैच, सिंधू-उन्नति पर कितना दबाव?
24 घंटे में तीन मैच, सिंधू बोलीं- रिकवरी सबसे जरूरी
सिंधू ने एशियन गेम्स में 24 घंटे के भीतर तीन मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताई है। सिंधू ने कहा कि टूर्नामेंट का बैडमिंटन शेड्यूल ठीक तरह से व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को रिकवरी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू ने रविवार को महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यू फेई के खिलाफ मुकाबला खेला, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सिंधू ने कहा, 'शेड्यूलिंग वास्तव में अच्छी तरह से व्यवस्थित नहीं थी। हम शनिवार रात काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आकर मैच खेलना पड़ा। रिकवरी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।'
- सिंधू के लिए इस एशियाड में कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहा। महिला एकल क्वार्टर फाइनल से पहले उन्हें 24 घंटे से भी कम समय में अपना तीसरा मुकाबला खेलना पड़ा। इससे पहले भी उनका मुकाबला 12 घंटे से कम अंतर में हुआ था। ऐसे में लगातार मैचों के बीच रिकवरी का समय सीमित रहा। कुछ ऐसा ही हाल उन्नति हूडा के साथ रहा। उन्नति ने 26 सितंबर को दो मैच खेले और फिर आज सुबह तीसरा मैच खेला।
- किसी भी खिलाड़ी के लिए लगातार इतने कम अंतराल में मुकाबले खेलना शारीरिक चुनौती होती है। सिंधू और उन्नति को भी क्वार्टर फाइनल में तीन गेम तक संघर्ष करना पड़ा। सिंधू ने पहले गेम में 21-11 से दबदबा बनाया, लेकिन इसके बाद चेन ने अपनी लय बदली और अगले दोनों गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। उन्नति ने भी यामागुची के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद दूसरे गेम में वापसी की, लेकिन तीसरा गेम हार गईं।
- 26 सितंबर को पीवी सिंधू ने 12 घंटे के अंदर दो मैच खेले थे। उन्होंने दूसरे राउंड में पिन चियेन चियू को 21-19, 21-14 से हराया था। फिर 26 सितंबर को ही राउंड ऑफ-16 में जापान की तोमोका मियाजाकी को 21-9, 21-13 से शिकस्त दी थी।
24 घंटे में तीन मैच, सिंधू बोलीं- रिकवरी सबसे जरूरी
सिंधू ने एशियन गेम्स में 24 घंटे के भीतर तीन मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताई है। सिंधू ने कहा कि टूर्नामेंट का बैडमिंटन शेड्यूल ठीक तरह से व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को रिकवरी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू ने रविवार को महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में चीन की चेन यू फेई के खिलाफ मुकाबला खेला, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। सिंधू ने कहा, 'शेड्यूलिंग वास्तव में अच्छी तरह से व्यवस्थित नहीं थी। हम शनिवार रात काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आकर मैच खेलना पड़ा। रिकवरी सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता है।'
ध्रुव और तनीषा
- फोटो : Twitter
'मानसिक तैयारी से ज्यादा जरूरी रिकवरी'
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता ने कहा कि लगातार मुकाबलों के लिए सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह मानसिक रूप से तैयार होने से ज्यादा रिकवरी का मामला है। आप भले ही सोचें कि आप अच्छा कर रहे हैं, लेकिन शारीरिक रूप से आप कोर्ट पर जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो सकते।' सिंधू ने लंबे रैलियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में शरीर और खासकर पैरों पर असर पड़ता है। उन्होंने माना कि उनका मुकाबला कुल मिलाकर अच्छा रहा, लेकिन शेड्यूल बेहतर हो सकता था।
कैमरा नहीं होने पर भी सिंधू नाराज
सिंधू ने क्वार्टर फाइनल के दौरान लाइन कॉल को लेकर भी सवाल उठाए। जिस कोर्ट पर उनका मुकाबला हुआ, वहां हॉक-आई की सुविधा नहीं थी। सिंधू ने कहा, 'यह काफी दुखद था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर थे। एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था, क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले हैं।'
उन्नति ने यामागुची को भी दी टक्कर
