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Asian Games: अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर चयनित तीरंदाजों को फिर देना होगा ट्रायल, शीर्ष पर रहने से ही होगा फायदा
Mon, 21 Feb 2022 04:36 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 21 Feb 2022 04:36 AM IST
सार
तीरंदाजी संघ दो ट्रायल के बाद एशियाई खेल, चार विश्व कप के लिए टीम का चयन करेगी। पहला ओपन ट्रायल सात से 10 मार्च को सोनीपत में होगा।
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एशियन गेम्स
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हांगझोऊ एशियाई खेलों के लिए टीम में चयनित होने के बाद अब तीरंदाज मनमानी नहीं कर सकेंगे। भारतीय तीरंदाजी संघ की ओर से तैयार नीति के तहत अगर तीरंदाज पहले और दूसरे विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो उन्हें हांगझोऊ के लिए दोबारा ट्रायल देना होगा।
पिछले खेलों के दौरान संघ ने अनुभव किया कि तीरंदाज एक बार टीम में चयनित होने के बाद अपनी मनमानी कर अभ्यास में ढिलाई करते हैं। संघ के मुताबिक, पहले दो विश्व कप में शीर्ष पर रहने वाले रीकर्व भारतीय तीरंदाज से 10 अंक और कंपाउंड में पांच अंक नीचे का स्कोर करने वाला तीरंदाज पांच से आठ स्थान पर रहने वाले तीरंदाजों के साथ दोबारा ट्रायल देगा। यहां शीर्ष पर रहने वाले को एशियाई खेलों की टीम में जगह मिलेगी।
सोनीपत में दो ट्रायल के बाद चयनित होगी टीम
तीरंदाजी संघ दो ट्रायल के बाद एशियाई खेल, चार विश्व कप के लिए टीम का चयन करेगी। पहला ओपन ट्रायल सात से 10 मार्च को सोनीपत में होगा।
इसमें सीनियर, जूनियर राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट में पहले 16-16 स्थानों पर रहने वाले तीरंदाजों के अलावा बीते 12 माह में रीकर्व में 660 (पुरुष) 640 (महिला) और कंपाउंड में 700 (पुरुष) 690 (महिला) का मिनिमम क्वालिफिकेशन स्कोर (एमक्यूएस) करने वाले तीरंदाज खेलेंगे।
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यहां से 24-27 मार्च को सोनीपत में ही दूसरे ट्रायल के लिए 12-12 रीकर्व और कंपाउंड तीरंदाज खेलेंगे। साथ ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पहले चार स्थान पर रहने वाले तीरंदाज भी इसमें खेलेंगे। वहीं दूसरे ट्रायल से टॉप आठ तीरंदाजों का चयन होगा।
पहले चार तीरंदाज टीम ए और पांच से आठ पर रहने वाले टीम बी के लिए चयनित होंगे। टीम ए पहले दो विश्व कप, एशियाई खेलों में खेलेगी। यहीं तीरंदाजी संघ ने तीरंदाजों की राह कठिन की है।
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पिछले खेलों के दौरान संघ ने अनुभव किया कि तीरंदाज एक बार टीम में चयनित होने के बाद अपनी मनमानी कर अभ्यास में ढिलाई करते हैं। संघ के मुताबिक, पहले दो विश्व कप में शीर्ष पर रहने वाले रीकर्व भारतीय तीरंदाज से 10 अंक और कंपाउंड में पांच अंक नीचे का स्कोर करने वाला तीरंदाज पांच से आठ स्थान पर रहने वाले तीरंदाजों के साथ दोबारा ट्रायल देगा। यहां शीर्ष पर रहने वाले को एशियाई खेलों की टीम में जगह मिलेगी।
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सोनीपत में दो ट्रायल के बाद चयनित होगी टीम
तीरंदाजी संघ दो ट्रायल के बाद एशियाई खेल, चार विश्व कप के लिए टीम का चयन करेगी। पहला ओपन ट्रायल सात से 10 मार्च को सोनीपत में होगा।
इसमें सीनियर, जूनियर राष्ट्रीय रैंकिंग टूर्नामेंट में पहले 16-16 स्थानों पर रहने वाले तीरंदाजों के अलावा बीते 12 माह में रीकर्व में 660 (पुरुष) 640 (महिला) और कंपाउंड में 700 (पुरुष) 690 (महिला) का मिनिमम क्वालिफिकेशन स्कोर (एमक्यूएस) करने वाले तीरंदाज खेलेंगे।
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यहां से 24-27 मार्च को सोनीपत में ही दूसरे ट्रायल के लिए 12-12 रीकर्व और कंपाउंड तीरंदाज खेलेंगे। साथ ही राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पहले चार स्थान पर रहने वाले तीरंदाज भी इसमें खेलेंगे। वहीं दूसरे ट्रायल से टॉप आठ तीरंदाजों का चयन होगा।
पहले चार तीरंदाज टीम ए और पांच से आठ पर रहने वाले टीम बी के लिए चयनित होंगे। टीम ए पहले दो विश्व कप, एशियाई खेलों में खेलेगी। यहीं तीरंदाजी संघ ने तीरंदाजों की राह कठिन की है।