उन्नति ने भी शेड्यूलिंग पर उठाया सवाल
युवा शटलर उन्नति हूडा ने भी व्यस्त कार्यक्रम पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने अपनी क्वार्टर फाइनल हार के लिए शेड्यूल को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी हार का दोष इसे नहीं दूंगी, लेकिन शेड्यूलिंग को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।'
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता ने कहा कि लगातार मुकाबलों के लिए सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा, 'यह मानसिक रूप से तैयार होने से ज्यादा रिकवरी का मामला है। आप भले ही सोचें कि आप अच्छा कर रहे हैं, लेकिन शारीरिक रूप से आप कोर्ट पर जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो सकते।' सिंधू ने लंबे रैलियों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में शरीर और खासकर पैरों पर असर पड़ता है। उन्होंने माना कि उनका मुकाबला कुल मिलाकर अच्छा रहा, लेकिन शेड्यूल बेहतर हो सकता था।
कैमरा नहीं होने पर भी सिंधू नाराज
सिंधू ने क्वार्टर फाइनल के दौरान लाइन कॉल को लेकर भी सवाल उठाए। जिस कोर्ट पर उनका मुकाबला हुआ, वहां हॉक-आई की सुविधा नहीं थी। सिंधू ने कहा, 'यह काफी दुखद था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर थे। एशियन गेम्स के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था, क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले हैं।'
उन्नति ने यामागुची को भी दी टक्कर
- युवा उन्नति हूडा के सामने दुनिया की नंबर तीन अकाने यामागुची की चुनौती थी। उन्नति ने पहला गेम 16-21 से गंवाने के बाद दूसरे गेम में शानदार वापसी की और 21-14 से जीत दर्ज कर मुकाबला बराबर कर दिया। निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष हुआ, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने दबाव के क्षणों में बढ़त बनाई और 21-17 से गेम जीत लिया। उन्नति की हार के साथ महिला एकल में भी भारत की चुनौती समाप्त हो गई।
- इससे पहले 26 सितंबर को उन्नति ने दूसरे राउंड में मलयेशिया की लिंग चिंग वोंग को 21-14, 20-22, 21-19 से हराया था। फिर 26 को ही राउंड ऑफ 16 मैच में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वरदानी को 21-19, 21-13 से शिकस्त दी थी।
उन्नति ने भी शेड्यूलिंग पर उठाया सवाल
युवा शटलर उन्नति हूडा ने भी व्यस्त कार्यक्रम पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने अपनी क्वार्टर फाइनल हार के लिए शेड्यूल को जिम्मेदार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा, 'मैं अपनी हार का दोष इसे नहीं दूंगी, लेकिन शेड्यूलिंग को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था।'
गायत्री और त्रिशा
- फोटो : PTI
तनीषा-ध्रुव ने नंबर एक जोड़ी को दी कड़ी टक्कर
मिक्स्ड डबल्स में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला का सामना दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन के फेंग यान्झे और हुआंग डोंगपिंग से हुआ। भारतीय जोड़ी को 21-14, 18-21, 21-18 से हार मिली। तनीषा और ध्रुव ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया। हालांकि तीसरे गेम में चीनी जोड़ी ने शुरुआती बढ़त का फायदा उठाया। भारतीय जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन फेंग और हुआंग ने दबाव बनाए रखते हुए 21-18 से गेम जीत लिया।
त्रिशा-गायत्री भी नहीं बचा सकीं चुनौती
महिला डबल्स में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना मलेशिया की पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन से था। भारतीय जोड़ी को 21-18, 21-9 से हार का सामना करना पड़ा। पहले गेम में त्रिशा और गायत्री ने कड़ी टक्कर दी और लंबे समय तक मुकाबला बराबरी का रहा। हालांकि मलेशियाई जोड़ी ने अंतिम चरण में बढ़त बनाई और गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 3-0 की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद लगातार नौ अंक गंवाने से मुकाबला हाथ से निकल गया।
मिक्स्ड डबल्स में तनीषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला का सामना दुनिया की नंबर एक जोड़ी चीन के फेंग यान्झे और हुआंग डोंगपिंग से हुआ। भारतीय जोड़ी को 21-14, 18-21, 21-18 से हार मिली। तनीषा और ध्रुव ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबला निर्णायक गेम तक पहुंचाया। हालांकि तीसरे गेम में चीनी जोड़ी ने शुरुआती बढ़त का फायदा उठाया। भारतीय जोड़ी ने वापसी की कोशिश की, लेकिन फेंग और हुआंग ने दबाव बनाए रखते हुए 21-18 से गेम जीत लिया।
त्रिशा-गायत्री भी नहीं बचा सकीं चुनौती
महिला डबल्स में त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सामना मलेशिया की पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन से था। भारतीय जोड़ी को 21-18, 21-9 से हार का सामना करना पड़ा। पहले गेम में त्रिशा और गायत्री ने कड़ी टक्कर दी और लंबे समय तक मुकाबला बराबरी का रहा। हालांकि मलेशियाई जोड़ी ने अंतिम चरण में बढ़त बनाई और गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने 3-0 की शुरुआत की, लेकिन इसके बाद लगातार नौ अंक गंवाने से मुकाबला हाथ से निकल गया।
लक्ष्य सेन और सात्विक-चिराग
- फोटो : ANI
लक्ष्य और सात्विक-चिराग भी पहले ही बाहर
भारत के अन्य बड़े नाम भी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लंबी दौड़ नहीं लगा सके। पुरुष एकल में लक्ष्य सेन दूसरे दौर में सिंगापुर के लोह कीन यू से हारकर बाहर हो गए। वहीं, हांगझोउ एशियाड के पुरुष डबल्स चैंपियन सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके और शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए।
भारत के अन्य बड़े नाम भी व्यक्तिगत स्पर्धाओं में लंबी दौड़ नहीं लगा सके। पुरुष एकल में लक्ष्य सेन दूसरे दौर में सिंगापुर के लोह कीन यू से हारकर बाहर हो गए। वहीं, हांगझोउ एशियाड के पुरुष डबल्स चैंपियन सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी भी इस बार अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके और शुरुआती दौर में ही बाहर हो गए।
पीवी सिंधू
- फोटो : ANI
एशियाड के इंतजामों पर फिर उठे सवाल
एशियाड के दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आयोजन से जुड़े इंतजामों को लेकर सवाल सामने आते रहे हैं। शूटिंग से जुड़े इंतजामों में प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचने में लगने वाले लंबे समय और वहां भोजन-पानी की उपलब्धता को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। रोइंग में भी मौसम और कार्यक्रम से जुड़ी मुश्किलें सामने आईं। एशियाड से पहले डुजुआन तूफान के कारण रोइंग कोर्स प्रभावित हुआ था और प्रतियोगिता कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
ऐसे में सिंधू जैसे खिलाड़ियों के लगातार व्यस्त कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बड़े बहु-खेल आयोजनों में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय कितना जरूरी है। बैडमिंटन का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन 24 घंटे से कम समय में तीन मुकाबलों की चुनौती ने इस मुद्दे को जरूर चर्चा में ला दिया है। बहरहाल भारत का बैडमिंटन अभियान अब समाप्त हो चुका है।
एशियाड के दौरान खिलाड़ियों और अधिकारियों की ओर से आयोजन से जुड़े इंतजामों को लेकर सवाल सामने आते रहे हैं। शूटिंग से जुड़े इंतजामों में प्रशिक्षण स्थल तक पहुंचने में लगने वाले लंबे समय और वहां भोजन-पानी की उपलब्धता को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। रोइंग में भी मौसम और कार्यक्रम से जुड़ी मुश्किलें सामने आईं। एशियाड से पहले डुजुआन तूफान के कारण रोइंग कोर्स प्रभावित हुआ था और प्रतियोगिता कार्यक्रम में बदलाव करना पड़ा।
ऐसे में सिंधू जैसे खिलाड़ियों के लगातार व्यस्त कार्यक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बड़े बहु-खेल आयोजनों में खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त आराम और रिकवरी का समय कितना जरूरी है। बैडमिंटन का कार्यक्रम पहले से तय था, लेकिन 24 घंटे से कम समय में तीन मुकाबलों की चुनौती ने इस मुद्दे को जरूर चर्चा में ला दिया है। बहरहाल भारत का बैडमिंटन अभियान अब समाप्त हो चुका है।